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ब्लैक फंगस : दो दिन में भर गया 20 बेड का वॉर्ड
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फरीदाबाद। ब्लैक फंगस के मामलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। महज दो दिन में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के लिए आरक्षित 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड भर गया। अब अस्पताल प्रबंधन अन्य मरीजों के अनुसार बेड की संख्या बढ़ाने में जुटा है। स्थिति यह है कि अलफला मेडिकल कॉलेज में भी मरीज भर्ती हैं, वहीं रोहतक और चंडीगढ़ भेजने की नौबत आ गई है।
जिले में अब तक 50 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, इनमें से 34 स्थानीय मामलों में पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा 11 संदिग्ध मामले हैं। वहीं, दवाओं के लिए अब भी मारामारी है। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में उपचाराधी मरीजों के लिए अलॉट जरूरी दवा व इंजेक्शन की आपूर्ति भी मंगलवार तक होने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शनिवार तक जिले में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के 3, फोर्टिस में 3, सर्वोदय में 7, एशियन में 13, एसएसबी अस्पताल में 2, क्यूआरजी अस्पताल में व मेट्रो अस्पताल में ब्लैक फंगस के 5 मामलों की पुष्टि हुई है। अब तक जिले में इस बीमारी से जूझ रहे तीन मरीजों का सफल इलाज हो चुका है। वहीं, दो मरीज ऐसे भी हैं जिन्हें ओपीडी ट्रीटमेंट के आधार पर इलाज दिया जा रहा है। मौजूदा समय में ब्लैक फंगस को लेकर जिला स्तर पर स्वास्थ्य विभाग को हर दिन की स्थिति राज्य स्तर पर साझा करनी है। इसके लिए प्रत्येक निजी अस्पताल से मामलों की रिपोर्ट लेकर राज्य स्तरीय समिति को जानकारी दी जा रही है।
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दवा और इंजेक्शन का टोटा, जिला प्रशासन के हाथ खाली
ब्लैक फंगस की दवा की कमी के कारण हो रही परेशानी को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने भी स्वीकार किया है। आलम यह है कि ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में केंद्र की तरफ से 200 डोज अलॉट तो हो गई लेकिन अभी तक यहां दवाएं नहीं पहुंची हैं। ऐसे में हर दिन दवाओं को सुनिश्चित किया जा रहा है। बीते तीन दिन से ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में यही स्थिति बनी हुई है। वहीं, अन्य जिलों के मरीजों को राज्य स्तरीय मेडिकल कॉलेज में रेफर किया जा रहा है। करीब तीन अस्पतालों से ऐसे मरीजों को रेफर किया गया है। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के डीन डॉ. असीम दास ने बताया कि किसी भी मरीज को दाखिल करने में परेशानी नहीं है। बेड की आपूर्ति जरूरत अनुसार हो सकती है। दवाओं की किल्लत से परेशानी बनी हुई है। जो स्टॉक मेडिकल कॉलेज के नाम से अलॉट हुआ है, फिलहाल वह भी नहीं मिला। ऐसे में परेशानी है।
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जिले में अब तक 50 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, इनमें से 34 स्थानीय मामलों में पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा 11 संदिग्ध मामले हैं। वहीं, दवाओं के लिए अब भी मारामारी है। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में उपचाराधी मरीजों के लिए अलॉट जरूरी दवा व इंजेक्शन की आपूर्ति भी मंगलवार तक होने की उम्मीद है।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शनिवार तक जिले में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के 3, फोर्टिस में 3, सर्वोदय में 7, एशियन में 13, एसएसबी अस्पताल में 2, क्यूआरजी अस्पताल में व मेट्रो अस्पताल में ब्लैक फंगस के 5 मामलों की पुष्टि हुई है। अब तक जिले में इस बीमारी से जूझ रहे तीन मरीजों का सफल इलाज हो चुका है। वहीं, दो मरीज ऐसे भी हैं जिन्हें ओपीडी ट्रीटमेंट के आधार पर इलाज दिया जा रहा है। मौजूदा समय में ब्लैक फंगस को लेकर जिला स्तर पर स्वास्थ्य विभाग को हर दिन की स्थिति राज्य स्तर पर साझा करनी है। इसके लिए प्रत्येक निजी अस्पताल से मामलों की रिपोर्ट लेकर राज्य स्तरीय समिति को जानकारी दी जा रही है।
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दवा और इंजेक्शन का टोटा, जिला प्रशासन के हाथ खाली
ब्लैक फंगस की दवा की कमी के कारण हो रही परेशानी को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने भी स्वीकार किया है। आलम यह है कि ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में केंद्र की तरफ से 200 डोज अलॉट तो हो गई लेकिन अभी तक यहां दवाएं नहीं पहुंची हैं। ऐसे में हर दिन दवाओं को सुनिश्चित किया जा रहा है। बीते तीन दिन से ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में यही स्थिति बनी हुई है। वहीं, अन्य जिलों के मरीजों को राज्य स्तरीय मेडिकल कॉलेज में रेफर किया जा रहा है। करीब तीन अस्पतालों से ऐसे मरीजों को रेफर किया गया है। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के डीन डॉ. असीम दास ने बताया कि किसी भी मरीज को दाखिल करने में परेशानी नहीं है। बेड की आपूर्ति जरूरत अनुसार हो सकती है। दवाओं की किल्लत से परेशानी बनी हुई है। जो स्टॉक मेडिकल कॉलेज के नाम से अलॉट हुआ है, फिलहाल वह भी नहीं मिला। ऐसे में परेशानी है।