फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Amrit Sarovar will provide support to dried up hand pumps

Faridabad News: सूख चुके हैंडपंपों को सहारा देंगे अमृत सरोवर

Thu, 22 Jan 2026 12:33 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jan 2026 12:33 AM IST
विज्ञापन
Amrit Sarovar will provide support to dried up hand pumps
यमुना किनारे 20 एकड़ में बनेगा विशाल तलाब, 50 गांवों में अमृत सरोवर से होगा भूजल रिचार्ज
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो

फरीदाबाद। तेजी से गिरते भूजल स्तर और बढ़ती आबादी की पानी की जरूरतों को देखते हुए बड़े प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया गया है। एफएमडीए ने यमुना किनारे जल संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। इस योजना के तहत जहां यमुना के मैदानी क्षेत्र में 20 एकड़ में एक विशाल तालाब को विकसित किया जा रहा है वहीं जिले के 50 गांवों में अमृत सरोवरों के जरिये धरती के भीतर पानी को फिर से संजोने की तैयारी की जा रही है। यह योजना आज की जरूरत को पूरा करने के साथ आने वाले दशकों के लिए फरीदाबाद में जल की समस्या को दूर कर देगी।


फरीदाबाद में पानी अब चिंता का विषय बन चुका है। बीते 15-20 वर्षों में जिले के कई इलाकों में भूजल स्तर खतरनाक तरीके से नीचे गया है। यमुना के आसपास के क्षेत्रों में जहां कभी 3-4 मीटर पर पानी मिल जाता था अब वहां 12 से 15 मीटर तक खुदाई करनी पड़ रही है। शहर के पश्चिमी हिस्सों में हालात और गंभीर हैं जहां जलस्तर 25 से 40 मीटर तक नीचे जा चुका है। इसका असर साफ दिख रहा है, कई इलाकों में हैंडपंप सूख चुके हैं, ट्यूबवेल की लागत बढ़ गई है और पानी की गुणवत्ता भी खराब हुई है। वहीं विशेषज्ञ भी लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि अगर अभी भूजल रिचार्ज पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में हालात और बिगड़ सकते हैं।
विज्ञापन



इस चुनौती से निपटने के लिए एफएमडीए की ओर से यमुना के मैदानी क्षेत्र में गांव नांगला माजरा चांदपुर के पास 20 एकड़ भूमि पर एक बड़ा तालाब बनाया जा रहा है। इससे बारिश का पानी एकत्र होने के साथ यमुना नदी में बाढ़ की स्थिति आने पर नदी किनारे के इलाकों को बचाया जा सकेगा। यह तालाब पानी जमा करने के साधन के साथ एक प्राकृतिक रिचार्ज सिस्टम की तरह काम करेगा। इससे आसपास के रेनी वेल और ट्यूबवेल का जलस्तर सुधरेगा और भविष्य में पीने के पानी के नए स्रोत विकसित करने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन



शहर की प्यास बुझाने में होगी मदद


फरीदाबाद की मौजूदा पानी की मांग करीब 450 एमएलडी है। जबकि सप्लाई इससे कम है। मास्टर प्लान 2031 के मुताबिक यह मांग बढ़कर लगभग 766 एमएलडी तक पहुंच सकती है। अभी शहर की आपूर्ति का बड़ा हिस्सा भूजल पर ही निर्भर है। ऐसे में यमुना किनारे बनने वाली यह तालाब शहर के लिए एक बैकअप सिस्टम की तरह साबित हो सकता है। जल भंडारण बढ़ने से जलस्तर सुधरेने के साथ लंबे समय में पानी की उपलब्धता भी अधिक स्थिर होगी।




50 गांवों में अमृत सरोवर, ग्रामीण इलाकों को संजीवनी


इस योजना का दूसरा अहम पहलू ग्रामीण फरीदाबाद से जुड़ा है। यमुना के मैदानी क्षेत्र में बसे करीब 50 गांवों में पुराने तालाबों को पुनर्जीवित कर उन्हें अमृत सरोवर के रूप में विकसित किया जाएगा। हर अमृत सरोवर कम से कम एक एकड़ क्षेत्रफल का होगा और इसमें बड़ी मात्रा में बारिश का पानी संचित किया जा सकेगा। इससे गांवों में भूजल स्तर सुधरेगा, पशुपालन को लाभ मिलेगा और खेती के लिए भी सहारा मिलेगा। इसके साथ ही गांवों का पर्यावरण संतुलन भी बेहतर होगा।




पर्यावरण और विकास के बीच रहेगा संतुलन


तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच पानी का संरक्षण सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। एफएमडीए की यह योजना विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की कोशिश है। यमुना के प्राकृतिक प्रवाह को नुकसान पहुंचाए बिना उसके अतिरिक्त पानी को सहेजना आने वाले समय में फरीदाबाद के लिए मॉडल साबित हो सकता है।





पूरे साल रिचार्ज होते रहेंगे रेनीवेल


एफएमडीए यमुना किनारे गांवों की पंचायती जमीन लेकर वहां गड्ढा खोदकर रिजर्वर यानी तालाब भी बना रहा रहा ताकि अगर बरसात के दिनों में यमुना में बाढ़ आ जाए तो पानी इन खाली तालाबों में भर जाए। इससे आसपास जलस्तर बढ़ जाएगा जिससे पूरे साल रेनीवेल भी रिचार्ज होते रहेंगे। फिलहाल इस वक्त यमुना किनारे 22 रेनीवेल लगे हुए हैं जिनसे हर रोज शहर को 330 एमएलडी पानी की सप्लाई की जाती है। शहर में हर रोज पानी 450 एमएलडी पानी की डिमांड है।




चिंताजनक है जिले नें भू-जल स्थिति
केंद्रीय भू-जल बोर्ड की प्री-मानसून 2025 रिपोर्ट के अनुसार फरीदाबाद जिले में भू-जल स्तर चिंताजनक स्थिति में है। जिले के अधिकांश हिस्सों में जल स्तर 10 से 20 मीटर नीचे दर्ज किया गया है जबकि कई क्षेत्रों में यह 20 से 40 मीटर तक पहुंच चुका है। फरीदाबाद में भू-जल की निगरानी 12 पायजोमीटरों के माध्यम से की जा रही है जिससे सटीक वैज्ञानिक आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि वर्ष 2023 से 2025 के बीच कुछ इलाकों में चार मीटर से अधिक की गिरावट दर्ज हुई है।


आम लोगों को भी निभानी होगी जिम्मेदारी


एक तरफ एफएमडीए पानी को बचाने के लिए बड़े स्तर पर प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। वहीं निगम की पानी की बचत को लेकर कई योजनाएं चला रहा है लेकिन जब तक आम लोग जागरूकता के साथ इसमें अभी भागीदारी दर्ज नहीं करवाते तब तक इन योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा। लोगों को घरों में बारिश के पानी को सहेजना, पानी का सीमित और समझदारी से उपयोग करना तथा अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग को बढ़ावा देना जरूरी है। सामूहिक प्रयास से ही फरीदाबाद का जल भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है।

इस तालाब के लिए खुदाई शुरू हो गई है। इसके बनने के बाद चांदपुर के साथ आस-पास के दर्जनों गांवों को लाभ मिलेगा। वहीं यमुना में बाढ़ आने के दौरान होने वाले नुकसान से भी काफी हद तक राहत मिलेगी। - सूरजपाल उर्फ भूरा, सरपंच चांदपुर




एफएमडीए की तरफ से बड़े स्तर पर इस परियोजना पर काम किया जा रहा है। जल्द ही इसका लाभ मिलना भी शुरू हो जाएगा। - विशाल बंसल, चीफ इंजीनियर एफएमडीए
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed