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दूसरी सूची से पहले 4 टीमें खोरी विस्थापितों का सुनेंगी पक्ष, जिन लोगों का नाम लिस्ट में नहीं होगा, उन्हें खोरीवासी होने का देना होगा प्रमाण
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फरीदाबाद। खोरी विस्थापित पात्रों की दूसरी सूची जारी होने से पहले खोरीवासियों को खुद अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा। इस दौरान उन्हें खोरीवासी होने के प्रमाण देने होंगे। इसके लिए चार टीमों का गठन करने की तैयारी है। निगम की पहली सूची में 1027 पात्रों के नाम हैं।
नगर निगम के अनुसार, पहली सूची में 1403 पात्रों के नाम थे। इसमें एक ही परिवार के सदस्यों ने अलग-अलग आवेदन कर दिए थे। ऐसे नामों को सूची से बाहर कर घर के मुखिया के नाम रखे गए हैं, जिसमें अब 1027 को ही पात्र पाया गया है। अब निगम दूसरी सूची जारी करने की तैयारी कर रहा है, लेकिन इससे पहले खोरी विस्थापितों को अपनी बात रखने का मौका देना चाहता है। निगम को करीब पांच हजार लोगों ने आवेदन किया था। जांच में पाया गया कि एक ही व्यक्ति ने नाम और पते में फेरबदल कर पांच तक आवेदन कर रखे हैं। वहीं एक ही घर के लोगों ने अलग-अलग आवदेन किए हुए हैं। नियम के मुताबिक, घर के मुखिया को ही फ्लैट मिल सकता है। यदि अन्य सदस्य है तो उन्हें भी खोरी में अलग प्लॉट या रहने से संबंधित कागजात देने होंगे। हालांकि, खोरी पात्रों के लिए सरकार ने कुछ तय कागजात रखे थे। ऐसे में निगम का मानना है कि जिन विस्थापितों ने पुनर्वास के लिए आवेदन किया हुआ है, लेकिन वे तय मानक पूरा नहीं करते हैं। ऐसे लोगों के लिए अलग-अलग कमेटियां बनाई जाएंगी और उनकी बातों को सुना जाएगा। उनके पास खोरी विस्थापित होने का प्रमाण है तो विचार किया जाएगा। इसके लिए चार टीमों का गठन किया जा रहा है। एक टीम में चार-पांच लोग होंगे।
21 अप्रैल तक निकाले जाने हैं ड्रॉ
सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, निगम द्वारा विस्थापितों को 30 अप्रैल तक फ्लैट उपलब्ध कराए जाने हैं। इससे पहले 21 अप्रैल तक फ्लैट के लिए ड्रॉ निकाले जाने हैं। इसमें पात्र मिले 1027 लोगों को शामिल किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, निगम ड्रॉ के संबंध में दो योजनाओं पर काम कर रहा है। पहला सभी पात्रों का ड्रॉ एक साथ निकालकर फ्लैट आवंटित कर दिए जाएं। दूसरा ड्रॉ के लिए लोगों को बुलाया जाए, जो मौके पर आए, उन्हें फ्लैट आवंटित कर दिए जाएं। इससे साफ-सफाई समेत अन्य कार्यों में परेशानी नहीं होगी। इसके लिए निगम डबुआ कॉलोनी के ईडब्ल्यूएस फ्लैट को ठीक करा रहा है। करीब 100 फ्लैट का मरम्मत कार्य हो चुका है।
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क्या है मामला
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पिछले साल जून में निगम ने खोरी गांव में अवैैध निर्माणों पर कार्रवाई की थी। इस दौरान करीब 10 हजार मकानों को तोड़ दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने खोरी गांव के विस्थापितों को फ्लैट देने को कहा था। निगम डबुआ कॉलोनी व बापूनगर में बने ईडब्ल्यूएस फ्लैट ठीक कराकर देगा।
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नगर निगम के अनुसार, पहली सूची में 1403 पात्रों के नाम थे। इसमें एक ही परिवार के सदस्यों ने अलग-अलग आवेदन कर दिए थे। ऐसे नामों को सूची से बाहर कर घर के मुखिया के नाम रखे गए हैं, जिसमें अब 1027 को ही पात्र पाया गया है। अब निगम दूसरी सूची जारी करने की तैयारी कर रहा है, लेकिन इससे पहले खोरी विस्थापितों को अपनी बात रखने का मौका देना चाहता है। निगम को करीब पांच हजार लोगों ने आवेदन किया था। जांच में पाया गया कि एक ही व्यक्ति ने नाम और पते में फेरबदल कर पांच तक आवेदन कर रखे हैं। वहीं एक ही घर के लोगों ने अलग-अलग आवदेन किए हुए हैं। नियम के मुताबिक, घर के मुखिया को ही फ्लैट मिल सकता है। यदि अन्य सदस्य है तो उन्हें भी खोरी में अलग प्लॉट या रहने से संबंधित कागजात देने होंगे। हालांकि, खोरी पात्रों के लिए सरकार ने कुछ तय कागजात रखे थे। ऐसे में निगम का मानना है कि जिन विस्थापितों ने पुनर्वास के लिए आवेदन किया हुआ है, लेकिन वे तय मानक पूरा नहीं करते हैं। ऐसे लोगों के लिए अलग-अलग कमेटियां बनाई जाएंगी और उनकी बातों को सुना जाएगा। उनके पास खोरी विस्थापित होने का प्रमाण है तो विचार किया जाएगा। इसके लिए चार टीमों का गठन किया जा रहा है। एक टीम में चार-पांच लोग होंगे।
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21 अप्रैल तक निकाले जाने हैं ड्रॉ
सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, निगम द्वारा विस्थापितों को 30 अप्रैल तक फ्लैट उपलब्ध कराए जाने हैं। इससे पहले 21 अप्रैल तक फ्लैट के लिए ड्रॉ निकाले जाने हैं। इसमें पात्र मिले 1027 लोगों को शामिल किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, निगम ड्रॉ के संबंध में दो योजनाओं पर काम कर रहा है। पहला सभी पात्रों का ड्रॉ एक साथ निकालकर फ्लैट आवंटित कर दिए जाएं। दूसरा ड्रॉ के लिए लोगों को बुलाया जाए, जो मौके पर आए, उन्हें फ्लैट आवंटित कर दिए जाएं। इससे साफ-सफाई समेत अन्य कार्यों में परेशानी नहीं होगी। इसके लिए निगम डबुआ कॉलोनी के ईडब्ल्यूएस फ्लैट को ठीक करा रहा है। करीब 100 फ्लैट का मरम्मत कार्य हो चुका है।
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क्या है मामला
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पिछले साल जून में निगम ने खोरी गांव में अवैैध निर्माणों पर कार्रवाई की थी। इस दौरान करीब 10 हजार मकानों को तोड़ दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने खोरी गांव के विस्थापितों को फ्लैट देने को कहा था। निगम डबुआ कॉलोनी व बापूनगर में बने ईडब्ल्यूएस फ्लैट ठीक कराकर देगा।