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Faridabad News: भाई, तहसीलदार और रजिस्ट्री क्लर्क पर फर्जी रजिस्ट्री कर जमीन हड़पने का आरोप
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-ईओडब्ल्यू जांच के बाद चार आरोपियों पर धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में प्राथमिकी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। 273 वर्गगज जमीन की कथित फर्जी रजिस्ट्री कर हड़पने के आरोप में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की जांच के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पर्वतीय कॉलोनी निवासी संदीप मलिक की 21 मई को पुलिस आयुक्त को दी गई शिकायत पर आर्थिक अपराध शाखा ने जांच की। जांच में सामने आए तथ्यों और पुलिस उपायुक्त मुख्यालय से अनुमति मिलने के बाद शिकायतकर्ता के भाई मंदीप मलिक, तत्कालीन तहसीलदार, तहसील गौंची, रजिस्ट्री क्लर्क, तहसील कार्यालय गौंची व गवाह विनय रावत (अधिवक्ता) के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 471 और 120-बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि वह आठ फरवरी 2000 की दो पंजीकृत रजिस्ट्री के आधार पर कुल 273 वर्गगज भूमि का वैध मालिक और कब्जाधारी है। आरोप है कि भाई मंदीप मलिक ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर किसी अन्य व्यक्ति को उसकी जगह पेश किया व जाली हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान का इस्तेमाल कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर संपत्ति अपने नाम कराने का प्रयास किया।
शिकायत के अनुसार, कथित फर्जी रजिस्ट्री के पहले पृष्ठ और अंदर के पृष्ठों पर लगी तस्वीरें अलग-अलग व्यक्तियों की हैं। साथ ही दस्तावेजों पर दर्ज हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान भी शिकायतकर्ता के नहीं हैं। शिकायतकर्ता का यह भी दावा है कि जिस दिन कथित रजिस्ट्री कराई गई, उस दिन वह फरीदाबाद में मौजूद नहीं था। पुलिस प्रवक्ता यशपाल के अनुसार, मामले में दस्तावेजों, हस्ताक्षरों, अंगूठे के निशानों और अन्य साक्ष्यों की फोरेंसिक एवं तकनीकी जांच की जा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। 273 वर्गगज जमीन की कथित फर्जी रजिस्ट्री कर हड़पने के आरोप में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की जांच के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पर्वतीय कॉलोनी निवासी संदीप मलिक की 21 मई को पुलिस आयुक्त को दी गई शिकायत पर आर्थिक अपराध शाखा ने जांच की। जांच में सामने आए तथ्यों और पुलिस उपायुक्त मुख्यालय से अनुमति मिलने के बाद शिकायतकर्ता के भाई मंदीप मलिक, तत्कालीन तहसीलदार, तहसील गौंची, रजिस्ट्री क्लर्क, तहसील कार्यालय गौंची व गवाह विनय रावत (अधिवक्ता) के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 471 और 120-बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि वह आठ फरवरी 2000 की दो पंजीकृत रजिस्ट्री के आधार पर कुल 273 वर्गगज भूमि का वैध मालिक और कब्जाधारी है। आरोप है कि भाई मंदीप मलिक ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर किसी अन्य व्यक्ति को उसकी जगह पेश किया व जाली हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान का इस्तेमाल कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर संपत्ति अपने नाम कराने का प्रयास किया।
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शिकायत के अनुसार, कथित फर्जी रजिस्ट्री के पहले पृष्ठ और अंदर के पृष्ठों पर लगी तस्वीरें अलग-अलग व्यक्तियों की हैं। साथ ही दस्तावेजों पर दर्ज हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान भी शिकायतकर्ता के नहीं हैं। शिकायतकर्ता का यह भी दावा है कि जिस दिन कथित रजिस्ट्री कराई गई, उस दिन वह फरीदाबाद में मौजूद नहीं था। पुलिस प्रवक्ता यशपाल के अनुसार, मामले में दस्तावेजों, हस्ताक्षरों, अंगूठे के निशानों और अन्य साक्ष्यों की फोरेंसिक एवं तकनीकी जांच की जा रही है।
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