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दमघोंटू हवा में सांस लेना हुआ दुश्वार
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दमघोंटू हवा में सांस लेना हुआ दुश्वार
फरीदाबाद। जिले की हवा में लगातार जगह घुलता जा रहा है। हालत यह है कि घरों में बैठे लोगों को सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन की समस्या हो रही है। सोमवार को आसमान में दिनभर स्मॉग की चादर छाए रहने से दिन में लोगों को शाम जैसा नजारा देखने को मिला। सोमवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 456 दर्ज किया गया। जो इस सीजन में अब तक का सबसे अधिक एयर क्वालिटी इंडेक्स रहा है। इससे फरीदाबाद देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में नौवें स्थान पर रहा। वहीं इससे पहले 5 नवंबर को शहर की हवा इससे अधिक प्रदूषित रही थी। उस दिन एयर क्वालिटी इंडेक्स 436 दर्ज किया गया था। उसकी तुलना में एयर क्वालिटी इंडेक्स 20 अंक अधिक दर्ज किया गया है। हालांकि इसकी सबसे बड़ी वजह लोगों की लापरवाही और अधिकारियों की अनदेखी है।
इंटीग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू होने के बाद से हवा लगातार दूषित होती जा रही है। प्रशासन की तरफ से प्रदूषण नियंत्रण को लेकर तमाम दावे किए जा रहे हैं। प्रदूषण संबंधित गतिविधियों पर नजर रखने के लिए टीमों के गठन की भी बात कही जा रही है, मगर प्रदूषण पर कोई खास लगाम लगती दिखाई नहीं दे रही है। प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले कई दिनों से प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में बना हुआ है।
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सुबह 11 बजे : वाहनों के लाइट ऑन
सुबह 11 बजे अमर उजाला की टीम राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित मेवला महाराजपुर चौक पहुंची। वहां स्मॉग से पूरा हाईवे ढंका हुआ था। दिन में भी वाहन चालक लाइट जलाकर धीरे-धीरे चल रहे थे। जिससे दुर्घटना से बचा जा सके।
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दोपहर एक बजे : एनआईटी
दोपहर एक बजे अमर उजाला की टीम ने एनआईटी क्षेत्र का दौरा किया। स्मॉग के कारण यहां भी दृश्यता कम नजर आई। वाहन चालकों को सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन की समस्या हो रही थी। लोगों ने कहा कि प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार के सभी इंतजाम कागजों में दबे हुुए हैं।
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दोपहर 3 बजे: रेलवे स्टेशन
दोपहर करीब तीन बजे हमारी टीम ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पहुंची। यहां भी चारों और स्मॉग छाया हुआ था। सड़क पर ट्रैफिक धीमा था। इससे अंडरपास में जाम की समस्या हुई। ऐसे में यातायात पुलिस को ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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शहर के अलग-अलग क्षेत्रों का हाल
शहर में अलग-अलग जगहों में फैले प्रदूषण की बात करें तो सेक्टर 16 क्षेत्र की हवा सबसे अधिक खराब रही। सोमवार को यहां का एयर क्वालिटी इंडेक्स 485 दर्ज किया गया। वहीं, एनआईटी क्षेत्र का एयर क्वालिटी इंडेक्स 471, सेक्टर 30 इंडस्ट्रियल एरिया का एयर क्वालिटी इंडेक्स 419 और सेक्टर 11 क्षेत्र का एक्यूआई 450 दर्ज किया गया।
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स्मॉग की रोकथाम के लिए सभी विभागों द्वारा मिलकर कार्य किया जा रहा है। सड़ुकों पर धूल मिट्टी न उड़े इसके लिए नगर निगम और हरियाणा विकास प्राधिकरण की ओर से पानी का छिड़काव किया जा रहा है। प्रदूषण के बढ़ने मुख्य वजह पराली जलाना और वाहनों का धुआं है। प्रदेश के दूसरे जिलों में जल रही पराली का शहर यहां देखने को मिल रहा है।
- दिनेश कुमार, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी
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फरीदाबाद। जिले की हवा में लगातार जगह घुलता जा रहा है। हालत यह है कि घरों में बैठे लोगों को सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन की समस्या हो रही है। सोमवार को आसमान में दिनभर स्मॉग की चादर छाए रहने से दिन में लोगों को शाम जैसा नजारा देखने को मिला। सोमवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 456 दर्ज किया गया। जो इस सीजन में अब तक का सबसे अधिक एयर क्वालिटी इंडेक्स रहा है। इससे फरीदाबाद देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में नौवें स्थान पर रहा। वहीं इससे पहले 5 नवंबर को शहर की हवा इससे अधिक प्रदूषित रही थी। उस दिन एयर क्वालिटी इंडेक्स 436 दर्ज किया गया था। उसकी तुलना में एयर क्वालिटी इंडेक्स 20 अंक अधिक दर्ज किया गया है। हालांकि इसकी सबसे बड़ी वजह लोगों की लापरवाही और अधिकारियों की अनदेखी है।
इंटीग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू होने के बाद से हवा लगातार दूषित होती जा रही है। प्रशासन की तरफ से प्रदूषण नियंत्रण को लेकर तमाम दावे किए जा रहे हैं। प्रदूषण संबंधित गतिविधियों पर नजर रखने के लिए टीमों के गठन की भी बात कही जा रही है, मगर प्रदूषण पर कोई खास लगाम लगती दिखाई नहीं दे रही है। प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले कई दिनों से प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में बना हुआ है।
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सुबह 11 बजे : वाहनों के लाइट ऑन
सुबह 11 बजे अमर उजाला की टीम राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित मेवला महाराजपुर चौक पहुंची। वहां स्मॉग से पूरा हाईवे ढंका हुआ था। दिन में भी वाहन चालक लाइट जलाकर धीरे-धीरे चल रहे थे। जिससे दुर्घटना से बचा जा सके।
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दोपहर एक बजे : एनआईटी
दोपहर एक बजे अमर उजाला की टीम ने एनआईटी क्षेत्र का दौरा किया। स्मॉग के कारण यहां भी दृश्यता कम नजर आई। वाहन चालकों को सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन की समस्या हो रही थी। लोगों ने कहा कि प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार के सभी इंतजाम कागजों में दबे हुुए हैं।
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दोपहर 3 बजे: रेलवे स्टेशन
दोपहर करीब तीन बजे हमारी टीम ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पहुंची। यहां भी चारों और स्मॉग छाया हुआ था। सड़क पर ट्रैफिक धीमा था। इससे अंडरपास में जाम की समस्या हुई। ऐसे में यातायात पुलिस को ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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शहर के अलग-अलग क्षेत्रों का हाल
शहर में अलग-अलग जगहों में फैले प्रदूषण की बात करें तो सेक्टर 16 क्षेत्र की हवा सबसे अधिक खराब रही। सोमवार को यहां का एयर क्वालिटी इंडेक्स 485 दर्ज किया गया। वहीं, एनआईटी क्षेत्र का एयर क्वालिटी इंडेक्स 471, सेक्टर 30 इंडस्ट्रियल एरिया का एयर क्वालिटी इंडेक्स 419 और सेक्टर 11 क्षेत्र का एक्यूआई 450 दर्ज किया गया।
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स्मॉग की रोकथाम के लिए सभी विभागों द्वारा मिलकर कार्य किया जा रहा है। सड़ुकों पर धूल मिट्टी न उड़े इसके लिए नगर निगम और हरियाणा विकास प्राधिकरण की ओर से पानी का छिड़काव किया जा रहा है। प्रदूषण के बढ़ने मुख्य वजह पराली जलाना और वाहनों का धुआं है। प्रदेश के दूसरे जिलों में जल रही पराली का शहर यहां देखने को मिल रहा है।
- दिनेश कुमार, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी