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Faridabad News: किसान आंदोलन से 150 करोड़ का कारोबार प्रभावित

Mon, 19 Feb 2024 10:59 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 19 Feb 2024 10:59 PM IST
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Business worth Rs 150 crore affected due to farmer movement
कच्चा माल समय पर नहीं पहुंचने से उद्योगों में 30 प्रतिशत गिरा उत्पादन
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धनंजय चौहान

फरीदाबाद। किसान आंदोलन से उद्योगों पर व्यापक असर दिखना शुरू हो गया है। अंबाला सहित अलग-अलग राज्यों में किसानों के सड़कों पर जमा होने से उद्योगों में कच्चे माल की आवाजाही प्रभावित हुई है। एक सप्ताह में करीब 150 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है जिससे उद्यमियाें की चिंता बढ़ गई है। यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं निकाला गया तो उद्योगों के सामने बढ़ा संकट खड़ा हो सकता है।
औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में छोटे-बड़े करीब 28 हजार उद्योग हैं। यहां सुई से लेकर एयरक्राफ्ट तक के पार्ट्स बनाए जाते हैं। उद्यमी हर साल करीब 10 हजार करोड़ सरकार को टैक्स अदा करते हैं। देश के विभिन्न राज्यों से यहां के उद्योगाें में कच्चा माल पहुंचता है और तैयार माल को ट्रकों और रेल मार्ग द्वारा दूसरे राज्यों में भेजा जाता है लेकिन किसान आंदोलन के चलते उद्योगाें पर काफी असर पड़ा है। किसानों के दिल्ली चलाे आंदोलन को रोकने के लिए सरकार द्वारा अंबाला स्थित शंभू बॉर्डर को सील कर दिया गया जिससे किसान वहां से आवाजाही न कर सकें। इसके साथ ही दिल्ली से लगती सीमाओं पर सख्ती बढ़ा दी गई है जिससे अंबाला, सोनीपत, पानीपत, रोहतक, हिमाचल आदि जिलों के रास्ते शहर के उद्योगों में पहुंचने वाले कच्चे माल की आवक कम हो गई है। इससे सप्लाई पर भी असर काफी पड़ा है। कच्चा माल समय पर नहीं पहुंचने से उत्पादन क्षमता में गिरावट दर्ज की गई है। इससे 24 घंटे चलने वाली कंपनियां अब 12 से 16 घंटे ही चल पा रही हैं।
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टैक्सटाइल इंडस्ट्री में कपड़ों के लिए कच्चे माल में आई कमी

शहर में टैक्सटाइल से जुड़े करीब 500 उद्योग हैं। इनमें कच्चा माल पानीपत के उद्योगों से आता है। किसान आंदोलन के कारण हाईवे से आने वाले कच्चे माल की आवक प्रभावित हुई है। समय पर कच्चे माल की आवक नहीं होने से कंपनियों में उत्पादन क्षमता में कमी आई है।
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उद्यमियों से बातचीत
किसान आंदोलन के कारण सबसे अधिक दिक्कत कच्चे माल की आवक में आई है। कच्चा माल कंपनियों में नहीं पहुंचने के कारण उत्पादन क्षमता में 30 प्रतिशत की गिरावट आई है।
- एमपी रुंगटा, चेयरमैन, कॉसमॉस फाइबर ग्लास प्राइवेट लिमिटेड


किसान आंदोलन से सामान के ट्रांसपोर्टेशन पर काफी असर पड़ा है। उत्तराखंड व हरियाणा के दूसरे जिलों में स्थित उद्योगों तक माल नहीं पहुंच पा रहा है। इस समस्या का सरकार को जल्द समाधान निकालना चाहिए।

- नवदीप चावला, पूर्व प्रधान, फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन


हमारी कंपनी ऑटो कंपोनेंट, स्टील मेटल पार्ट आदि तैयार करती है और दूसरे जिलों में लगे उद्योगों को सप्लाई करती है। जब से किसान आंदोलन शुरू हुआ है, तब से माल की आवाजाही में काफी समस्या आई है।
- केसी शर्मा, चेयरमैन, न्यूटेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
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