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Faridabad News: चंदावली से केएमपी एक्सप्रेसवे तक बनाए मार्ग पर जगह-जगह टूटे नाले
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नालों से निकले सरियों से हादसे की आशंका, ग्रामीणों ने ठेकेदार पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
छांयसा। चंदावली से केएमपी एक्सप्रेसवे तक बनाया गया फोरलेन रास्ता अब लोगों के लिए सुविधा की बजाय परेशानी का सबब बनता जा रहा है। जिस सड़क से लोगों को राहत और सुगम यातायात की उम्मीद थी, वहीं अब यह सड़क ग्रामीणों की जान के लिए खतरा बन गई है। सड़क किनारे बने नाले जगह-जगह से टूट चुके हैं, जिनसे निकली हुई सरिया किसी भी वक्त बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। ग्रामीणों ने इस पूरे निर्माण कार्य में घोर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
गांव गारखेड़ा निवासी ओम प्रकाश का कहना है कि इस फोरलेन मार्ग को बनाने में ठेकेदारों ने गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा। सड़क के साथ बने नाले कुछ ही महीनों में टूट गए हैं। नालों में से सरिये बाहर निकल आए हैं, जो राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। कई बार लोग फिसलकर घायल भी हो चुके हैं, लेकिन ठेकेदारों और प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई।
वहीं दयालपुर गांव के पप्पू बिसला ने आरोप लगाया कि ठेकेदारों ने काम को सिर्फ दिखावे के लिए किया है। फोरलेन सड़क का काम दिखावे की तरह निपटा दिया गया। जहां-जहां नाले बनाए गए हैं, वहां निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया। कुछ जगह तो नाले आधे मीटर में ही खत्म हो जाते हैं। बारिश के समय पानी सड़कों पर फैल जाता है, जिससे हादसों का खतरा और बढ़ जाता है।
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घरखेड़ा निवासी रमेश ने बताया कि इस फोरलेन मार्ग से दयालपुर से घरखेड़ा की ओर एक मुख्य रास्ता निकलता है। रास्ते की शुरुआत में ही नाला बना हुआ है, जो अब बीच से टूट चुका है। कई बार ग्रामीणों ने इसकी शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है क्योंकि यह नाला पूरी तरह से उखड़ चुका है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदारों द्वारा बनाए गए नालों में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। मात्र कुछ महीनों में ही नाले टूटने लगे हैं, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि काम में गड़बड़ी की गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से ठेकेदारों के खिलाफ जांच की मांग की है।
रोशनी की उचित व्यवस्था भी नहीं है
ग्रामीणों के अनुसार, रात के समय इस रास्ते पर रोशनी की उचित व्यवस्था भी नहीं है, जिससे खुले सरिए और टूटे किनारों की वजह से हादसे की आशंका बनी रहती है। कई दुपहिया वाहन चालक नालों में फिसल चुके हैं और उन्हें चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते ध्यान नहीं दिया तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि कुछ दिनों में टूटे नालों की मरम्मत और सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो ग्रामीण सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। फिलहाल यह सड़क प्रशासन और ठेकेदार की लापरवाही का प्रतीक बन चुकी है, जो लोगों की जान के लिए खतरा साबित हो रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
छांयसा। चंदावली से केएमपी एक्सप्रेसवे तक बनाया गया फोरलेन रास्ता अब लोगों के लिए सुविधा की बजाय परेशानी का सबब बनता जा रहा है। जिस सड़क से लोगों को राहत और सुगम यातायात की उम्मीद थी, वहीं अब यह सड़क ग्रामीणों की जान के लिए खतरा बन गई है। सड़क किनारे बने नाले जगह-जगह से टूट चुके हैं, जिनसे निकली हुई सरिया किसी भी वक्त बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। ग्रामीणों ने इस पूरे निर्माण कार्य में घोर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
गांव गारखेड़ा निवासी ओम प्रकाश का कहना है कि इस फोरलेन मार्ग को बनाने में ठेकेदारों ने गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा। सड़क के साथ बने नाले कुछ ही महीनों में टूट गए हैं। नालों में से सरिये बाहर निकल आए हैं, जो राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। कई बार लोग फिसलकर घायल भी हो चुके हैं, लेकिन ठेकेदारों और प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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वहीं दयालपुर गांव के पप्पू बिसला ने आरोप लगाया कि ठेकेदारों ने काम को सिर्फ दिखावे के लिए किया है। फोरलेन सड़क का काम दिखावे की तरह निपटा दिया गया। जहां-जहां नाले बनाए गए हैं, वहां निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया। कुछ जगह तो नाले आधे मीटर में ही खत्म हो जाते हैं। बारिश के समय पानी सड़कों पर फैल जाता है, जिससे हादसों का खतरा और बढ़ जाता है।
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घरखेड़ा निवासी रमेश ने बताया कि इस फोरलेन मार्ग से दयालपुर से घरखेड़ा की ओर एक मुख्य रास्ता निकलता है। रास्ते की शुरुआत में ही नाला बना हुआ है, जो अब बीच से टूट चुका है। कई बार ग्रामीणों ने इसकी शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है क्योंकि यह नाला पूरी तरह से उखड़ चुका है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदारों द्वारा बनाए गए नालों में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। मात्र कुछ महीनों में ही नाले टूटने लगे हैं, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि काम में गड़बड़ी की गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से ठेकेदारों के खिलाफ जांच की मांग की है।
रोशनी की उचित व्यवस्था भी नहीं है
ग्रामीणों के अनुसार, रात के समय इस रास्ते पर रोशनी की उचित व्यवस्था भी नहीं है, जिससे खुले सरिए और टूटे किनारों की वजह से हादसे की आशंका बनी रहती है। कई दुपहिया वाहन चालक नालों में फिसल चुके हैं और उन्हें चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते ध्यान नहीं दिया तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि कुछ दिनों में टूटे नालों की मरम्मत और सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो ग्रामीण सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। फिलहाल यह सड़क प्रशासन और ठेकेदार की लापरवाही का प्रतीक बन चुकी है, जो लोगों की जान के लिए खतरा साबित हो रही है।