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ओमैक्स बिल्डर पर लगा 3.5 करोड़ का जुर्माना
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फरीदाबाद। सूरजकुंड रोड स्थित ओमैक्स सोसाइटी के एक कनेक्शन से आठ यूनिट को बिजली बेचने के मामले में बिल्डर की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। बिजली निगम ने ढाई करोड़ का जुर्माना लगाने के बाद अब एक महीने में नोटिस का जवाब नहीं देने पर एक करोड़ रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगा दिया है।
बिजली निगम की ओर विजिलेंस टीम ने एक महीने पूर्व सूरजकुंड रोड स्थित ओमैक्स सोसाइटी में छापा मारा था। टीम ने यहां 2.61 करोड़ रुपये की बिजली चोरी पकड़ी थी। विजिलेंस टीम के एक अधिकारी ने बताया कि ओमैक्स बिल्डर ने सूरजकुंड रोड स्थित ओमैक्स सोसाइटी के लिए ओमैक्स हिल्स सोसाइटी के नाम पर 1156.76 किलोवाट का बिजली निगम ने कनेक्शन ले रखा है। इससे ओमैक्स हिल्स-2 को बिजली सप्लाई की जा रही थी। यहां 1005.7 किलोवाट का लोड चल रहा था। इसी तरह विला की 8 यूनिटों में बिजली बेची जा रही थी। यहां 2105 किलोवाट का लोड का लोड चल रहा था। खास बात यह थी कि बिल्डर अपने एक कनेक्शन से दूसरी सोसाइटियों को बेच रहा था। बिजली के नाम पर रेजीडेंट्स से मोटा बिल भी वसूला जा रहा था। इस दौरान 3110 किलोवाट का अतिरिक्त लोड पाया गया था।
अदालत से हाथ लगी निराशा
बिजली निगम के एक अधिकारी ने बताया कि जुर्माना भरने से बचने के लिए बिल्डर ने बिजली निगम के नोटिस का जवाब न देकर जिला अदालत का रुख अपनाया था, मगर यहां भी उसे निराशा हाथ लगी। अदालत ने उसे पहले जुर्माना का 40 फीसदी पैसा भरने के आदेश दिए। अब बिल्डर ने हाईकोर्ट का रुख किया।
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वर्जन
ये सेल ऑफ पावर का केस है। छापे की कार्रवाई में 3110 किलोवाट के लोड का आकलन हुआ था। पहले बिल्डर पर 2.61 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इस मामले में अपनी बात रखने और कागजात पेश करने के लिए एक महीने का समय दिया गया, लेकिन उसने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। तय समयावधि में जवाब न देने पर बिल्डर पर एक करोड़ रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया है। - सुरेंद्र मेहरा, एसडीओ, मथुरा रोड सब-डिवीजन
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बिजली निगम की ओर विजिलेंस टीम ने एक महीने पूर्व सूरजकुंड रोड स्थित ओमैक्स सोसाइटी में छापा मारा था। टीम ने यहां 2.61 करोड़ रुपये की बिजली चोरी पकड़ी थी। विजिलेंस टीम के एक अधिकारी ने बताया कि ओमैक्स बिल्डर ने सूरजकुंड रोड स्थित ओमैक्स सोसाइटी के लिए ओमैक्स हिल्स सोसाइटी के नाम पर 1156.76 किलोवाट का बिजली निगम ने कनेक्शन ले रखा है। इससे ओमैक्स हिल्स-2 को बिजली सप्लाई की जा रही थी। यहां 1005.7 किलोवाट का लोड चल रहा था। इसी तरह विला की 8 यूनिटों में बिजली बेची जा रही थी। यहां 2105 किलोवाट का लोड का लोड चल रहा था। खास बात यह थी कि बिल्डर अपने एक कनेक्शन से दूसरी सोसाइटियों को बेच रहा था। बिजली के नाम पर रेजीडेंट्स से मोटा बिल भी वसूला जा रहा था। इस दौरान 3110 किलोवाट का अतिरिक्त लोड पाया गया था।
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अदालत से हाथ लगी निराशा
बिजली निगम के एक अधिकारी ने बताया कि जुर्माना भरने से बचने के लिए बिल्डर ने बिजली निगम के नोटिस का जवाब न देकर जिला अदालत का रुख अपनाया था, मगर यहां भी उसे निराशा हाथ लगी। अदालत ने उसे पहले जुर्माना का 40 फीसदी पैसा भरने के आदेश दिए। अब बिल्डर ने हाईकोर्ट का रुख किया।
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ये सेल ऑफ पावर का केस है। छापे की कार्रवाई में 3110 किलोवाट के लोड का आकलन हुआ था। पहले बिल्डर पर 2.61 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इस मामले में अपनी बात रखने और कागजात पेश करने के लिए एक महीने का समय दिया गया, लेकिन उसने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। तय समयावधि में जवाब न देने पर बिल्डर पर एक करोड़ रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया है। - सुरेंद्र मेहरा, एसडीओ, मथुरा रोड सब-डिवीजन