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Faridabad News: चार कमरों का खेल... नई गांव स्कूल निर्माण में भ्रष्टाचार की जांच ठप
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-, रिटायर्ड हेडमास्टर ने मांगा 10 दिन का समय
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। उपमंडल के नई गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में चार कमरों के निर्माण में हुए कथित भ्रष्टाचार की जांच अब तक पूरी नहीं हो सकी है। तीन सदस्यीय जांच टीम को यह रिपोर्ट 4 नवंबर तक जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय में जमा करानी थी, लेकिन मामले में स्कूल के तत्कालीन हेडमास्टर, जो अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं, ने जांच समिति से 10 दिन का अतिरिक्त समय मांगा है।
तकरीबन 6 माह पहले स्कूल में चार नए कमरे बनाए गए थे। कमरों का निर्माण नींव से करना था लेकिन स्कूल के तत्कालीन हेड मास्टर ने कमरों का निर्माण स्कूल की पुरानी इमारत पर करा दिया जो इस योग्य नहीं थी। जिला उपायुक्त के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) पुन्हाना की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम गठित की गई थी। टीम में एक प्रधानाचार्य सहित शिक्षा विभाग के कनिष्ठ अभियंता व लेखा लिपिक को शामिल किया गया।
सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम ने कई बार स्कूल स्टाफ और ठेकेदार से दस्तावेज मांगे, लेकिन सहयोग नहीं मिल रहा है। अब रिटायर्ड हेडमास्टर द्वारा 10 दिन का समय मांगे जाने से जांच और भी लंबी खिंचती दिख रही है। लोगों का कहना है कि स्कूल में भ्रष्टाचार केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत का नतीजा है। अगर क्षेत्र के अन्य सरकारी स्कूलों में कमरों के निर्माण और मरम्मत कार्य की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए तो बड़ा घोटाला उजागर हो सकता है। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारी जांच पूरी होने के बाद ही कार्रवाई की बात कह रहे हैं। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र गुप्ता का कहना है कि जांच टीम को समय बढ़ाने का अनुरोध मिला है, रिपोर्ट जल्द ही जमा कराई जाएगी।
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पुन्हाना। उपमंडल के नई गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में चार कमरों के निर्माण में हुए कथित भ्रष्टाचार की जांच अब तक पूरी नहीं हो सकी है। तीन सदस्यीय जांच टीम को यह रिपोर्ट 4 नवंबर तक जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय में जमा करानी थी, लेकिन मामले में स्कूल के तत्कालीन हेडमास्टर, जो अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं, ने जांच समिति से 10 दिन का अतिरिक्त समय मांगा है।
तकरीबन 6 माह पहले स्कूल में चार नए कमरे बनाए गए थे। कमरों का निर्माण नींव से करना था लेकिन स्कूल के तत्कालीन हेड मास्टर ने कमरों का निर्माण स्कूल की पुरानी इमारत पर करा दिया जो इस योग्य नहीं थी। जिला उपायुक्त के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) पुन्हाना की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम गठित की गई थी। टीम में एक प्रधानाचार्य सहित शिक्षा विभाग के कनिष्ठ अभियंता व लेखा लिपिक को शामिल किया गया।
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सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम ने कई बार स्कूल स्टाफ और ठेकेदार से दस्तावेज मांगे, लेकिन सहयोग नहीं मिल रहा है। अब रिटायर्ड हेडमास्टर द्वारा 10 दिन का समय मांगे जाने से जांच और भी लंबी खिंचती दिख रही है। लोगों का कहना है कि स्कूल में भ्रष्टाचार केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत का नतीजा है। अगर क्षेत्र के अन्य सरकारी स्कूलों में कमरों के निर्माण और मरम्मत कार्य की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए तो बड़ा घोटाला उजागर हो सकता है। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारी जांच पूरी होने के बाद ही कार्रवाई की बात कह रहे हैं। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र गुप्ता का कहना है कि जांच टीम को समय बढ़ाने का अनुरोध मिला है, रिपोर्ट जल्द ही जमा कराई जाएगी।
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