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अरावली क्षेत्र में अवैध फार्म हाउसों पर चला बुलडोजर
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फरीदाबाद में सूरजकुंड रोड पर अनंगपुर के पास अतिक्रमण हटाते नगर निगम कर्मचारी।
- फोटो : Faridabad
फरीदाबाद। वन विभाग की ओर से अरावली क्षेत्र में अवैध फार्म हाउसों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई। तोड़फोड़ दस्ते ने दो फार्म हाउसों को ढहा दिया। बृहस्पतिवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश पर कार्रवाई हुई। यहां बने 123 फार्म हाउसों को तोड़ा जाना है, हालांकि बृहस्पतिवार को केवल दो पर ही वन विभाग का बुलडोजर चला। इस मामले में 31 जनवरी को वन विभाग को एनजीटी में अपनी स्टेट्स रिपोर्ट सौंपनी है।
अरावली क्षेत्र में तेजी से गिरते जलस्तर को देखते हुए उच्चतम न्यायालय ने 6 मई 2002 को अरावली पहाड़ी को वन आरक्षित क्षेत्र घोषित कर दिया था। कोर्ट के इस आदेश के कारण यहां किसी भी प्रकार के निर्माण कार्रवाई अवैध है। एनजीटी में याचिका दायर कर कोर्ट के आदेश के बावजूद इस क्षेत्र में तेजी से फार्म हाउस का निर्माण कार्य जारी रखने का विरोध एक समाजसेवी ने किया है। याचिका कर्ता का आरोप है कि सरकार और शासन में रसूख रखने वाले लोगों ने कोर्ट के आदेशों को दरकिनार कर अवैध फार्म हाउस बना डाले है।
इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। एनजीटी में दायर अपील के तहत अवैध निर्माण तोड़ने की मांग की गई है। वहीं एनजीटी के आदेश के पर बनाई गई संयुक्त कमेटी की रिपोर्ट में 123 फार्म हाउसों को अवैध करार दिया गया है। सरकार को तोड़फोड़ की कार्रवाई कर 31 जनवरी को एनजीटी में अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। इसके कारण बृहस्पतिवार को यह कार्रवाई की गई।
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अनखीर और मेवला महाराजपुर गांव के आसपास अरावली वन क्षेत्र में बने अवैध फार्म हाउसों की लिस्ट बनाई गई थी। लिस्ट के अनुसार करीब 123 फार्म हाउस तोड़े जाने हैं। इनमें से 53 फार्म हाउस मेवला महाराजपुर और अनखीर में बने है। बृहस्पतिवार को तोड़फोड़ की कार्रवाई में समय अधिक लग गया है। इसलिए दो फार्म हाउसों को ही तोड़ा जा सका। तोड़फोड़ की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
- प्रदीप गुलिया, रेंज अधिकारी, वन विभाग, फरीदाबाद
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अरावली क्षेत्र में तेजी से गिरते जलस्तर को देखते हुए उच्चतम न्यायालय ने 6 मई 2002 को अरावली पहाड़ी को वन आरक्षित क्षेत्र घोषित कर दिया था। कोर्ट के इस आदेश के कारण यहां किसी भी प्रकार के निर्माण कार्रवाई अवैध है। एनजीटी में याचिका दायर कर कोर्ट के आदेश के बावजूद इस क्षेत्र में तेजी से फार्म हाउस का निर्माण कार्य जारी रखने का विरोध एक समाजसेवी ने किया है। याचिका कर्ता का आरोप है कि सरकार और शासन में रसूख रखने वाले लोगों ने कोर्ट के आदेशों को दरकिनार कर अवैध फार्म हाउस बना डाले है।
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इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। एनजीटी में दायर अपील के तहत अवैध निर्माण तोड़ने की मांग की गई है। वहीं एनजीटी के आदेश के पर बनाई गई संयुक्त कमेटी की रिपोर्ट में 123 फार्म हाउसों को अवैध करार दिया गया है। सरकार को तोड़फोड़ की कार्रवाई कर 31 जनवरी को एनजीटी में अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। इसके कारण बृहस्पतिवार को यह कार्रवाई की गई।
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अनखीर और मेवला महाराजपुर गांव के आसपास अरावली वन क्षेत्र में बने अवैध फार्म हाउसों की लिस्ट बनाई गई थी। लिस्ट के अनुसार करीब 123 फार्म हाउस तोड़े जाने हैं। इनमें से 53 फार्म हाउस मेवला महाराजपुर और अनखीर में बने है। बृहस्पतिवार को तोड़फोड़ की कार्रवाई में समय अधिक लग गया है। इसलिए दो फार्म हाउसों को ही तोड़ा जा सका। तोड़फोड़ की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
- प्रदीप गुलिया, रेंज अधिकारी, वन विभाग, फरीदाबाद