{"_id":"688287690c8c8c9ebf0fb2a7","slug":"asha-worker-union-accused-the-state-government-of-breaking-its-promise-faridabad-news-c-26-1-fbd1020-47838-2025-07-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: आशा वर्कर यूनियन ने प्रदेश सरकार पर लगाया वादा खिलाफी का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: आशा वर्कर यूनियन ने प्रदेश सरकार पर लगाया वादा खिलाफी का आरोप
विज्ञापन
यूनियन ने मांगों को लेकर बनाई आंदोलन की रणनीति
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। आशा वर्कर यूनियन आगामी 4 अगस्त को रेवाड़ी में स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के निवास स्थान का घेराव करेगी। इसमें जिले की सैकड़ों आशा वर्कर भाग लेंगी। यह निर्णय बृहस्पतिवार को सुकोमल सेन भवन में बैठक के दौरान लिया गया। इसकी अध्यक्षता जिला प्रधान हेमलता ने की। जबकि संचालन जिला सचिव सुधा ने किया।
इस बैठक में क्यूबा के लिए एकजुटता फंड अभियान चलाने का निर्णय भी लिया गया। उन्होंने बताया कि यूनियन की राज्य स्तर की बैठक रोहतक में 31 जुलाई से एक अगस्त को होगी। इसमें राज्य स्तर के घेराव की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।
यूनियन की मुख्य मांग है कि वर्ष 2023 में 7 अगस्त से 19 अक्टूबर तक चली हड़ताल के दौरान फिक्स मानदेय की कटौती और इंसेंटिव की कटौती को तुरंत बहाल किया जाए। इसके अलावा हाई रिस्क आरोग्य मंदिर, टीवी सर्वे, कुष्ठ रोग का पैसा पूरे प्रदेश में लागू किया जाए। इसके साथ-साथ आशाओं की ऑनलाइन प्रोफार्मा में सुधार करते हुए ऑफलाइन प्रोफार्मा खत्म किया जाए। इसके अलावा आशा वर्करों को नियमित किया जाए। इन्हें न्यूनतम वेतन 26000 दिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। आशा वर्कर यूनियन आगामी 4 अगस्त को रेवाड़ी में स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के निवास स्थान का घेराव करेगी। इसमें जिले की सैकड़ों आशा वर्कर भाग लेंगी। यह निर्णय बृहस्पतिवार को सुकोमल सेन भवन में बैठक के दौरान लिया गया। इसकी अध्यक्षता जिला प्रधान हेमलता ने की। जबकि संचालन जिला सचिव सुधा ने किया।
इस बैठक में क्यूबा के लिए एकजुटता फंड अभियान चलाने का निर्णय भी लिया गया। उन्होंने बताया कि यूनियन की राज्य स्तर की बैठक रोहतक में 31 जुलाई से एक अगस्त को होगी। इसमें राज्य स्तर के घेराव की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।
विज्ञापन
यूनियन की मुख्य मांग है कि वर्ष 2023 में 7 अगस्त से 19 अक्टूबर तक चली हड़ताल के दौरान फिक्स मानदेय की कटौती और इंसेंटिव की कटौती को तुरंत बहाल किया जाए। इसके अलावा हाई रिस्क आरोग्य मंदिर, टीवी सर्वे, कुष्ठ रोग का पैसा पूरे प्रदेश में लागू किया जाए। इसके साथ-साथ आशाओं की ऑनलाइन प्रोफार्मा में सुधार करते हुए ऑफलाइन प्रोफार्मा खत्म किया जाए। इसके अलावा आशा वर्करों को नियमित किया जाए। इन्हें न्यूनतम वेतन 26000 दिया जाए।
विज्ञापन