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Faridabad News: ईएसआईसी अस्पताल परिसर में ऑटो चालकों की मनमानी से मरीज परेशान
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल परिसर में ऑटो चालकों की मनमानी मरीजों और तीमारदारों के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है। अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर अंदरूनी सड़कों तक ऑटो चालक नियमों को दरकिनार कर कहीं भी वाहन खड़ा कर सवारियां भरते नजर आते हैं। इससे परिसर में अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है और एंबुलेंस व अन्य जरूरी वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होती है।
मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की अव्यवस्था से काफी परेशानी होती है। ओपीडी और इमरजेंसी के समय हालात और भी बदतर हो जाते हैं।
पलवल निवासी मरीज दानिश ने बताया कि वह सुबह इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन गेट के पास बड़ी संख्या में ऑटो खड़े होने के कारण अंदर आने में मशक्कत करनी पड़ी। उन्होंने आशंका जताई कि यदि किसी मरीज की हालत गंभीर हो, तो ऐसी स्थिति खतरनाक साबित हो सकती है।
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वहीं, बल्लभगढ़ की रहने वाली संतोष देवी ने कहा कि ऑटो चालक जबरदस्ती सवारी बैठाने के लिए आवाज लगाते रहते हैं और रास्ता घेर लेते हैं। इस वजह से मरीज को लेकर अस्पताल में आना-जाना काफी मुश्किल हो जाता है।
इस संबंध में अस्पताल के डीन डॉ. चव्हाण कालिदास दत्तात्रेय ने कहा कि परिसर में किसी भी तरह की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऑटो चालकों के लिए निर्धारित स्थान तय किए गए हैं और जल्द ही सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
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फरीदाबाद। एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल परिसर में ऑटो चालकों की मनमानी मरीजों और तीमारदारों के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है। अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर अंदरूनी सड़कों तक ऑटो चालक नियमों को दरकिनार कर कहीं भी वाहन खड़ा कर सवारियां भरते नजर आते हैं। इससे परिसर में अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है और एंबुलेंस व अन्य जरूरी वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होती है।
मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की अव्यवस्था से काफी परेशानी होती है। ओपीडी और इमरजेंसी के समय हालात और भी बदतर हो जाते हैं।
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पलवल निवासी मरीज दानिश ने बताया कि वह सुबह इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन गेट के पास बड़ी संख्या में ऑटो खड़े होने के कारण अंदर आने में मशक्कत करनी पड़ी। उन्होंने आशंका जताई कि यदि किसी मरीज की हालत गंभीर हो, तो ऐसी स्थिति खतरनाक साबित हो सकती है।
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वहीं, बल्लभगढ़ की रहने वाली संतोष देवी ने कहा कि ऑटो चालक जबरदस्ती सवारी बैठाने के लिए आवाज लगाते रहते हैं और रास्ता घेर लेते हैं। इस वजह से मरीज को लेकर अस्पताल में आना-जाना काफी मुश्किल हो जाता है।
इस संबंध में अस्पताल के डीन डॉ. चव्हाण कालिदास दत्तात्रेय ने कहा कि परिसर में किसी भी तरह की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऑटो चालकों के लिए निर्धारित स्थान तय किए गए हैं और जल्द ही सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।