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Faridabad News: तालाब के मरम्मत में गबन मामले में सीएम पोर्टल पर शिकायतकर्ता का नंबर बदला
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संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन ने सीएम विंडो पर आई शिकायतों का समय पर समाधान करने के आदेश दिए हुए है , लेकिन पुन्हाना के पंचायत विभाग द्वारा सीएम विंडो की शिकायतों को मजाक बनाया हुआ है। पंचायत विभाग के अधिकारियों को ना तो जिला प्रशासन का डर है और ना ही सरकार का। इनमें अधिकतर शिकायतें पंचायत के विकास कार्योे से संबंधित हैे। ताजा मामला नीमका गांव का है। गांव के तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए आई राशि में ग्रामीणों ने गबन का आरोप लगाया है। दो माह पहले इसकी शिकायत सीएम विंडो के मार्फत मुख्यमंत्री से कर मामले की जांच की मांग की गई। लेकिन पंचायत विभाग के अधिकारियों ने शिकायत पर किसी दूसरे व्यक्ति का मोबाइल नंबर डालकर शिकायत को दफ्तर दाखिल कर दिया। पंचायत विभाग के अधिकारियों की इस कारगुजारी से ना केवल शिकायतकर्ता में रोष है बल्कि सीएम विडों की शिकायत में पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े किए है।
नीमका गांव निवासी असलम ने बताया कि गांव के तालाब का अमृत सरोवर स्कीम के तहत सुंदरीकरण हुआ था। ठेकेदार ने तालाब के सौंदर्यीकरण में अनुमानित राशि खर्च न कर केवल खानापूर्ति की गई। मामले की जांच को लेकर सीएम विंडो में शिकायत दर्ज कराई लेकिन पंचायत विभाग के नोडल ऑफिसर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए शिकायत कि एटीआर में किसी व्यक्ति का मोबाइल नंबर बदलकर गलत तरीके से बगैर तथ्यों के शिकायत को दफ्तर दाखिल कर दिया। आरोप है कि पंचायत विभाग के अधिकारियों ने शिकायत को लेकर उनसे कोई संपर्क नहीं किया।
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पुन्हाना। प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन ने सीएम विंडो पर आई शिकायतों का समय पर समाधान करने के आदेश दिए हुए है , लेकिन पुन्हाना के पंचायत विभाग द्वारा सीएम विंडो की शिकायतों को मजाक बनाया हुआ है। पंचायत विभाग के अधिकारियों को ना तो जिला प्रशासन का डर है और ना ही सरकार का। इनमें अधिकतर शिकायतें पंचायत के विकास कार्योे से संबंधित हैे। ताजा मामला नीमका गांव का है। गांव के तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए आई राशि में ग्रामीणों ने गबन का आरोप लगाया है। दो माह पहले इसकी शिकायत सीएम विंडो के मार्फत मुख्यमंत्री से कर मामले की जांच की मांग की गई। लेकिन पंचायत विभाग के अधिकारियों ने शिकायत पर किसी दूसरे व्यक्ति का मोबाइल नंबर डालकर शिकायत को दफ्तर दाखिल कर दिया। पंचायत विभाग के अधिकारियों की इस कारगुजारी से ना केवल शिकायतकर्ता में रोष है बल्कि सीएम विडों की शिकायत में पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े किए है।
नीमका गांव निवासी असलम ने बताया कि गांव के तालाब का अमृत सरोवर स्कीम के तहत सुंदरीकरण हुआ था। ठेकेदार ने तालाब के सौंदर्यीकरण में अनुमानित राशि खर्च न कर केवल खानापूर्ति की गई। मामले की जांच को लेकर सीएम विंडो में शिकायत दर्ज कराई लेकिन पंचायत विभाग के नोडल ऑफिसर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए शिकायत कि एटीआर में किसी व्यक्ति का मोबाइल नंबर बदलकर गलत तरीके से बगैर तथ्यों के शिकायत को दफ्तर दाखिल कर दिया। आरोप है कि पंचायत विभाग के अधिकारियों ने शिकायत को लेकर उनसे कोई संपर्क नहीं किया।
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