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Faridabad News: मंदिर प्रांगण से पीपल के पेड़ को जड़ से उखाड़ने का प्रयास
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सितंबर 2024 में अवैध रूप से काटे गए पेड़ में फिर से हरा भरा हो रहा है तना, वन विभाग को लिखा पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-9 स्थित सनातन धर्म मंदिर में स्थित एक पीपल के पेड़ को पिछले वर्ष सितंबर 2024 में अवैध रूप से काट दिया गया था। यह कार्य मंदिर प्रांगण में बिना किसी सार्वजनिक सूचना या अनुमति के किया गया था। इसकी अभी तक किसी भी सरकारी विभाग की ओर से कोई जांच नहीं की गई और न ही कोई कार्रवाई की गई है। अब उस पेड़ के शेष बचे हिस्से में फिर से तना हरा-भरा हो गया है। मंदिर कार्यकारिणी की ओर से उसे जड़ से उखाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस गैर-कानूनी एवं अनैतिक कदम के विरुद्ध अजय कुमार बहल की ओर से वन विभाग को एक लिखित शिकायत भेजी गई है। जिसकी प्रतियां वन संरक्षक (दक्षिण सर्कल) गुरुग्राम तथा हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी प्रेषित की गई हैं।
उन्होंने बताया कि पीपल का वृक्ष धार्मिक एवं सांस्कृतिक रूप से पूजनीय माना जाता है। इसका उन्मूलन न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है बल्कि भारतीय दंड संहिता की धारा 295 के अंतर्गत अपराध की श्रेणी में आ सकता है। इसके अलावा हरियाणा वृक्ष संरक्षण अधिनियम, 1971 के अंतर्गत बिना अनुमति के किसी भी वृक्ष को काटना या उखाड़ना दंडनीय अपराध है। शेष वृक्ष का तना हरा है, जिससे यह स्पष्ट है कि वृक्ष अब भी जीवित है और पुनर्जीवन की प्रक्रिया में है। ऐसे में इसका संरक्षण आवश्यक है। उन्होंने वन विभाग से आग्रह किया है कि वन विभाग तुरंत स्थल का निरीक्षण करने के लिए आए और तने को उखाड़ने की किसी भी प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-9 स्थित सनातन धर्म मंदिर में स्थित एक पीपल के पेड़ को पिछले वर्ष सितंबर 2024 में अवैध रूप से काट दिया गया था। यह कार्य मंदिर प्रांगण में बिना किसी सार्वजनिक सूचना या अनुमति के किया गया था। इसकी अभी तक किसी भी सरकारी विभाग की ओर से कोई जांच नहीं की गई और न ही कोई कार्रवाई की गई है। अब उस पेड़ के शेष बचे हिस्से में फिर से तना हरा-भरा हो गया है। मंदिर कार्यकारिणी की ओर से उसे जड़ से उखाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस गैर-कानूनी एवं अनैतिक कदम के विरुद्ध अजय कुमार बहल की ओर से वन विभाग को एक लिखित शिकायत भेजी गई है। जिसकी प्रतियां वन संरक्षक (दक्षिण सर्कल) गुरुग्राम तथा हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी प्रेषित की गई हैं।
उन्होंने बताया कि पीपल का वृक्ष धार्मिक एवं सांस्कृतिक रूप से पूजनीय माना जाता है। इसका उन्मूलन न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है बल्कि भारतीय दंड संहिता की धारा 295 के अंतर्गत अपराध की श्रेणी में आ सकता है। इसके अलावा हरियाणा वृक्ष संरक्षण अधिनियम, 1971 के अंतर्गत बिना अनुमति के किसी भी वृक्ष को काटना या उखाड़ना दंडनीय अपराध है। शेष वृक्ष का तना हरा है, जिससे यह स्पष्ट है कि वृक्ष अब भी जीवित है और पुनर्जीवन की प्रक्रिया में है। ऐसे में इसका संरक्षण आवश्यक है। उन्होंने वन विभाग से आग्रह किया है कि वन विभाग तुरंत स्थल का निरीक्षण करने के लिए आए और तने को उखाड़ने की किसी भी प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
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