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Asian Games: रिदम ने बिना गोली किया अभ्यास, फिर भी सटीक लगा निशाना, तोड़ चुकी हैं 29 साल पुराना रिकॉर्ड
Thu, 28 Sep 2023 12:30 PM IST
शाहरुख खान
अवध किशोर श्रीवास्तव, अमर उजाला, फरीदाबाद
अवध किशोर श्रीवास्तव, अमर उजाला, फरीदाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 28 Sep 2023 12:30 PM IST
सार
एशियाई खेलों में शूटर रिदम सांगवान ने टीम इवेंट में स्वर्ण पदक जीता है। पदक जीतने के लिए कोरोना काल में घर में ड्राई प्रैक्टिस की। रिदम सांगवान शूटिंग शुरू करने से पहले सेक्टर 12 खेल परिसर में टेनिस खेलती थीं, लेकिन टेनिस में रुचि नहीं होने के कारण शूटिंग की ओर रुख कर लिया।
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Shooter Rhythm Sangwan
- फोटो : अमर उजाला/सोशल मीडिया
विस्तार
एशियाई खेलों में शूटर रिदम सांगवान ने टीम इवेंट में स्वर्ण पदक जीतकर देश और शहर का नाम रोशन किया है। कोरोना काल में अभ्यास नहीं कर पाने से एशियाई खेलों में अपने प्रदर्शन को लेकर चिंतित थी। इस दौरान घर पर भी ड्राई प्रैक्टिस (बगैर गोली अभ्यास) करती रहीं। एशियाई खेलों में महिलाओं के 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल में 600 अंक में से 583 अंक हासिल किए। ईशा सिंह ने 586 और मनु भाकर ने 590 अंक प्राप्त किया।
मूल रूप से चरखी दादरी के मेहड़ा गांव और वर्तमान में सेक्टर 21 निवासी रिदम सांगवान ने वर्ष 2019 से सूरज कुंड रोड स्थित करणी सिंह शूटिंग रेंज में अभ्यास शुरू किया था। शूटिंग में रुचि होने के कारण उन्हें पहले ही वर्ष राष्ट्रीय प्रतियोगिता के टॉप आठ खिलाड़ियों में अपना स्थान सुरक्षित कर लिया था। हालांकि उन्होंने उस समय कोई पदक नहीं जीता, लेकिन उसके बाद पदक की झड़ी लगा दी।
मां नीलम ने बताया कि अभी तक राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट में 50 से अधिक पदक बेटी जीत चुकी है। जबकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट में 25 पदक उनके नाम है। पदक जीतने के लिए रोजाना आठ से 10 घंटे अभ्यास करती है। मैच के दौरान किसी प्रकार की कमी नहीं रह जाए इस लिए हमेशा अपने खामियों को पहचान कर दूर करने की प्रयास करती रहती है।
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पदक जीतने के बाद घर में है खुशी का माहौल
टीम इवेंट में पदक जीतने की सूचना परिवार वाले को बुधवार सुबह करीब सात बजे एक पोर्टल के माध्यम से मिली। मां नीलम सांगवान का कहना है पदक जीतने के बाद व्हाट्सअप कॉल के माध्यम से रिदम से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन संपर्क नहीं हो सका। पदक जीतने की सूचना मिलते ही परिवार और दोस्तों का बधाई संदेश आने शुरू हो गए। घर पर सुबह से ही खुशी का माहौल है, घर पर आने वाले लोगों को मिठाई खिलाई जा रही थी।
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मूल रूप से चरखी दादरी के मेहड़ा गांव और वर्तमान में सेक्टर 21 निवासी रिदम सांगवान ने वर्ष 2019 से सूरज कुंड रोड स्थित करणी सिंह शूटिंग रेंज में अभ्यास शुरू किया था। शूटिंग में रुचि होने के कारण उन्हें पहले ही वर्ष राष्ट्रीय प्रतियोगिता के टॉप आठ खिलाड़ियों में अपना स्थान सुरक्षित कर लिया था। हालांकि उन्होंने उस समय कोई पदक नहीं जीता, लेकिन उसके बाद पदक की झड़ी लगा दी।
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मां नीलम ने बताया कि अभी तक राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट में 50 से अधिक पदक बेटी जीत चुकी है। जबकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट में 25 पदक उनके नाम है। पदक जीतने के लिए रोजाना आठ से 10 घंटे अभ्यास करती है। मैच के दौरान किसी प्रकार की कमी नहीं रह जाए इस लिए हमेशा अपने खामियों को पहचान कर दूर करने की प्रयास करती रहती है।
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पदक जीतने के बाद घर में है खुशी का माहौल
टीम इवेंट में पदक जीतने की सूचना परिवार वाले को बुधवार सुबह करीब सात बजे एक पोर्टल के माध्यम से मिली। मां नीलम सांगवान का कहना है पदक जीतने के बाद व्हाट्सअप कॉल के माध्यम से रिदम से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन संपर्क नहीं हो सका। पदक जीतने की सूचना मिलते ही परिवार और दोस्तों का बधाई संदेश आने शुरू हो गए। घर पर सुबह से ही खुशी का माहौल है, घर पर आने वाले लोगों को मिठाई खिलाई जा रही थी।
टेनिस में भी आजमा चुकी है हाथ
रिदम सांगवान शूटिंग शुरू करने से पहले सेक्टर 12 खेल परिसर में टेनिस खेलती थीं, लेकिन टेनिस में रुचि नहीं होने के कारण शूटिंग की ओर रुख कर लिया। मां नीलम का कहना है कि रेवाड़ी में पुलिस विभाग में डीएसपी के पद पर तैनात पिता नरेंद्र सांगवान की वर्दी और सर्विस रिवॉल्वर से प्रभावित होकर शूटिंग की ओर रुख किया था। उसके बाद रिदम ने कभी पीछे नहीं देखा, उन्होंने अब तक शूटिंग विश्व कप सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में 10 स्वर्ण पदक जीते हैं। रिदम के प्रशिक्षण और मेहनत के कारण सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे।
रिदम सांगवान शूटिंग शुरू करने से पहले सेक्टर 12 खेल परिसर में टेनिस खेलती थीं, लेकिन टेनिस में रुचि नहीं होने के कारण शूटिंग की ओर रुख कर लिया। मां नीलम का कहना है कि रेवाड़ी में पुलिस विभाग में डीएसपी के पद पर तैनात पिता नरेंद्र सांगवान की वर्दी और सर्विस रिवॉल्वर से प्रभावित होकर शूटिंग की ओर रुख किया था। उसके बाद रिदम ने कभी पीछे नहीं देखा, उन्होंने अब तक शूटिंग विश्व कप सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में 10 स्वर्ण पदक जीते हैं। रिदम के प्रशिक्षण और मेहनत के कारण सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे।
वर्ष 2017 में राष्ट्रीय स्पर्धा में लिया भाग
पिस्टल चलाने का शौक होने के कारण रिदम जूनियर स्तर पर ही अच्छा प्रदर्शन करने लगीं। उन्होंने पहली बार वर्ष 2017 में राष्ट्रीय स्पर्धा में भाग लिया था। पिता नरेंद्र सांगवान ड्यूटी के चलते व्यस्त रहते थे, इसलिए रिदम की मां नीलम उनके साथ पहले ट्रेनिंग करवाने जाती थी। इसके बाद वह टूर्नामेंट में भी उनके साथ जाने लगीं। रिदम सांगवान खेल के साथ पढ़ाई में भी मेधावी रही हैं। रिदम की बड़ी बहन जेसिका एमबीबीएस कर रही है। रिदम का छोटा भाई एकलव्य को फुटबाॅल के प्रति रुझान है।
पिस्टल चलाने का शौक होने के कारण रिदम जूनियर स्तर पर ही अच्छा प्रदर्शन करने लगीं। उन्होंने पहली बार वर्ष 2017 में राष्ट्रीय स्पर्धा में भाग लिया था। पिता नरेंद्र सांगवान ड्यूटी के चलते व्यस्त रहते थे, इसलिए रिदम की मां नीलम उनके साथ पहले ट्रेनिंग करवाने जाती थी। इसके बाद वह टूर्नामेंट में भी उनके साथ जाने लगीं। रिदम सांगवान खेल के साथ पढ़ाई में भी मेधावी रही हैं। रिदम की बड़ी बहन जेसिका एमबीबीएस कर रही है। रिदम का छोटा भाई एकलव्य को फुटबाॅल के प्रति रुझान है।
तोड़ चुकी हैं 29 साल पुराना रिकार्ड
जिले की शूटर रिदम सांगवान ने आईएसएसएफ विश्व कप बाकू में 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में 600 अंक में से 595 अंक बनाकर 29 वर्ष पुराने रिकार्ड को तोड़ा था। इससे पहले यह रिकार्ड बुल्गारिया की डायना इओगोवा के नाम था। उनका 594 अंक का रिकार्ड था। मां नीलम का कहना है कि उसके बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ गया और वह कई प्रतियोगिताओं में पदक जीतती गई।
जिले की शूटर रिदम सांगवान ने आईएसएसएफ विश्व कप बाकू में 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में 600 अंक में से 595 अंक बनाकर 29 वर्ष पुराने रिकार्ड को तोड़ा था। इससे पहले यह रिकार्ड बुल्गारिया की डायना इओगोवा के नाम था। उनका 594 अंक का रिकार्ड था। मां नीलम का कहना है कि उसके बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ गया और वह कई प्रतियोगिताओं में पदक जीतती गई।
रोज करती है योग और मेडिटेशन
एकाग्रता बढ़ाने के लिए वह रोजाना सुबह में एक से दो घंटा योग और मेडिटेशन करती है। इसके लिए उन्होंने योग गुरु का सहारा भी लिया, जिससे की वह बेहतर परिणाम दे सकें।
एकाग्रता बढ़ाने के लिए वह रोजाना सुबह में एक से दो घंटा योग और मेडिटेशन करती है। इसके लिए उन्होंने योग गुरु का सहारा भी लिया, जिससे की वह बेहतर परिणाम दे सकें।
जिले को शूटिंग में मिला दूसरा पदक
एशियाई खेल में स्मार्ट सिटी के शूटर आदर्श सिंह ने 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल टीम इवेंट में पहले कांस्य पदक जीता है। जबकि दूसरा पदक 25 मीटर महिला स्पोर्ट्स पिस्टल में रिदम ने दिलाया। जिले के लोगों को शूटिंग में शिवा नरवाल से तीसरे पदक की उम्मीद की उम्मीद है। इसके अलावा प्रीति लांबा एथलेटिक से भाग्य आजमाएंगी।
एशियाई खेल में स्मार्ट सिटी के शूटर आदर्श सिंह ने 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल टीम इवेंट में पहले कांस्य पदक जीता है। जबकि दूसरा पदक 25 मीटर महिला स्पोर्ट्स पिस्टल में रिदम ने दिलाया। जिले के लोगों को शूटिंग में शिवा नरवाल से तीसरे पदक की उम्मीद की उम्मीद है। इसके अलावा प्रीति लांबा एथलेटिक से भाग्य आजमाएंगी।