{"_id":"6a396ac131d8dcd9490fdca2","slug":"broken-grills-have-become-a-cause-of-road-accidents-faridabad-news-c-26-1-fbd1021-73034-2026-06-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: टूटी ग्रिल बनीं सड़क हादसों का कारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: टूटी ग्रिल बनीं सड़क हादसों का कारण
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर की व्यस्त सड़कों पर पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगाई गई लोहे की ग्रिलें अब गंभीर समस्या का रूप लेती जा रही हैं। कई प्रमुख मार्गों पर सड़क किनारे लगी ये ग्रिलें जगह-जगह से टूट चुकी हैं, जिससे सड़क सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होती नजर आ रही है। जिन ग्रिलों का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित स्थानों से सड़क पार कराना था, वही अब लापरवाही और दुर्घटनाओं का कारण बन रही हैं।
सेक्टर-23 से हार्डवेयर रोड, बल्लभगढ़ मार्ग और गांधी कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में कई स्थानों पर ग्रिलें लंबे समय से क्षतिग्रस्त पड़ी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस ओर बार-बार ध्यान दिलाने के बावजूद अब तक मरम्मत या बदलने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोग मजबूरी में टूटे हिस्सों से ही सड़क पार करते हैं, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के बीच हादसे की आशंका बनी रहती है।
रात के समय स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है, क्योंकि अंधेरे में टूटी ग्रिलें स्पष्ट नजर नहीं आती। ऐसे में पैदल यात्री और वाहन चालक दोनों के लिए जोखिम बढ़ जाता है। कई बार आवारा पशु भी इन टूटे रास्तों से सड़क पर आ जाते हैं, जिससे दुर्घटना की संभावना और अधिक बढ़ जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
फरीदाबाद। शहर की व्यस्त सड़कों पर पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगाई गई लोहे की ग्रिलें अब गंभीर समस्या का रूप लेती जा रही हैं। कई प्रमुख मार्गों पर सड़क किनारे लगी ये ग्रिलें जगह-जगह से टूट चुकी हैं, जिससे सड़क सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होती नजर आ रही है। जिन ग्रिलों का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित स्थानों से सड़क पार कराना था, वही अब लापरवाही और दुर्घटनाओं का कारण बन रही हैं।
सेक्टर-23 से हार्डवेयर रोड, बल्लभगढ़ मार्ग और गांधी कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में कई स्थानों पर ग्रिलें लंबे समय से क्षतिग्रस्त पड़ी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस ओर बार-बार ध्यान दिलाने के बावजूद अब तक मरम्मत या बदलने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोग मजबूरी में टूटे हिस्सों से ही सड़क पार करते हैं, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के बीच हादसे की आशंका बनी रहती है।
विज्ञापन
रात के समय स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है, क्योंकि अंधेरे में टूटी ग्रिलें स्पष्ट नजर नहीं आती। ऐसे में पैदल यात्री और वाहन चालक दोनों के लिए जोखिम बढ़ जाता है। कई बार आवारा पशु भी इन टूटे रास्तों से सड़क पर आ जाते हैं, जिससे दुर्घटना की संभावना और अधिक बढ़ जाती है।
विज्ञापन