{"_id":"698643af127c06dfbb031402","slug":"bk-hospitals-new-maternity-centre-will-be-equipped-with-state-of-the-art-facilities-faridabad-news-c-26-1-fbd1020-62216-2026-02-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा बीके अस्पताल का नया जच्चा-बच्चा केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा बीके अस्पताल का नया जच्चा-बच्चा केंद्र
विज्ञापन
पीडब्ल्यूडी ने तकनीकी व सुरक्षा व्यवस्थाओं के लिए अलग से फंड जारी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बीके नागरिक अस्पताल परिसर में बन रहा नया मदर एंड चाइल्ड विंग अब एक आधुनिक इमारत के साथ तकनीक से लैस एक पूर्ण विकसित स्मार्ट केयर यूनिट के रूप में आकार ले रहा है। करीब 68 करोड़ रुपये की कुल लागत से तैयार हो रहे इस अस्पताल में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और इसके अतिरिक्त साढ़े तीन करोड़ की राशि से इसे अत्याधुनिक एक्स्ट्रा लो वोल्टेज सिस्टम से अपग्रेड किया जा रहा है। कुछ दिन पहले ही साइट पर काम व्यवस्थित रूप से शुरू हो चुका है और पीडब्ल्यूडी ने तकनीकी व सुरक्षा व्यवस्थाओं के लिए अलग से फंड जारी कर दिया है।
अस्पताल के निर्माण में आ रही तकनीकी बाधाओं को अब दूर कर लिया गया है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के मुताबिक बिल्डिंग एरिया में बाधा बन रहे पेड़ों को वन विभाग ने हटवा दिया है जिससे काम बिना रुकावट आगे बढ़ सका है। हालांकि पार्किंग क्षेत्र में आने वाले पेड़ों को नहीं छेड़ा गया है ताकि हरियाली बनी रहे और पर्यावरण संतुलन प्रभावित न हो। प्रशासन ने विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाते हुए परियोजना को आगे बढ़ाया है।
स्मार्ट सर्विलांस से होगा सुरक्षा का मजबूत डिजिटल घेरा
जच्चा-बच्चा केंद्र की सबसे बड़ी ताकत उसकी डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था होगी। पूरे अस्पताल परिसर को हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों और स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जा रहा है जिसे एक केंद्रीय कंट्रोल रूम से संचालित किया जाएगा। इससे जच्चा-बच्चा वार्डों में भर्ती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा पुख्ता होगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपात स्थिति पर तुरंत नजर रखी जा सकेगी जिससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी राहत मिलेगी। यह व्यवस्था भीड़-भाड़ वाले सरकारी अस्पताल में व्यवस्था बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
विज्ञापन
डिजिटल सूचना प्रणाली से आसान होगा रास्ता
अस्पताल की तकनीकी योजना में आधुनिक पब्लिक एड्रेस सिस्टम और डिजिटल सूचना बोर्ड शामिल किए गए हैं। बड़े अस्पतालों में अक्सर मरीज और उनके परिजन वार्ड या डॉक्टर का कमरा ढूंढने में परेशान हो जाते हैं लेकिन इस सिस्टम के लागू होने के बाद जरूरी घोषणाएं और दिशा-निर्देश स्पष्ट रूप से सुनाई देंगे। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए भी यह तकनीक बेहद उपयोगी साबित होगी।
आग से सुरक्षा के लिए हाई-टेक फायर अलार्म सिस्टम
अस्पतालों में आग लगने की घटनाएं बेहद गंभीर मानी जाती हैं इसलिए इस नए विंग में इंटेलिजेंट फायर अलार्म सिस्टम लगाया जा रहा है। इसमें स्मोक डिटेक्टर और हीट सेंसर सीधे मुख्य कंट्रोल पैनल से जुड़े होंगे। आग लगने की स्थिति में यह सिस्टम सेकंडों के भीतर सक्रिय होकर अलार्म बजाएगा और प्रशासन को सूचित करेगा। इसके साथ ही स्वचालित वॉटर स्प्रिंकलर सिस्टम भी लगाया जा रहा है जो आग को फैलने से पहले ही काबू में ले सकेगा। यह व्यवस्था माताओं और बच्चों के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करेगी।
डिजिटल हेल्थ की ओर बड़ा कदम
अस्पताल के भीतर मजबूत डेटा नेटवर्किंग ढांचा तैयार किया जा रहा है। इससे मरीजों के रिकॉर्ड धीरे-धीरे डिजिटल होंगे और डॉक्टरों को रिपोर्ट देखने के लिए कागज के ढेरों की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे टैब या कंप्यूटर पर एक क्लिक में मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री देख सकेंगे जिससे इलाज की प्रक्रिया तेज और सटीक होगी। डिजिटल सिस्टम से गलतियों की संभावना भी कम होगी और अस्पताल प्रबंधन अधिक पारदर्शी बनेगा।
स्मार्ट लाइटिंग और ऊर्जा बचत पर जोर
नए विंग में लगने वाली लाइटिंग प्रणाली को बिजली की बचत और मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। वार्डों में ऐसी रोशनी होगी जो मरीजों की नींद में खलल न डाले फिर भी रात के समय डॉक्टरों को जांच में पूरी सुविधा मिले। यह व्यवस्था मरीजों के लिए अनुकूल होने के साथ पर्यावरण के लिहाज से भी बेहतर होगी।
हाई-टेक सुविधाओं से लैस होगा पूरा परिसर
पीडब्ल्यूडी ने तकनीकी अपग्रेड के लिए अलग से फंड जारी किया है जिसके तहत पूरे परिसर में हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के लिए नर्सिंग कॉन्फ्रेंस रूम बनाया जाएगा जहां जटिल मामलों पर चर्चा और उपचार योजना तय की जा सकेगी। मरीजों की बेहतर निगरानी के लिए ऑन-कॉल कंप्यूटर सिस्टम स्थापित किया जाएगा जिससे डॉक्टर कहीं से भी मरीज की स्थिति पर नजर रख सकेंगे। इसके अलावा आधुनिक फायर अलार्म, पब्लिक एड्रेस और हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी जैसी ईएलवी सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
-
लोगों की सुविधा के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। जल्द ही लोगों को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। - प्रकाश लाल कार्यकारी अभियंता पीडब्ल्यूडी
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बीके नागरिक अस्पताल परिसर में बन रहा नया मदर एंड चाइल्ड विंग अब एक आधुनिक इमारत के साथ तकनीक से लैस एक पूर्ण विकसित स्मार्ट केयर यूनिट के रूप में आकार ले रहा है। करीब 68 करोड़ रुपये की कुल लागत से तैयार हो रहे इस अस्पताल में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और इसके अतिरिक्त साढ़े तीन करोड़ की राशि से इसे अत्याधुनिक एक्स्ट्रा लो वोल्टेज सिस्टम से अपग्रेड किया जा रहा है। कुछ दिन पहले ही साइट पर काम व्यवस्थित रूप से शुरू हो चुका है और पीडब्ल्यूडी ने तकनीकी व सुरक्षा व्यवस्थाओं के लिए अलग से फंड जारी कर दिया है।
अस्पताल के निर्माण में आ रही तकनीकी बाधाओं को अब दूर कर लिया गया है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के मुताबिक बिल्डिंग एरिया में बाधा बन रहे पेड़ों को वन विभाग ने हटवा दिया है जिससे काम बिना रुकावट आगे बढ़ सका है। हालांकि पार्किंग क्षेत्र में आने वाले पेड़ों को नहीं छेड़ा गया है ताकि हरियाली बनी रहे और पर्यावरण संतुलन प्रभावित न हो। प्रशासन ने विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाते हुए परियोजना को आगे बढ़ाया है।
विज्ञापन
स्मार्ट सर्विलांस से होगा सुरक्षा का मजबूत डिजिटल घेरा
जच्चा-बच्चा केंद्र की सबसे बड़ी ताकत उसकी डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था होगी। पूरे अस्पताल परिसर को हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों और स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जा रहा है जिसे एक केंद्रीय कंट्रोल रूम से संचालित किया जाएगा। इससे जच्चा-बच्चा वार्डों में भर्ती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा पुख्ता होगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपात स्थिति पर तुरंत नजर रखी जा सकेगी जिससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी राहत मिलेगी। यह व्यवस्था भीड़-भाड़ वाले सरकारी अस्पताल में व्यवस्था बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
विज्ञापन
डिजिटल सूचना प्रणाली से आसान होगा रास्ता
अस्पताल की तकनीकी योजना में आधुनिक पब्लिक एड्रेस सिस्टम और डिजिटल सूचना बोर्ड शामिल किए गए हैं। बड़े अस्पतालों में अक्सर मरीज और उनके परिजन वार्ड या डॉक्टर का कमरा ढूंढने में परेशान हो जाते हैं लेकिन इस सिस्टम के लागू होने के बाद जरूरी घोषणाएं और दिशा-निर्देश स्पष्ट रूप से सुनाई देंगे। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए भी यह तकनीक बेहद उपयोगी साबित होगी।
आग से सुरक्षा के लिए हाई-टेक फायर अलार्म सिस्टम
अस्पतालों में आग लगने की घटनाएं बेहद गंभीर मानी जाती हैं इसलिए इस नए विंग में इंटेलिजेंट फायर अलार्म सिस्टम लगाया जा रहा है। इसमें स्मोक डिटेक्टर और हीट सेंसर सीधे मुख्य कंट्रोल पैनल से जुड़े होंगे। आग लगने की स्थिति में यह सिस्टम सेकंडों के भीतर सक्रिय होकर अलार्म बजाएगा और प्रशासन को सूचित करेगा। इसके साथ ही स्वचालित वॉटर स्प्रिंकलर सिस्टम भी लगाया जा रहा है जो आग को फैलने से पहले ही काबू में ले सकेगा। यह व्यवस्था माताओं और बच्चों के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करेगी।
डिजिटल हेल्थ की ओर बड़ा कदम
अस्पताल के भीतर मजबूत डेटा नेटवर्किंग ढांचा तैयार किया जा रहा है। इससे मरीजों के रिकॉर्ड धीरे-धीरे डिजिटल होंगे और डॉक्टरों को रिपोर्ट देखने के लिए कागज के ढेरों की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे टैब या कंप्यूटर पर एक क्लिक में मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री देख सकेंगे जिससे इलाज की प्रक्रिया तेज और सटीक होगी। डिजिटल सिस्टम से गलतियों की संभावना भी कम होगी और अस्पताल प्रबंधन अधिक पारदर्शी बनेगा।
स्मार्ट लाइटिंग और ऊर्जा बचत पर जोर
नए विंग में लगने वाली लाइटिंग प्रणाली को बिजली की बचत और मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। वार्डों में ऐसी रोशनी होगी जो मरीजों की नींद में खलल न डाले फिर भी रात के समय डॉक्टरों को जांच में पूरी सुविधा मिले। यह व्यवस्था मरीजों के लिए अनुकूल होने के साथ पर्यावरण के लिहाज से भी बेहतर होगी।
हाई-टेक सुविधाओं से लैस होगा पूरा परिसर
पीडब्ल्यूडी ने तकनीकी अपग्रेड के लिए अलग से फंड जारी किया है जिसके तहत पूरे परिसर में हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के लिए नर्सिंग कॉन्फ्रेंस रूम बनाया जाएगा जहां जटिल मामलों पर चर्चा और उपचार योजना तय की जा सकेगी। मरीजों की बेहतर निगरानी के लिए ऑन-कॉल कंप्यूटर सिस्टम स्थापित किया जाएगा जिससे डॉक्टर कहीं से भी मरीज की स्थिति पर नजर रख सकेंगे। इसके अलावा आधुनिक फायर अलार्म, पब्लिक एड्रेस और हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी जैसी ईएलवी सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
-
लोगों की सुविधा के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। जल्द ही लोगों को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। - प्रकाश लाल कार्यकारी अभियंता पीडब्ल्यूडी