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Faridabad News: एशियन बैडमिंटन में पीवी सिंधु के साथ भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी अनमोल
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फोटो-
-जिले की बेटी अनमोल खरब का राष्ट्रीय बैडमिंटन टीम में चयन
-16 वर्ष में सब जूनियर, जूनियर और राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियन बनने वाली भारत की पहली खिलाड़ी
-मलयेशिया में एशियन चैंपियनशिप में उतरेंगी, पिछले माह गुवाहाटी में राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप जीती
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिले की बेटी बैडमिंटन खिलाड़ी अनमोल खरब का भारतीय टीम में चयन हुआ है। वह शहर की पहली ऐसी पहली खिलाड़ी हैं, जिनको यह उपलब्धि हासिल हुई है। यह बैडमिंटन चैंपियनशिप 13 से 18 फरवरी तक मलयेशिया में आयोजित की जाएगी। भारतीय टीम में चयन होने से परिवार में खुशी का माहौल है। पिता अधिवक्ता देवेंद्र सिंह खरब और जिला बैडमिंटन संघ के प्रधान डॉ. अमित भल्ला, महासचिव संजय सपरा ने अनमोल को बधाई और प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दी हैं। वह साइना नेहवाल के बाद दूसरी ऐसी महिला खिलाड़ी है, जिसका चयन 16 वर्ष की आयु में सीनियर टीम में हुआ है।
सेक्टर-16 निवासी अनमोल खरब ने वर्ष 2023 में हैदराबाद में हुई सब जूनियर अंडर-17 में चैंपियनशिप जीती थी। इसके बाद अंडर-19 जूनियर चैंपियनशिप में टीम प्रतिस्पर्धा में स्वर्ण और एकल प्रतिस्पर्धा में रजत पदक जीता था। वहीं पिछले साल 20 से 24 दिसंबर को गुवाहटी में संपन्न हुई सीनियर नेशनल चैंपियनशिप का टाइटल भी जीता था। इसके अलावा पिछले वर्ष नॉर्थ जोन चैंपियनशिप में भी जीत हासिल की थी। अनमोल, साइना नेहवाल के बाद दूसरी ऐसी महिला खिलाड़ी बन गई हैं, जिसने 16 वर्ष की आयु में देश की सीनियर टीम में जगह बनाई है। फिलहाल उनका पूरा ध्यान एशिया बैडमिंटन चैंपियनशिप पर है। वह जीत दर्ज करने के लिए जमकर पसीना बहा रही हैं। इसके लिए वह नोएडा स्थित बैडमिंटन अकादमी में अभ्यास कर रही हैं।
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राष्ट्रीय स्तर पर स्केटिंग में जीता पदक, बेटे को लगी चोट तो बदला खेल
कबड्डी खेल में माहिर पिता देवेंद्र खरब ने बताया कि अनमोल जब पांच वर्ष की थी तो उसे पार्क में घुमाने ले जाते थे। वहां अन्य बच्चों को स्केटिंग करते देख उसे भी इसका शौक चढ़ गया। छह साल की आयु में मुंबई में आयोजित स्कूल गेम में राष्ट्रीय स्तर पर खेल कर आई और देश प्रदेश में शहर का नाम रोशन किया। सेक्टर-16 में घर के पास ही पार्क में वह अपने दोस्तों के साथ रोजाना बैडमिंटन खेलते थे तो अनमोल भी बीच में आकर खड़ी हो जाती थी और साथ में खिलाने की जिद्द करती थी। ऐसे में एक दोस्त को उसके साथ खेलने की ड्यूटी लगाते थे। बेटी अनमोल को बैडमिंटन रैकेट पकड़ कर खेलते देखा तो उनकी पारखी नजरों ने यह पढ़ लिया कि फुर्तीले अंदाज में इधर-उधर होना उसे आगे बढ़ा सकता है। फिर पिता उसे खेल के गुर सिखाने के लिए केएल मेहता स्पोर्ट्स अकादमी ले गए। यहां जिला बैडमिंटन संघ के सचिव और मास्टर्स बैडमिंटन चैंपियन संजय सपरा ने अनमोल को कोर्ट में उतारा और टेस्ट लिया। उन्होंने भी महसूस किया कि इस बालिका पर मेहनत करने पर बात बन सकती है। बस शुरू हो गया अनमोल को कोर्ट में बैडमिंटन खेल का ककहरा सिखाने का सिलसिला। अनमोल ने इसके बाद फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने बताया कि उनका बेटा भी बचपन में स्केटिंग करता था। खेल के दौरान उसे चोट लग गई थी। इसे देखते हुए उन्होंने बेटी को बैडमिंटन में ही आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।--
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सुबह साढ़े पांच बजे से शुरू हो जाती है दिनचर्या
अनमोल खरब अपने खेल को आगे बढ़ाने के लिए कितनी मेहनती व अनुशासित है, यह इससे पता चलता है कि प्रतिदिन उनकी सुबह साढ़े पांच बजे दिनचर्या शुरू हो जाती है। सुबह उठने के बाद कभी माता राजबाला और कभी पिता देवेंद्र खरब के साथ स्टेडियम जाना होता है। फिजिकल कोच सागर नरवत के मार्गदर्शन में शारीरिक अभ्यास पर काम करती हैं। दो घंटे का सेशन होने के बाद आठ बजे घर पहुंचती हैं। इसके बाद दो घंटे का आराम करने के बाद साईं अकादमी जाना, वहां सुबह दस से 12 बजे तक खेल अभ्यास। लंच में फिर दो से चार घंटे का आराम और शाम को पांच बजे फिर अकादमी पहुंचती हैं, जहां कोच राहुल और कमल वशिष्ठ के नेतृत्व में कोचिंग शुरू हो जाती है। शाम 7.30 बजे से रात 9.30 बजे तक पढ़ना और फिर खाना खाकर सो जाना।
उन्नति हुड्डा को सीधे सेटों से हराकर छाईं
अनमोल खरब सब जूनियर व जूनियर श्रेणी में विभिन्न मौकों पर रोहतक की उन्नति हुड्डा से हार चुकी थीं। विभिन्न कोशिशों के बाद भी अनमोल साथी प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी पर पार नहीं पा रहीं थीं। इससे वो निराश भी हो जाती हैं। दिल्ली पब्लिक स्कूल सेक्टर-19 में 11वीं कक्षा की छात्रा अनमोल को एक दिन प्रधानाचार्य अनिल शर्मा ने उदास पाया और कारण पूछा। इसके बाद प्रधानाचार्य अनिल ने अनमोल को प्रोत्साहित किया और प्रेरित करते हुए कोशिशें जारी रखने की नसीहत दी, साथ ही जीत के टिप्स भी दिए। पंचकूला में अनमोल प्रतिद्वंद्वी के सामने थी तो उन्नति को 17-21, 21-15 व 21-13 से मात देकर जीत हासिल कर ही ली। यह अनमोल के करियर की सबसे बड़ी जीत में से एक थी, क्योंकि रोहतक की खिलाड़ी उन्नति हुड्डा राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय टीम में शामिल थीं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्नति से बात की थी, इस कारण वह चर्चा में आईं थी।
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-जिले की बेटी अनमोल खरब का राष्ट्रीय बैडमिंटन टीम में चयन
-16 वर्ष में सब जूनियर, जूनियर और राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियन बनने वाली भारत की पहली खिलाड़ी
-मलयेशिया में एशियन चैंपियनशिप में उतरेंगी, पिछले माह गुवाहाटी में राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप जीती
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिले की बेटी बैडमिंटन खिलाड़ी अनमोल खरब का भारतीय टीम में चयन हुआ है। वह शहर की पहली ऐसी पहली खिलाड़ी हैं, जिनको यह उपलब्धि हासिल हुई है। यह बैडमिंटन चैंपियनशिप 13 से 18 फरवरी तक मलयेशिया में आयोजित की जाएगी। भारतीय टीम में चयन होने से परिवार में खुशी का माहौल है। पिता अधिवक्ता देवेंद्र सिंह खरब और जिला बैडमिंटन संघ के प्रधान डॉ. अमित भल्ला, महासचिव संजय सपरा ने अनमोल को बधाई और प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दी हैं। वह साइना नेहवाल के बाद दूसरी ऐसी महिला खिलाड़ी है, जिसका चयन 16 वर्ष की आयु में सीनियर टीम में हुआ है।
सेक्टर-16 निवासी अनमोल खरब ने वर्ष 2023 में हैदराबाद में हुई सब जूनियर अंडर-17 में चैंपियनशिप जीती थी। इसके बाद अंडर-19 जूनियर चैंपियनशिप में टीम प्रतिस्पर्धा में स्वर्ण और एकल प्रतिस्पर्धा में रजत पदक जीता था। वहीं पिछले साल 20 से 24 दिसंबर को गुवाहटी में संपन्न हुई सीनियर नेशनल चैंपियनशिप का टाइटल भी जीता था। इसके अलावा पिछले वर्ष नॉर्थ जोन चैंपियनशिप में भी जीत हासिल की थी। अनमोल, साइना नेहवाल के बाद दूसरी ऐसी महिला खिलाड़ी बन गई हैं, जिसने 16 वर्ष की आयु में देश की सीनियर टीम में जगह बनाई है। फिलहाल उनका पूरा ध्यान एशिया बैडमिंटन चैंपियनशिप पर है। वह जीत दर्ज करने के लिए जमकर पसीना बहा रही हैं। इसके लिए वह नोएडा स्थित बैडमिंटन अकादमी में अभ्यास कर रही हैं।
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राष्ट्रीय स्तर पर स्केटिंग में जीता पदक, बेटे को लगी चोट तो बदला खेल
कबड्डी खेल में माहिर पिता देवेंद्र खरब ने बताया कि अनमोल जब पांच वर्ष की थी तो उसे पार्क में घुमाने ले जाते थे। वहां अन्य बच्चों को स्केटिंग करते देख उसे भी इसका शौक चढ़ गया। छह साल की आयु में मुंबई में आयोजित स्कूल गेम में राष्ट्रीय स्तर पर खेल कर आई और देश प्रदेश में शहर का नाम रोशन किया। सेक्टर-16 में घर के पास ही पार्क में वह अपने दोस्तों के साथ रोजाना बैडमिंटन खेलते थे तो अनमोल भी बीच में आकर खड़ी हो जाती थी और साथ में खिलाने की जिद्द करती थी। ऐसे में एक दोस्त को उसके साथ खेलने की ड्यूटी लगाते थे। बेटी अनमोल को बैडमिंटन रैकेट पकड़ कर खेलते देखा तो उनकी पारखी नजरों ने यह पढ़ लिया कि फुर्तीले अंदाज में इधर-उधर होना उसे आगे बढ़ा सकता है। फिर पिता उसे खेल के गुर सिखाने के लिए केएल मेहता स्पोर्ट्स अकादमी ले गए। यहां जिला बैडमिंटन संघ के सचिव और मास्टर्स बैडमिंटन चैंपियन संजय सपरा ने अनमोल को कोर्ट में उतारा और टेस्ट लिया। उन्होंने भी महसूस किया कि इस बालिका पर मेहनत करने पर बात बन सकती है। बस शुरू हो गया अनमोल को कोर्ट में बैडमिंटन खेल का ककहरा सिखाने का सिलसिला। अनमोल ने इसके बाद फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने बताया कि उनका बेटा भी बचपन में स्केटिंग करता था। खेल के दौरान उसे चोट लग गई थी। इसे देखते हुए उन्होंने बेटी को बैडमिंटन में ही आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
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सुबह साढ़े पांच बजे से शुरू हो जाती है दिनचर्या
अनमोल खरब अपने खेल को आगे बढ़ाने के लिए कितनी मेहनती व अनुशासित है, यह इससे पता चलता है कि प्रतिदिन उनकी सुबह साढ़े पांच बजे दिनचर्या शुरू हो जाती है। सुबह उठने के बाद कभी माता राजबाला और कभी पिता देवेंद्र खरब के साथ स्टेडियम जाना होता है। फिजिकल कोच सागर नरवत के मार्गदर्शन में शारीरिक अभ्यास पर काम करती हैं। दो घंटे का सेशन होने के बाद आठ बजे घर पहुंचती हैं। इसके बाद दो घंटे का आराम करने के बाद साईं अकादमी जाना, वहां सुबह दस से 12 बजे तक खेल अभ्यास। लंच में फिर दो से चार घंटे का आराम और शाम को पांच बजे फिर अकादमी पहुंचती हैं, जहां कोच राहुल और कमल वशिष्ठ के नेतृत्व में कोचिंग शुरू हो जाती है। शाम 7.30 बजे से रात 9.30 बजे तक पढ़ना और फिर खाना खाकर सो जाना।
उन्नति हुड्डा को सीधे सेटों से हराकर छाईं
अनमोल खरब सब जूनियर व जूनियर श्रेणी में विभिन्न मौकों पर रोहतक की उन्नति हुड्डा से हार चुकी थीं। विभिन्न कोशिशों के बाद भी अनमोल साथी प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी पर पार नहीं पा रहीं थीं। इससे वो निराश भी हो जाती हैं। दिल्ली पब्लिक स्कूल सेक्टर-19 में 11वीं कक्षा की छात्रा अनमोल को एक दिन प्रधानाचार्य अनिल शर्मा ने उदास पाया और कारण पूछा। इसके बाद प्रधानाचार्य अनिल ने अनमोल को प्रोत्साहित किया और प्रेरित करते हुए कोशिशें जारी रखने की नसीहत दी, साथ ही जीत के टिप्स भी दिए। पंचकूला में अनमोल प्रतिद्वंद्वी के सामने थी तो उन्नति को 17-21, 21-15 व 21-13 से मात देकर जीत हासिल कर ही ली। यह अनमोल के करियर की सबसे बड़ी जीत में से एक थी, क्योंकि रोहतक की खिलाड़ी उन्नति हुड्डा राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय टीम में शामिल थीं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्नति से बात की थी, इस कारण वह चर्चा में आईं थी।