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Faridabad News: बोस की विरासत पर शोध संवाद सत्र के माध्यम से की चर्चा

Thu, 30 Nov 2023 06:56 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 30 Nov 2023 06:56 PM IST
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Bose's legacy discussed through research dialogue session
- वायरलेस संचार के वास्तुकार जेसी बोस के बारे में वैज्ञानिकों ने दी जानकारी
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अमर उजाला ब्यूरो
फ़रीदाबाद। जेसी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की ओर से बृहस्पतिवार को प्रख्यात भारतीय वैज्ञानिक आचार्य जगदीश चंद्र बोस की 165वीं जयंती मनाई। विश्वविद्यालय में उन्हें याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। आधुनिक विज्ञान में भारत के अग्रणी और वायरलेस संचार के वास्तुकार के रूप में पहचाने जाने वाले बोस की विरासत पर एक शोध संवाद सत्र के माध्यम से चर्चा की गई।


सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर के वैज्ञानिक डॉ. मेहर वान और दिल्ली विश्वविद्यालय के पादप आणविक जीवविज्ञान विभाग की प्रोफेसर परमजीत खुराना ने जेसी बोस के शोध के बारे में जानकारी दी। कुलपति प्रो. सुशील कुमार तोमर ने जगदीश चंद्र बोस को पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने जेसी बोस के अंत: विषय शोध एवं विज्ञान में योगदान पर बल दिया और युवा शोधकर्ताओं से उनके जीवन और कार्य से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
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डॉ. मेहर वान ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सर जेसी बोस की भूमिका पर प्रकाश डाला और उनके जीवन कार्यों पर चर्चा की। प्रोफेसर परमजीत खुराना ने विकासात्मक जीवविज्ञान में हालिया रुझानों पर चर्चा करते हुए पौधों के तंत्रिका तंत्र पर जेसी बोस के शोध पर बात की। उन्होंने स्वस्थ पर्यावरण के लिए वनस्पतियों और जीवों के महत्व पर भी जोर दिया। इस दौरान डीन प्रोफेसर नीतू गुप्ता, निदेशक प्रोफेसर मनीषा गर्ग, प्रोफेसर सोनिया बंसल, प्रोफेसर राजेश आहूजा और प्रोफेसर अनुराधा शर्मा मौजूद रहे।
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