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Faridabad News: केमिकल ब्लास्ट में झुलसे मरीजों से जिला अस्पताल में बेड चार्ज लेने का आरोप

Thu, 19 Feb 2026 12:35 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 19 Feb 2026 12:35 AM IST
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Allegation of taking bed charge in district hospital from patients burnt in chemical blast
मुफ्त इलाज के वादे के बावजूद अस्पताल ने वसूला शुल्क
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मरीजों को बाहर से महंगी दवाएं खरीदने पर किया गया मजबूर

संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। मुजेसर क्षेत्र में हुए केमिकल ड्रम विस्फोट के बाद झुलसे लोगों के इलाज को लेकर जिला नागरिक अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग जहां सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज का दावा करता है, वहीं पीड़ितों का आरोप है कि उनसे बेड चार्ज लिया गया और कई दवाइयां बाहर से खरीदने को कहा गया। इससे व्यवस्था पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं।


सोमवार शाम हुई इस घटना में करीब 50 लोग झुलस गए थे। कई घायलों ने निजी अस्पतालों का रुख किया, जबकि कुछ को नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में भर्ती मरीजों का कहना है कि उनसे प्रतिदिन 500 रुपये बेड चार्ज वसूला गया। कुछ मरीजों से डिस्चार्ज के समय भी शुल्क लिया गया और परिजनों को बताया गया कि बिल जमा करना होगा।
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खेड़ी कलां निवासी विपिन कुमार, मुजेसर निवासी रविंद्र व गुल्लड़ सहित अन्य घायलों ने बताया कि उन्हें पहले आश्वासन दिया गया था कि इलाज पूरी तरह मुफ्त होगा। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास गोयल और स्थानीय विधायक सतीश फागना ने भी घायलों को मुफ्त उपचार व दवाइयां उपलब्ध कराने की बात कही थी। इसके बावजूद कई मरीजों को दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ीं। शीशपाल के बेटे रोहित ने बताया कि उन्होंने करीब 1500 रुपये की दवाइयां बाहर से लीं और बेड चार्ज भी जमा कराया।
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घटना में घायलों द्वारा जिला नागरिक अस्पताल में बेड चार्ज वसूले जाने पर विधायक सतीश फागना ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि किसी से शुल्क लिया गया है तो उसे वापस कराया जाएगा। इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयंत आहूजा से संपर्क का प्रयास किया गया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।



मामले के उजागर होने के बाद सामाजिक संगठनों ने भी मामले पर सवाल उठाए हैं और घायलों को मुफ्त इलाज व मुआवजा देने की मांग की है। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास गोयल ने कहा कि उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार मामले की जांच की जाएगी और यदि कहीं कमी पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी।
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