फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   branch inspector of nagar nigam arrest

नगर निगम की डीए ब्रांच का निरीक्षक गिरफ्तार

Fri, 27 Dec 2019 11:09 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 27 Dec 2019 11:09 PM IST
विज्ञापन
branch inspector of nagar nigam arrest
फरीदाबाद। नगर निगम के पैनल अधिवक्ताओं के वेतन के 32.57 लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोपी जिला न्यायवादी शाखा में तैनात रहे निरीक्षक सुंदर सिंह को आर्थिक अपराध जांच शाखा (एनआईटी जोन) ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे 25 दिसंबर को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे दो दिन की रिमांड पर लिया गया था। शुक्रवार को रिमांड समाप्त होने पर पुलिस ने उसे दोबारा से अदालत में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस उसे नगर निगम मुख्यालय लेकर गई थी।
विज्ञापन

नगर निगम ने अदालतों में लंबित मामलों की पैरवी के लिए वकीलों का पैनल बना रखा है। नगर निगम के पैनल पर अधिवक्ता नरेश कुमार भाटी, नरेश तंवर, नरेश कुमार, नरेश सिंगला और नरेश गर्ग मौजूद हैं। नगर निगम की जिला न्यायवादी (डीए) शाखा में बतौर निरीक्षक कार्यरत सुंदर सिंह की जिम्मेदारी पैनल अधिवक्ताओं के वेतन का भुगतान करवाना भी था। सुंदर सिंह ही लेखा शाखा से अधिवक्ताओं के वेतन आदि की फाइल पास कराता था। आरोप है कि इस दौरान सुंदर सिंह ने सेक्टर-16 स्थित एक निजी बैंक में नरेश नाम से एक फर्जी खाता खुलवाया और निगम के पैनल अधिवक्ताओं की फीस का डीडी बनवाकर उस खाते में जमा करवाता था और बाद में खाते से रुपये निकाल लेता था। आरोप है कि सुंदर सिंह ने वर्ष 2013 से 2018 तक 24 बार में डीडी बनवाकर 32.57 लाख रुपये का गबन किया।
विज्ञापन

मामला पकड़ में आने के बाद तत्कालीन निगमायुक्त मोहम्मद शाइन ने सुंदर सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया था। इसकी जांच आर्थिक अपराध जांच शाखा को सौंपी गई थी। विगत 25 दिसंबर को आर्थिक अपराध जांच शाखा ने सुंदर को गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया था। जांच अधिकारी एएसआई करण सिंह ने बताया कि रिमांड के दौरान पुलिस टीम उसे नगर निगम मुख्यालय में लेकर गई और वहां लेखा शाखा व डीए ब्रांच में अधिकारियों के सामने बैठाकर पूछताछ की। रिमांड समाप्त होने पर शुक्रवार को उसे दोबारा अदालत में पेश कर एक दिन का रिमांड लिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

निगम मुख्यालय से गायब हो गई फाइल
सुंदर सिंह के मामले में विभागीय स्तर पर भी जांच चल रही थी। अतिरिक्त आयुक्त स्तर के अधिकारी ने इसमें जांच कर अपनी रिपोर्ट दी थी। जांच रिपोर्ट की पूरी फाइल नगर निगम की प्रस्थापना शाखा (ईओ ब्रांच) में रखी थी, मगर बहुत ही नाटकीय तरीके से सितंबर माह में वह फाइल प्रस्थापना शाखा की अलमारी से गायब हो गई। हैरत की बात है कि चार माह बाद भी इस बारे में न तो निगमायुक्त को बताया गया और न ही एफआईआर दर्ज करवाई गई। अखबारों में खबर छपने के बाद निगमायुक्त सोनल गोयल ने इसमें एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed