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Faridabad News: गैस के दाम बढ़े तो टपरियों की चाय भी हुई महंगी

Mon, 16 Mar 2026 12:43 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 16 Mar 2026 12:43 AM IST
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As the price of gas increased, the tea at the roadside stalls also became expensive
-, 10 से बढ़कर 15 रुपये हुआ एक कप, चाय पर चर्चा का स्वाद भी कसैला
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-बढ़ती लागत से दुकानदार और ग्राहक दोनों परेशान



सद्दाम हुसैन

पिनगवां। रसोई गैस के दामों में हुई बढ़ोतरी का असर अब कस्बों और गांवों की चाय की टपरियों तक पहुंच गया है। पहले जहां एक कप चाय 10 रुपये में मिल जाती थी, वहीं अब कई जगहों पर इसकी कीमत बढ़ाकर 15 रुपये कर दी गई है। महंगाई की इस मार से न सिर्फ चाय बेचने वाले दुकानदार प्रभावित हुए हैं, बल्कि रोजाना टपरियों पर बैठकर चाय की चुस्कियों के साथ चर्चा करने वाले लोगों की जेब पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ने लगा है।
पिनगवां कस्बे में भी चाय की टपरियों पर चाय के दाम बढ़ने की चर्चा जोरों पर है। यहां चाय की एक टपरी पर बैठे रफीक खान, फकरूद्दीन, आरिफ, कुर्री, कमरुद्दीन, सरजीत और फरीद सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि चाय के दाम बढ़ने से अब टपरियों पर बैठकर लंबे समय तक चर्चा करना भी महंगा पड़ने लगा है। उनका कहना है कि पहले 10 रुपये में चाय पीते हुए गांव, राजनीति और देश-दुनिया के मुद्दों पर आराम से बातचीत हो जाती थी, लेकिन अब हर कप चाय के साथ खर्च भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने बताया कि टपरियों पर चाय सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि लोगों के मिलने-जुलने और विचार साझा करने का एक जरिया भी होती है।
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परंपरा पर भी पड़ रहा असर :

गांव और कस्बों में लोग रोजाना सुबह-शाम यहां इकट्ठा होकर सामाजिक, राजनीतिक और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा करते हैं। ऐसे में चाय के दाम बढ़ने से इस परंपरा पर भी असर पड़ता दिखाई दे रहा है। दूसरी ओर चाय की टपरी चलाने वाले दुकानदारों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के कारण उन्हें भी मजबूरी में चाय के दाम बढ़ाने पड़े हैं। दुकानदारों के अनुसार रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में अचानक बढ़ोतरी हुई है, जिससे चाय बनाने की लागत बढ़ गई है। इसके साथ ही दूध के दाम भी पहले की तुलना में ज्यादा हो गए हैं, जिससे खर्च और बढ़ गया है।
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बोले दुकानदार :
दुकानदारों का कहना है कि अगर चाय के दाम नहीं बढ़ाए जाते तो उन्हें घाटा उठाना पड़ता। इसलिए लागत को देखते हुए चाय की कीमत 10 रुपये से बढ़ाकर 15 रुपये करनी पड़ी। हालांकि दुकानदारों का यह भी कहना है कि वे ग्राहकों को बेहतर गुणवत्ता की चाय देने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि बढ़ी कीमत के बावजूद लोग संतुष्ट रहें।

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नहीं बदली लोगों की आदत :
महंगाई के इस दौर में चाय की टपरियों पर मिलने वाली चाय की कीमत भले ही बढ़ गई हो, लेकिन लोगों की आदतें अभी भी वैसी ही बनी हुई हैं। चर्चा, बहस और मेल-मिलाप का यह सिलसिला जारी है, बस अब हर चुस्की के साथ जेब पर थोड़ा ज्यादा असर महसूस होने लगा है।
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