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पिछले 4 वर्षों का टूटा रिकॉर्ड, टीबी के 8400 मरीज मिले

Wed, 23 Mar 2022 10:57 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 23 Mar 2022 10:57 PM IST
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Broken record of last 4 years, 8400 TB patients found
विश्व टीबी दिवस - फोटो : Faridabad
फरीदाबाद। जिले में पिछले 4 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए टीबी (क्षय) के करीब 8400 मामलों की पहचान वर्ष 2021 में की गई है। खास बात है कि यह मामले स्वास्थ्य विभाग की नई पहल के कारण सामने आ सके हैं। अन्यथा इन मामलों के गंभीर होने के बाद ही व्यक्ति में टीबी मरीज के रूप में पहचान उजागर होती है।
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दरअसल, स्वास्थ्य विभाग ने बीते वर्ष अक्तूबर से टीबी मरीजों के परिजनों की जांच और उपचार समय से शुरू कर दिया था। मरीज के संपर्क में रहने वाले ज्यादातर परिजनों के साथ इस कोर्स को दोहराया गया। इससे जिले में रिकॉर्ड 8,400 मामले सामने आए। यह बीते पांच साल में सामने आए मामलों में सर्वाधिक हैं। इससे पहले वर्ष 2019 में करीब 2.5 हजार मामले सामने आए थे। इसका एक नकारात्मक पहलू यह भी है कि जिले में टीबी मुक्त मुहिम के लिए चिन्हित कुछ क्षेत्रों में मामले शून्य नहीं हो सके हैं। ऐसे में विभाग अब मामलों को कम करने की बजाय नए व संभावित नए मामलों को ढूंढकर समय पर उपचार देने के प्रयास में जुट गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि छिपे हुए मामलों को ढूंढकर भी नए मामलों में कमी लाई जा सकती है। इससे वर्ष 2025 में टीबी मुक्त भारत लक्ष्य को हासिल करने में सफलता मिल सकती है।
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मोहना और एफआरयू-1 को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य फेल
प्रदेश में हर जिले के कुछ चिन्हित क्षेत्रों को मार्च 2019 तक टीबी मुक्त करने की मुहिम स्वास्थ्य निदेशालय ने शुरू की थी, लेकिन फरीदाबाद के दो क्षेत्रों में यह कोशिश पूरी नहीं हो सकी। मोहना और फर्स्ट रेफरल यूनिट-1 को विश्व टीबी दिवस तक टीबी मुक्त करने का लक्ष्य अधूरा रह गया। इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय को भी दी जा चुकी है। जिला टीबी विभाग प्रभारी डॉ. शीला भगत का कहना है कि जिन दो क्षेत्रों को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया था, वहां हर दिन नए मरीज मिल रहे हैं। हालांकि गंभीर टीबी रोगियों की क्षमता इन जगहों पर कम हुई है। यानी छिपे हुए टीबी रोगियों की पहचान करने में विभाग सफल रहा है। डॉ. शीला भगत का कहना है कि करीब 20 फीसदी टीबी के गंभीर रोगियों का इलाज ही इन क्षेत्रों में किया जा रहा है। इन दोनों क्षेत्रों की आबादी करीब दो लाख के पार है।
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लोगों के संपर्क में आने से बचें रोगी
जिला स्वास्थ्य विभाग में टीबी कंट्रोल प्रोग्राम अधिकारी डॉ. शीला भगत ने बताया कि टीबी के मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता सामान्य लोगों की तुलना में कम होती है। नियमित दवाएं लेते रहें और लोगों के संपर्क में आने से बचें। सफाई का खास ध्यान रखें, बार-बार हाथों को साफ करते रहें, खांसते समय मुंह को ढक लें। दवा लेना बहुत जरूरी है, क्योंकि दवा का चक्र टूटने से टीबी मरीजों की समस्या बढ़ सकती है। उधर, इन मरीजों के संपर्क में आने वाले परिजन की पहचान कर जांच की जा रही है। ऐसे मामलों में ज्यादा टीबी रोगी सामने आ रहे हैं।
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पिछले कुछ वर्षों में टीबी के आंकड़े
साल -कुल टेस्ट- पॉजिटिव- एमडीआर टीबी
2017- 3253- 1128- 220
2018 - 5402- 2351- 233
2019- 5093- 2364- 256
2020- 2150- 335- 48
2021- 15000- 8400- 70
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