{"_id":"5fd7a28a8ebc3e3b8745dce9","slug":"bijali-nigam-forgot-their-order-faridabad-news-noi553930240","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली निगम भूला अपना आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली निगम भूला अपना आदेश
विज्ञापन
फरीदाबाद। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की ओर से उपभोक्ताओं को देरी से बिल मिलने की समस्या का अभी तक समाधान नहीं हुआ है। जबकि इस तरह के मामले में लापरवाही बरतने पर बिलिंग एजेंसी पर कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए थे। इसके बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। एजेंसी पर कार्रवाई की बजाए अधिकारी अपने आदेश को भूल गए है।
जिले में साढे़ छह लाख विद्युत उपभोक्ता हैं। बिल की प्राप्ति में देरी की समस्या को देखते हुए ही बिजली निगम ने बिल वितरण का कार्य एक निजी एजेंसी को सौंपा है। एजेंसी तीन साल से कार्य कर रही है, मगर बिल वितरण की व्यवस्था पटरी पर नहीं चढ़ी है। वर्ष 2017 में बिजली निगम आदेश जारी किए थे कि उपभोक्ताओं को बिजली बिल समय पर नहीं मिला तो इसकी जिम्मेदारी वितरण कर रही एजेंसी की होगी। ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं पर लगने वाली लेट फीस और जुर्माना भी एजेंसी पर ही लगेगा। इसके बाद भी उपभोक्ताओं की शिकायत रहती है कि उन्हें समय पर बिल नहीं मिल रहे हैं। इस कारण से ही वह देरी से बिल जमा करवा रहे हैं। ऐसे में ऑनलाइन बिल निकलवा कर ब्याज के साथ जमा करवाना पड़ता है।
स्पॉट बिलिंग चालू, समस्या बरकरार
उपभोक्ताओं की अक्सर शिकायत रहती है कि बिजली निगम उन्हें देरी से बिल भेजता है, साथ ही गलत रीडिंग लेकर ज्यादा रुपये का बिल थमा दिया जाता है। बाद में इस बिल को दुरुस्त कराने में उपभोक्ताओं को काफी दिक्कत होती है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए बिजली निगम ने पिछले साल ऑटोमेटिक मीटर रीडिंग (एएमआर) यानी स्पॉट बिलिंग की सुविधा शुरू की थी। अधिकारियों का दावा था कि स्पॉट बिलिंग के बाद उपभोक्ताओं को देरी से और गलत बिजली बिल आने की शिकायत नहीं रहेगी। मौके पर ही मीटर की रीडिंग लेकर उन्हें वहीं बिल थमा दिया जाएगा। इसमें यूनिट व उसकी दर के साथ भुगतान का समय भी अंकित रहेगा। इस सुविधा के शुरू होने से उपभोक्ताओं के साथ-साथ निगम के अधिकारियों को भी राहत मिलेगी।
विज्ञापन
रोजाना 20 गलत बिलों की पहुंच रही शिकायते
बिजली विभाग के दफ्तरों में गलत बिल व देरी से बिल संबंधी रोजाना 15 से 20 शिकायतें पहुंच रही है। उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम में इन शिकायतों को रखा जाता है। इसके बाद समस्या बरकरार है। वहीं बिजली निगम अधिकारियों का दावा है कि स्पॉट बिलिंग के बाद गलत व देरी से बिल की समस्या अब समाप्त हो गई है।
उपभोक्ताओं से बातचीत
सेक्टर-22 इस्ट इंडिया कॉलोनी के आरडब्ल्यू प्रधान कृष्ण कुमार बारी ने बताया कि बिजली निगम की ओर से उन्हें कभी भी समय पर बिल नहीं मिला। बिजली निगम के कर्मचारी घरों के बाहर खंभों पर लगे मीटर से खुद से रीडिंग ले लेते है और वहीं बिल छोड़ देते है। रीडिंग लेते समय पर मकान मालिक को भी नहीं बताया जाता। कई बार गलत बिल आने पर बिजली दफ्तर जाकर ठीक करवाना पड़ता है।
जीवन नगर पार्ट-2 निवासी त्रिलोक चंद ने बताया कि बिजली निगम की ओर से उन्हें एक साल में दूसरी बार एक लाख रुपये का बिल भेजा गया। पिछले बिल किसी प्रकार ठीक करवाया। इस बार फिर भेज दिया। बिल भेजने के साथ ही कर्मचारी कनेक्शन काटने के लिए घर पहुंच गए। काफी मन्नतें को बाद कर्मचारी बिना कार्रवाई के वापस लौटे। बिल ठीक करवाने के लिए चार दिन से विभाग के चक्कर लगा रहा हूं, मगर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।
कोट
जिले में स्पॉट बिलिंग की सुविधा शुरू होने के बाद गलत और देरी से बिल मिलने की समस्या पूरी तरह खत्म हो गई। बिजली कर्मचारी उपभोक्ता के घर जाकर उनके सामने मीटर रीडिंग लेते है और मौके पर बिल बनाकर देते है। इसमें अगर कहीं कोई लापरवाही बरती जा रही है तो उसे दुरुस्त किया जाएगा।
- जितेंद्र ढुल, कार्यकारी अभियंता, बिजली निगम
विज्ञापन
जिले में साढे़ छह लाख विद्युत उपभोक्ता हैं। बिल की प्राप्ति में देरी की समस्या को देखते हुए ही बिजली निगम ने बिल वितरण का कार्य एक निजी एजेंसी को सौंपा है। एजेंसी तीन साल से कार्य कर रही है, मगर बिल वितरण की व्यवस्था पटरी पर नहीं चढ़ी है। वर्ष 2017 में बिजली निगम आदेश जारी किए थे कि उपभोक्ताओं को बिजली बिल समय पर नहीं मिला तो इसकी जिम्मेदारी वितरण कर रही एजेंसी की होगी। ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं पर लगने वाली लेट फीस और जुर्माना भी एजेंसी पर ही लगेगा। इसके बाद भी उपभोक्ताओं की शिकायत रहती है कि उन्हें समय पर बिल नहीं मिल रहे हैं। इस कारण से ही वह देरी से बिल जमा करवा रहे हैं। ऐसे में ऑनलाइन बिल निकलवा कर ब्याज के साथ जमा करवाना पड़ता है।
विज्ञापन
स्पॉट बिलिंग चालू, समस्या बरकरार
उपभोक्ताओं की अक्सर शिकायत रहती है कि बिजली निगम उन्हें देरी से बिल भेजता है, साथ ही गलत रीडिंग लेकर ज्यादा रुपये का बिल थमा दिया जाता है। बाद में इस बिल को दुरुस्त कराने में उपभोक्ताओं को काफी दिक्कत होती है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए बिजली निगम ने पिछले साल ऑटोमेटिक मीटर रीडिंग (एएमआर) यानी स्पॉट बिलिंग की सुविधा शुरू की थी। अधिकारियों का दावा था कि स्पॉट बिलिंग के बाद उपभोक्ताओं को देरी से और गलत बिजली बिल आने की शिकायत नहीं रहेगी। मौके पर ही मीटर की रीडिंग लेकर उन्हें वहीं बिल थमा दिया जाएगा। इसमें यूनिट व उसकी दर के साथ भुगतान का समय भी अंकित रहेगा। इस सुविधा के शुरू होने से उपभोक्ताओं के साथ-साथ निगम के अधिकारियों को भी राहत मिलेगी।
विज्ञापन
रोजाना 20 गलत बिलों की पहुंच रही शिकायते
बिजली विभाग के दफ्तरों में गलत बिल व देरी से बिल संबंधी रोजाना 15 से 20 शिकायतें पहुंच रही है। उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम में इन शिकायतों को रखा जाता है। इसके बाद समस्या बरकरार है। वहीं बिजली निगम अधिकारियों का दावा है कि स्पॉट बिलिंग के बाद गलत व देरी से बिल की समस्या अब समाप्त हो गई है।
उपभोक्ताओं से बातचीत
सेक्टर-22 इस्ट इंडिया कॉलोनी के आरडब्ल्यू प्रधान कृष्ण कुमार बारी ने बताया कि बिजली निगम की ओर से उन्हें कभी भी समय पर बिल नहीं मिला। बिजली निगम के कर्मचारी घरों के बाहर खंभों पर लगे मीटर से खुद से रीडिंग ले लेते है और वहीं बिल छोड़ देते है। रीडिंग लेते समय पर मकान मालिक को भी नहीं बताया जाता। कई बार गलत बिल आने पर बिजली दफ्तर जाकर ठीक करवाना पड़ता है।
जीवन नगर पार्ट-2 निवासी त्रिलोक चंद ने बताया कि बिजली निगम की ओर से उन्हें एक साल में दूसरी बार एक लाख रुपये का बिल भेजा गया। पिछले बिल किसी प्रकार ठीक करवाया। इस बार फिर भेज दिया। बिल भेजने के साथ ही कर्मचारी कनेक्शन काटने के लिए घर पहुंच गए। काफी मन्नतें को बाद कर्मचारी बिना कार्रवाई के वापस लौटे। बिल ठीक करवाने के लिए चार दिन से विभाग के चक्कर लगा रहा हूं, मगर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।
कोट
जिले में स्पॉट बिलिंग की सुविधा शुरू होने के बाद गलत और देरी से बिल मिलने की समस्या पूरी तरह खत्म हो गई। बिजली कर्मचारी उपभोक्ता के घर जाकर उनके सामने मीटर रीडिंग लेते है और मौके पर बिल बनाकर देते है। इसमें अगर कहीं कोई लापरवाही बरती जा रही है तो उसे दुरुस्त किया जाएगा।
- जितेंद्र ढुल, कार्यकारी अभियंता, बिजली निगम