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Faridabad News: अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए तैयार होगा अरावली गोल्फ कोर्स
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योजना के तहत 9 से बढ़ाकर 18 होल का करने का लक्ष्य, पहले चरण में रिनोवेशन से बदलेगी सूरत
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। बड़खल क्षेत्र में अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित ऐतिहासिक अरावली गोल्फ कोर्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने की दिशा में काम तेज हो गया है। हरियाणा पर्यटन निगम ने इस प्रतिष्ठित गोल्फ कोर्स के व्यापक अपग्रेडेशन और नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले चरण में करोड़ों रुपये की लागत से कमरों और बाहरी ढांचे को आधुनिक बनाया जा रहा है जबकि दीर्घकालीन योजना के तहत इसे 9 से बढ़ाकर 18 होल का करने का लक्ष्य रखा गया है। इस बदलाव के बाद फरीदाबाद अंतरराष्ट्रीय गोल्फ प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए तैयार हो सकेगा।
करीब 68 एकड़ में फैला यह गोल्फ कोर्स लंबे समय से दिल्ली-एनसीआर के खिलाड़ियों और कॉरपोरेट सेक्टर के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। वर्तमान में यहां 500 से अधिक खिलाड़ी नियमित रूप से खेलते हैं। हालांकि रखरखाव और सीमित सुविधाओं के कारण पिछले कुछ वर्षों में बड़े टूर्नामेंट यहां आयोजित नहीं हो पाए। अब सरकार इसे फिर से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर स्थापित करने की तैयारी में है।
अंग्रेजी शासनकाल से जुड़ा गौरवशाली इतिहास
अरावली गोल्फ कोर्स का इतिहास करीब दो शताब्दियों पुराना है। वर्ष 1835 में अंग्रेज अधिकारियों ने यहां गोल्फ खेलना शुरू किया था। उस समय यह क्षेत्र घने जंगलों से घिरा हुआ था और मनोरंजन के लिए अंग्रेज यहां आते थे। मैदान का उपयोग घुड़दौड़ के लिए भी किया जाता था। इसका आधुनिक स्वरूप वर्ष 1966 में सामने आया जब एक अमेरिकी डिजाइनर ने इसका ढांचा तैयार किया। हरियाणा राज्य गठन के बाद 1987 में इसे पर्यटन विभाग के अधीन लाया गया। तब से यह प्रदेश के प्रमुख खेल और पर्यटन स्थलों में शामिल है।
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पहले चरण में साढ़े आठ करोड़ से होगा काम
जानकारी के अनुसार गोल्फ कोर्स में कुल 11 कमरों के नवीनीकरण की योजना पर काम चल रहा है। इनमें से 7 कमरों का रिनोवेशन पूरा किया जा चुका है जबकि शेष 4 कमरों के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन कमरों में आधुनिक इंटीरियर, वुडन कैबिनेट, एलईडी लाइटिंग और प्रीमियम सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं। इसमें करीब साढ़े आठ करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसके साथ ही गोल्फ कोर्स के बाहरी हिस्से को भी नया रूप दिया जाएगा। लैंडस्केपिंग, पाथवे, बैठने की व्यवस्था और प्रवेश क्षेत्र को आकर्षक बनाने के लिए सौंदर्यीकरण योजना तैयार की गई है।
नई पाइपलाइन और हरियाली पर जोर
पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार गोल्फ कोर्स में नई पाइपलाइन डाली जाएगी ताकि सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके। इसके अलावा पौधों और घास को अधिक हरा-भरा बनाए रखने के लिए विशेष योजना पर काम किया जा रहा है। यह कदम न केवल खेल की गुणवत्ता सुधारने में मदद करेगा बल्कि पूरे परिसर को एक प्रीमियम और प्राकृतिक लुक भी देगा।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
गोल्फ कोर्स के अपग्रेड होने से फरीदाबाद को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिलने की उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित होने पर देश-विदेश से खिलाड़ी और पर्यटक यहां आएंगे, जिससे होटल, परिवहन, रेस्टोरेंट और अन्य स्थानीय व्यवसायों को लाभ मिलेगा। साथ ही स्थानीय खिलाड़ियों को अपने ही शहर में बेहतर सुविधाएं और बड़े मंच पर खेलने का अवसर मिलेगा। इससे युवाओं में गोल्फ जैसे खेलों के प्रति रुचि भी बढ़ेगी।
गोल्फ कोर्स में सुविधाओं को बढ़ाने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है, कमरों को नया रूप देने के साथ बाहरी रेनोवेशन का काम जल्द पूरा कर दिया जाएगा। - यूएस भारद्वाज, महाप्रबंधक, हरियाणा पर्यटन निगम, फरीदाबाद
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मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। बड़खल क्षेत्र में अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित ऐतिहासिक अरावली गोल्फ कोर्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने की दिशा में काम तेज हो गया है। हरियाणा पर्यटन निगम ने इस प्रतिष्ठित गोल्फ कोर्स के व्यापक अपग्रेडेशन और नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले चरण में करोड़ों रुपये की लागत से कमरों और बाहरी ढांचे को आधुनिक बनाया जा रहा है जबकि दीर्घकालीन योजना के तहत इसे 9 से बढ़ाकर 18 होल का करने का लक्ष्य रखा गया है। इस बदलाव के बाद फरीदाबाद अंतरराष्ट्रीय गोल्फ प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए तैयार हो सकेगा।
करीब 68 एकड़ में फैला यह गोल्फ कोर्स लंबे समय से दिल्ली-एनसीआर के खिलाड़ियों और कॉरपोरेट सेक्टर के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। वर्तमान में यहां 500 से अधिक खिलाड़ी नियमित रूप से खेलते हैं। हालांकि रखरखाव और सीमित सुविधाओं के कारण पिछले कुछ वर्षों में बड़े टूर्नामेंट यहां आयोजित नहीं हो पाए। अब सरकार इसे फिर से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर स्थापित करने की तैयारी में है।
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अंग्रेजी शासनकाल से जुड़ा गौरवशाली इतिहास
अरावली गोल्फ कोर्स का इतिहास करीब दो शताब्दियों पुराना है। वर्ष 1835 में अंग्रेज अधिकारियों ने यहां गोल्फ खेलना शुरू किया था। उस समय यह क्षेत्र घने जंगलों से घिरा हुआ था और मनोरंजन के लिए अंग्रेज यहां आते थे। मैदान का उपयोग घुड़दौड़ के लिए भी किया जाता था। इसका आधुनिक स्वरूप वर्ष 1966 में सामने आया जब एक अमेरिकी डिजाइनर ने इसका ढांचा तैयार किया। हरियाणा राज्य गठन के बाद 1987 में इसे पर्यटन विभाग के अधीन लाया गया। तब से यह प्रदेश के प्रमुख खेल और पर्यटन स्थलों में शामिल है।
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पहले चरण में साढ़े आठ करोड़ से होगा काम
जानकारी के अनुसार गोल्फ कोर्स में कुल 11 कमरों के नवीनीकरण की योजना पर काम चल रहा है। इनमें से 7 कमरों का रिनोवेशन पूरा किया जा चुका है जबकि शेष 4 कमरों के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन कमरों में आधुनिक इंटीरियर, वुडन कैबिनेट, एलईडी लाइटिंग और प्रीमियम सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं। इसमें करीब साढ़े आठ करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसके साथ ही गोल्फ कोर्स के बाहरी हिस्से को भी नया रूप दिया जाएगा। लैंडस्केपिंग, पाथवे, बैठने की व्यवस्था और प्रवेश क्षेत्र को आकर्षक बनाने के लिए सौंदर्यीकरण योजना तैयार की गई है।
नई पाइपलाइन और हरियाली पर जोर
पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार गोल्फ कोर्स में नई पाइपलाइन डाली जाएगी ताकि सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके। इसके अलावा पौधों और घास को अधिक हरा-भरा बनाए रखने के लिए विशेष योजना पर काम किया जा रहा है। यह कदम न केवल खेल की गुणवत्ता सुधारने में मदद करेगा बल्कि पूरे परिसर को एक प्रीमियम और प्राकृतिक लुक भी देगा।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
गोल्फ कोर्स के अपग्रेड होने से फरीदाबाद को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिलने की उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित होने पर देश-विदेश से खिलाड़ी और पर्यटक यहां आएंगे, जिससे होटल, परिवहन, रेस्टोरेंट और अन्य स्थानीय व्यवसायों को लाभ मिलेगा। साथ ही स्थानीय खिलाड़ियों को अपने ही शहर में बेहतर सुविधाएं और बड़े मंच पर खेलने का अवसर मिलेगा। इससे युवाओं में गोल्फ जैसे खेलों के प्रति रुचि भी बढ़ेगी।
गोल्फ कोर्स में सुविधाओं को बढ़ाने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है, कमरों को नया रूप देने के साथ बाहरी रेनोवेशन का काम जल्द पूरा कर दिया जाएगा। - यूएस भारद्वाज, महाप्रबंधक, हरियाणा पर्यटन निगम, फरीदाबाद