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Faridabad News: बाल विवाह रोकथाम विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
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फरीदाबाद। जिले में सामाजिक कुप्रथाओं के उन्मूलन और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को गांधी कॉलोनी में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपायुक्त विक्रम सिंह के दिशा-निर्देश पर हुए इस आयोजन का उद्देश्य स्थानीय नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और युवाओं को उनके अधिकारों और कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में प्रोटेक्शन एवं चाइल्ड मैरिज अधिकारी हेमा कौशिक ने बाल विवाह के दुष्परिणामों और उससे जुड़े कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नाबालिग उम्र में होने वाली शादियां बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर नकारात्मक असर डालती हैं। बाल विवाह न केवल बच्चों के अधिकारों का हनन है, बल्कि यह समाज के विकास में भी बाधा है। वक्ताओं ने महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों और शिक्षा के महत्व पर भी चर्चा की। बताया गया कि सरकार महिलाओं की शिक्षा, समान अवसर और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं और किशोरियों को घरेलू हिंसा या किसी भी प्रकार के भेदभाव की स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करने की सलाह दी गई। इस मौके पर सुपरवाइजर स्मिता धीमन, रेनू चौधरी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी मौजूद रही।
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कार्यक्रम में प्रोटेक्शन एवं चाइल्ड मैरिज अधिकारी हेमा कौशिक ने बाल विवाह के दुष्परिणामों और उससे जुड़े कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नाबालिग उम्र में होने वाली शादियां बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर नकारात्मक असर डालती हैं। बाल विवाह न केवल बच्चों के अधिकारों का हनन है, बल्कि यह समाज के विकास में भी बाधा है। वक्ताओं ने महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों और शिक्षा के महत्व पर भी चर्चा की। बताया गया कि सरकार महिलाओं की शिक्षा, समान अवसर और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं और किशोरियों को घरेलू हिंसा या किसी भी प्रकार के भेदभाव की स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करने की सलाह दी गई। इस मौके पर सुपरवाइजर स्मिता धीमन, रेनू चौधरी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी मौजूद रही।
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