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Faridabad News: निशुल्क सीटी-एमआरआई के लिए भर्ती अनिवार्य

Tue, 14 Apr 2026 12:32 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 14 Apr 2026 12:32 AM IST
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Admission Mandatory for Free CT and MRI Scans
बदले नियमों से मरीजों की बढ़ी परेशानी
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संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। बीके नागरिक अस्पताल में पीपीपी मॉडल के तहत संचालित एमआरआई और सीटी स्कैन केंद्र पर अब निशुल्क जांच के लिए मरीजों को पहले भर्ती होना अनिवार्य कर दिया गया है। स्वास्थ्य निदेशालय के नए निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
इस फैसले का सीधा असर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग पर पड़ रहा है, जिन्हें अब जांच के लिए अतिरिक्त प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों के अनुसार, अब किसी भी पात्र मरीज को मुफ्त एमआरआई या सीटी स्कैन का लाभ तभी मिलेगा, जब उसकी इंडोर एडमिशन या डे-केयर फाइल बनाई जाएगी। इसके साथ ही संबंधित चिकित्सक को मरीज की विस्तृत मेडिकल हिस्ट्री, जांच की आवश्यकता का स्पष्ट कारण और मरीज की सहमति फाइल में दर्ज करना अनिवार्य होगा। विभाग का कहना है कि यह व्यवस्था निशुल्क जांच सुविधा के दुरुपयोग को रोकने और रिकॉर्ड प्रणाली को अधिक पारदर्शी व जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से लागू की गई है।
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नई प्रणाली के तहत जांच से संबंधित सभी आदेशों की रोजाना समीक्षा रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) द्वारा की जाएगी। इसके बाद इन आदेशों को मेडिकल सुपरिंटेंडेंट या प्रधान चिकित्सा अधिकारी से काउंटरसाइन कराना भी जरूरी होगा। स्वास्थ्य निदेशालय ने इन निर्देशों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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हालांकि, जमीनी स्तर पर इस फैसले के नतीजे अलग नजर आ रहे हैं। पहले जहां ओपीडी के आधार पर भी पात्र श्रेणी के मरीजों को निशुल्क जांच की सुविधा मिल जाती थी, वहीं अब भर्ती की अनिवार्यता के कारण प्रक्रिया जटिल हो गई है। मरीजों को न केवल अधिक समय लग रहा है, बल्कि कई मामलों में उन्हें बार-बार अस्पताल के चक्कर भी लगाने पड़ रहे हैं। इससे इलाज में देरी की आशंका भी बढ़ गई है।



इन वर्गों को मिलती है निशुल्क सुविधा

बीपीएल कार्डधारक, दिव्यांग भत्ता प्राप्त करने वाले, अनुसूचित जाति वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस), सड़क दुर्घटना के पीड़ित, हरियाणा सरकार के कर्मचारी, पेंशनर्स व उनके आश्रित तथा एचआईवी संक्रमित मरीजों को यह सुविधा पहले की तरह निशुल्क उपलब्ध रहेगी, लेकिन अब उन्हें भी नई प्रक्रिया का पालन करना होगा। उधर, केंद्र संचालक नवनीत सक्सेना ने इस नई व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यह केंद्र मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को राहत देने के लिए स्थापित किए गए हैं और पीपीपी अनुबंध में ऐसी कोई शर्त शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि भर्ती अनिवार्यता से न केवल मरीजों को परेशानी होगी, बल्कि सेवाओं की मूल भावना भी प्रभावित होगी। इस संबंध में स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र लिखकर नियम को वापस लेने की मांग की जाएगी।

वर्जन



खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को राहत देने के उद्देश्य से यह केंद्र स्थापित किए गए हैं और अनुबंध में इस तरह की कोई अनिवार्य शर्त निर्धारित नहीं है। इसलिए स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र भेजकर इस नए नियम को वापस लेने की मांग की जाएगी। -नवनीत सक्सेना, संचालक एमआरआई, सीटी स्कैन केंद्र
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