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बोर्ड परीक्षा : पिछले पांच साल के प्रश्न पत्र हल करेंगे छात्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के राजकीय स्कूलों में बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारने की कवायद शुरू हो गई। राजकीय स्कूल के छात्रों को बोर्ड परीक्षा से पहले पिछले पांच साल का प्रश्न पत्र बोर्ड के साइट से लेकर हल कराया जाएगा। बेहतर परीक्षा परिणाम वाले स्कूल के शिक्षक अपने नोट्स और शिक्षण सामग्री को दूसरे स्कूल के छात्रों के साथ साझा करेंगे। जिससे की जिले के अन्य स्कूल के छात्रों का भी परीक्षा परिणाम सुधारा जा सकें।
निजी स्कूलों को टक्कर देने के लिए विभाग की ओर से कई रणनीतियां तैयार की जा रही हैं। इसी क्रम में राजकीय स्कूलों में बोर्ड के परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए कई योजनाएं तैयार की जा रही है। इससे जिले के छात्रों का परीक्षा परिणाम बेहतर हो सके। स्कूलों में शिक्षक की कमी को दूर करने के लिए सेवानिवृत्ति शिक्षकों को जोड़ने का निर्णय लिया गया है। उन्हें विभाग की ओर से सुविधा शुल्क नहीं दिया जाएगा। जिस स्कूल में शिक्षकों की कमी है वहां विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षा दी जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी आशा दहिया ने बताया कि बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए अन्य कई योजनाएं तैयार की गई है।
जिन स्कूलों के परीक्षा परिणाम जीरो से 20 फीसदी तक रहा है। उन स्कूलों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। परीक्षा परिणाम खराब होने के कारणों का पता लगाकर समाधान खोजा जाएगा। विद्यालयों का परीक्षा परिणाम 21 से 40 फीसदी तक रहा है। उनका दोनों खंड के शिक्षा अधिकारी निरीक्षण करेंगा। परीक्षा परिणाम को और बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा। विद्यालयों का परीक्षा परिणाम 41 से 50 फीसदी तक रहा है उनका निरीक्षण ब्लाक रिसोर्स पर्सन (बीआरसी) करेंगी। 50 से 60 फीसदी तक के विद्यालयों का निरीक्षण पंचकूला से डायरेक्टरेट ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन (डीएसएस) व जिला गणित विशेषज्ञ (डीएमएस) की ओर से किया जाएगा।
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मालूम हो कि जिले के विभिन्न स्कूलों में 25 फीसदी से अधिक शिक्षकों की सीट रिक्त पड़ी है। राजकीय स्कूलों में 4951 पद स्वीकृत है। 2824 पद पर स्थाई शिक्षक तैनात है। 658 सीट पर अतिथि शिक्षक तैनात है। इसके बावजूद जिले में 1469 पद रिक्त है। टीजीटी शिक्षकों के कई पद बीते कई वर्षों से शिक्षकों का पद रिक्त हैं, इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।
-- --
वर्जन
परीक्षा परिणाम को बेहतर करने के लिए विभागीय स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई है। बेहतर परीक्षा परिणाम देने वाले स्कूलों का नोट्स और लेखन सामग्री दूसरे स्कूल से शेयर किया जाएगा।
- आशा दहिया, जिला शिक्षा अधिकारी
बाक्स-
जिले में सरकारी स्कूल : 385
प्राइमरी स्कूल : 255
प्राइमरी बाल स्कूल : 22
सह-शिक्षा (को-एड) स्कूल : 199
कन्या स्कूल : 34
-्-- -- -- -- -- -
खंड फरीदाबाद खंड : 139
प्राथमिक बाल स्कूल : 19
सह-शिक्षा (को-एड) स्कूल : 100
कन्या स्कूल : 20
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
बल्लभगढ़ खंड : 116
प्राथमिक बाल स्कूल : 03
सह-शिक्षा (को-एड) स्कूल : 99
कन्या स्कूल : 14
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फरीदाबाद। जिले के राजकीय स्कूलों में बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारने की कवायद शुरू हो गई। राजकीय स्कूल के छात्रों को बोर्ड परीक्षा से पहले पिछले पांच साल का प्रश्न पत्र बोर्ड के साइट से लेकर हल कराया जाएगा। बेहतर परीक्षा परिणाम वाले स्कूल के शिक्षक अपने नोट्स और शिक्षण सामग्री को दूसरे स्कूल के छात्रों के साथ साझा करेंगे। जिससे की जिले के अन्य स्कूल के छात्रों का भी परीक्षा परिणाम सुधारा जा सकें।
निजी स्कूलों को टक्कर देने के लिए विभाग की ओर से कई रणनीतियां तैयार की जा रही हैं। इसी क्रम में राजकीय स्कूलों में बोर्ड के परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए कई योजनाएं तैयार की जा रही है। इससे जिले के छात्रों का परीक्षा परिणाम बेहतर हो सके। स्कूलों में शिक्षक की कमी को दूर करने के लिए सेवानिवृत्ति शिक्षकों को जोड़ने का निर्णय लिया गया है। उन्हें विभाग की ओर से सुविधा शुल्क नहीं दिया जाएगा। जिस स्कूल में शिक्षकों की कमी है वहां विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षा दी जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी आशा दहिया ने बताया कि बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए अन्य कई योजनाएं तैयार की गई है।
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जिन स्कूलों के परीक्षा परिणाम जीरो से 20 फीसदी तक रहा है। उन स्कूलों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। परीक्षा परिणाम खराब होने के कारणों का पता लगाकर समाधान खोजा जाएगा। विद्यालयों का परीक्षा परिणाम 21 से 40 फीसदी तक रहा है। उनका दोनों खंड के शिक्षा अधिकारी निरीक्षण करेंगा। परीक्षा परिणाम को और बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा। विद्यालयों का परीक्षा परिणाम 41 से 50 फीसदी तक रहा है उनका निरीक्षण ब्लाक रिसोर्स पर्सन (बीआरसी) करेंगी। 50 से 60 फीसदी तक के विद्यालयों का निरीक्षण पंचकूला से डायरेक्टरेट ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन (डीएसएस) व जिला गणित विशेषज्ञ (डीएमएस) की ओर से किया जाएगा।
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मालूम हो कि जिले के विभिन्न स्कूलों में 25 फीसदी से अधिक शिक्षकों की सीट रिक्त पड़ी है। राजकीय स्कूलों में 4951 पद स्वीकृत है। 2824 पद पर स्थाई शिक्षक तैनात है। 658 सीट पर अतिथि शिक्षक तैनात है। इसके बावजूद जिले में 1469 पद रिक्त है। टीजीटी शिक्षकों के कई पद बीते कई वर्षों से शिक्षकों का पद रिक्त हैं, इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।
वर्जन
परीक्षा परिणाम को बेहतर करने के लिए विभागीय स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई है। बेहतर परीक्षा परिणाम देने वाले स्कूलों का नोट्स और लेखन सामग्री दूसरे स्कूल से शेयर किया जाएगा।
- आशा दहिया, जिला शिक्षा अधिकारी
बाक्स-
जिले में सरकारी स्कूल : 385
प्राइमरी स्कूल : 255
प्राइमरी बाल स्कूल : 22
सह-शिक्षा (को-एड) स्कूल : 199
कन्या स्कूल : 34
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खंड फरीदाबाद खंड : 139
प्राथमिक बाल स्कूल : 19
सह-शिक्षा (को-एड) स्कूल : 100
कन्या स्कूल : 20
बल्लभगढ़ खंड : 116
प्राथमिक बाल स्कूल : 03
सह-शिक्षा (को-एड) स्कूल : 99
कन्या स्कूल : 14