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Faridabad News: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एआई आधारित ड्रोन से होगी निगरानी, हादसों पर लगेगा ब्रेक
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एआई बताएगा कहां है तत्काल मरम्मत की जरूरत, एनएचएआई आगे की रणनीति करेगा तैयार
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का फरीदाबाद सेक्शन अब सिर्फ चौड़ा और तेज नहीं बल्कि पूरी तरह स्मार्ट निगरानी वाला बनने जा रहा है। एनएचएआई ने यहां पारंपरिक रखरखाव की जगह एआई आधारित ड्रोन निगरानी और स्वतंत्र तकनीकी पर्यवेक्षण का दोहरा सुरक्षा कवच तैयार किया है। इससे हाईवे की खामियां इंसानी आंख से पहले मशीन की नजर पकड़ लेगी और मरम्मत समय रहते हो सकेगी। स्थानीय लोगों को अब कम जाम, कम हादसे और ज्यादा भरोसेमंद सफर मिलेगा।
एनएचएआई ने तय किया है कि एक्सप्रेसवे के फरीदाबाद सेक्शन पर एआई आधारित ड्रोन सर्वे किया जाएगा। चालू हो चुके हिस्से पर हर छह महीने और निर्माणाधीन हिस्से पर हर महीने ड्रोन उड़ाकर डिजिटल निरीक्षण होगा। यह ड्रोन सिर्फ तस्वीरें नहीं लेगा, बल्कि एआई सॉफ्टवेयर के जरिये बताएगा कि कहां क्रैश बैरियर टूटा है, कहां सड़क में सूक्ष्म दरारें पड़ रही हैं, कहां जलभराव से नुकसान का खतरा है और कहां तत्काल मरम्मत की जरूरत है। इसी डेटा के आधार पर आगे की रखरखाव रणनीति तय होगी। अब एनएचएआई के निर्णय अंदाजे पर नहीं डेटा आधारित होंगे
50 किलोमीटर का खंड बनेगा स्मार्ट कॉरिडोर
इस हाईटेक व्यवस्था के दायरे में जैतपुर-पुश्ता रोड से लेकर केएमपी तक का करीब 50 किलोमीटर लंबा हिस्सा आएगा जिसमें फरीदाबाद-बल्लभगढ़ बाईपास से बदरपुर बॉर्डर तक का महत्वपूर्ण स्पर भी शामिल है। यह खंड दिल्ली-फरीदाबाद के बीच रोजाना लाखों यात्रियों और मालवाहक वाहनों की रीढ़ है। एआई निगरानी के साथ-साथ यहां एक इंडिपेंडेंट इंजीनियर भी नियुक्त होगा जो अगले 36 महीनों तक पूरे रूट के संचालन और रखरखाव पर नजर रखेगा।
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गड्ढे बनने से पहले ही होगी मरम्मत
अक्सर नए हाईवे कुछ सालों में खराब होने लगते हैं लेकिन इस बार मॉडल बदला जा रहा है। ड्रोन से मिलने वाले एआई अलर्ट के आधार पर सड़क की सतह, लाइटिंग, साइन बोर्ड, रिफ्लेक्टर, रोड फर्नीचर और ड्रेनेज सिस्टम की लगातार समीक्षा होगी। जहां भी शुरुआती नुकसान दिखेगा वहां बड़े गड्ढे बनने से पहले ही मरम्मत शुरू हो जाएगी। इससे न सड़क की उम्र बढ़ने के साथ रात के समय सफर भी सुरक्षित रहेगा।
फरीदाबाद को मिलेगा जाम से राहत का नया मौका
बेहतर निगरानी और त्वरित मरम्मत से एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार बनी रहेगी जिससे बदरपुर बॉर्डर और बल्लभगढ़ के बीच लगने वाले दबाव में कमी आने की उम्मीद है। इसका सीधा असर फरीदाबाद की आंतरिक सड़कों पर भी पड़ेगा। कम डायवर्जन, कम ट्रैफिक और कम प्रदूषण से लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
हादसों पर कसेगा शिकंजा, मदद भी होगी तेज
नई व्यवस्था में दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान पहले से कर ली जाएगी। टूटी हुई क्रैश बैरियर, खराब रिफ्लेक्टर या खतरनाक मोड़ों की जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी। साथ ही आपात स्थिति में त्वरित रेस्क्यू और विवाद निपटारे के लिए भी एक समन्वित तंत्र बनाया जाएगा। विशेषज्ञों के मुताबिक फरीदाबाद सेक्शन पर एआई और स्वतंत्र पर्यवेक्षण का यह संयोजन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के लिए नया मानक तय करेगा जहां तकनीक सुविधा के साथ जीवन सुरक्षा की गारंटी के रूप में काम करेगी।
लोगों की सुविधा और सुरक्षित सफर के लिए प्राधिकरण हर स्तर पर काम कर रहा है। - धीरज सिंह उप महाप्रबंधक एनएचएआई
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मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का फरीदाबाद सेक्शन अब सिर्फ चौड़ा और तेज नहीं बल्कि पूरी तरह स्मार्ट निगरानी वाला बनने जा रहा है। एनएचएआई ने यहां पारंपरिक रखरखाव की जगह एआई आधारित ड्रोन निगरानी और स्वतंत्र तकनीकी पर्यवेक्षण का दोहरा सुरक्षा कवच तैयार किया है। इससे हाईवे की खामियां इंसानी आंख से पहले मशीन की नजर पकड़ लेगी और मरम्मत समय रहते हो सकेगी। स्थानीय लोगों को अब कम जाम, कम हादसे और ज्यादा भरोसेमंद सफर मिलेगा।
एनएचएआई ने तय किया है कि एक्सप्रेसवे के फरीदाबाद सेक्शन पर एआई आधारित ड्रोन सर्वे किया जाएगा। चालू हो चुके हिस्से पर हर छह महीने और निर्माणाधीन हिस्से पर हर महीने ड्रोन उड़ाकर डिजिटल निरीक्षण होगा। यह ड्रोन सिर्फ तस्वीरें नहीं लेगा, बल्कि एआई सॉफ्टवेयर के जरिये बताएगा कि कहां क्रैश बैरियर टूटा है, कहां सड़क में सूक्ष्म दरारें पड़ रही हैं, कहां जलभराव से नुकसान का खतरा है और कहां तत्काल मरम्मत की जरूरत है। इसी डेटा के आधार पर आगे की रखरखाव रणनीति तय होगी। अब एनएचएआई के निर्णय अंदाजे पर नहीं डेटा आधारित होंगे
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50 किलोमीटर का खंड बनेगा स्मार्ट कॉरिडोर
इस हाईटेक व्यवस्था के दायरे में जैतपुर-पुश्ता रोड से लेकर केएमपी तक का करीब 50 किलोमीटर लंबा हिस्सा आएगा जिसमें फरीदाबाद-बल्लभगढ़ बाईपास से बदरपुर बॉर्डर तक का महत्वपूर्ण स्पर भी शामिल है। यह खंड दिल्ली-फरीदाबाद के बीच रोजाना लाखों यात्रियों और मालवाहक वाहनों की रीढ़ है। एआई निगरानी के साथ-साथ यहां एक इंडिपेंडेंट इंजीनियर भी नियुक्त होगा जो अगले 36 महीनों तक पूरे रूट के संचालन और रखरखाव पर नजर रखेगा।
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गड्ढे बनने से पहले ही होगी मरम्मत
अक्सर नए हाईवे कुछ सालों में खराब होने लगते हैं लेकिन इस बार मॉडल बदला जा रहा है। ड्रोन से मिलने वाले एआई अलर्ट के आधार पर सड़क की सतह, लाइटिंग, साइन बोर्ड, रिफ्लेक्टर, रोड फर्नीचर और ड्रेनेज सिस्टम की लगातार समीक्षा होगी। जहां भी शुरुआती नुकसान दिखेगा वहां बड़े गड्ढे बनने से पहले ही मरम्मत शुरू हो जाएगी। इससे न सड़क की उम्र बढ़ने के साथ रात के समय सफर भी सुरक्षित रहेगा।
फरीदाबाद को मिलेगा जाम से राहत का नया मौका
बेहतर निगरानी और त्वरित मरम्मत से एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार बनी रहेगी जिससे बदरपुर बॉर्डर और बल्लभगढ़ के बीच लगने वाले दबाव में कमी आने की उम्मीद है। इसका सीधा असर फरीदाबाद की आंतरिक सड़कों पर भी पड़ेगा। कम डायवर्जन, कम ट्रैफिक और कम प्रदूषण से लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
हादसों पर कसेगा शिकंजा, मदद भी होगी तेज
नई व्यवस्था में दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान पहले से कर ली जाएगी। टूटी हुई क्रैश बैरियर, खराब रिफ्लेक्टर या खतरनाक मोड़ों की जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी। साथ ही आपात स्थिति में त्वरित रेस्क्यू और विवाद निपटारे के लिए भी एक समन्वित तंत्र बनाया जाएगा। विशेषज्ञों के मुताबिक फरीदाबाद सेक्शन पर एआई और स्वतंत्र पर्यवेक्षण का यह संयोजन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के लिए नया मानक तय करेगा जहां तकनीक सुविधा के साथ जीवन सुरक्षा की गारंटी के रूप में काम करेगी।
लोगों की सुविधा और सुरक्षित सफर के लिए प्राधिकरण हर स्तर पर काम कर रहा है। - धीरज सिंह उप महाप्रबंधक एनएचएआई