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Faridabad News: स्कूल में अखबार की अनिवार्यता में लापरवाही बरतने पर होगी कार्रवाई

Wed, 06 May 2026 01:05 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 06 May 2026 01:05 AM IST
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Action will be taken against those who are negligent in making the newspaper compulsory in school.
शिक्षा विभाग ने पत्र जारी कर स्कूल संचालकों को दिए सख्त निर्देश
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संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। जिले के सरकारी स्कूलों में अखबार की अनिवार्यता में लापरवाही बरतने पर शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने सोमवार को पत्र जारी किया गया। इसके अनुसार लापरवाही बरतने वाले स्कूल संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी। विभाग का अखबार की अनिवार्यता का उद्देश्य छात्रों में सामान्य ज्ञान, भाषा कौशल और आलोचनात्मक सोच को विकसित करना है।

जिला शिक्षा अधिकारियों के अनुसार स्कूलों में समाचार पत्र पढ़ने का नियम नया नहीं है, यह पहले से ही व्यवस्था का हिस्सा था। हालांकि, पिछले कुछ समय से यह देखने में आया कि कुछ विद्यालयों में इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा था। इसे केवल एक औपचारिकता मानकर छोड़ दिया गया था। ऐसे में स्कूलों की इस लापरवाही पर लगाम लगाने और उन्हें सचेत करने के लिए विभाग ने दोबारा आधिकारिक पत्र जारी किया है।
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विद्यार्थियों को होंगे ये फायदे

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में छात्र सोशल मीडिया की आधी-अधूरी जानकारियों तक सीमित हो गए हैं। अखबार पढ़ने से उनके व्यक्तित्व में कई सुधार आएंगे। इनमें नए शब्दों के चयन और वाक्य संरचना से छात्रों की भाषा पर पकड़ मजबूत होगी। छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार रहेंगे और खबरों के विश्लेषण से छात्रों में सही और गलत के बीच फर्क करने की क्षमता विकसित होगी।
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बता दें कि समाचार पत्र पढ़ने के साथ ही शिक्षा विभाग ने विद्यालयों को समय-समय पर करंट अफेयर्स क्विज प्रतियोगिता, समाचार विश्लेषण, वाद-विवाद प्रतियोगिता, समाचार आधारित निबंध लेखन प्रतियोगिता, हेडलाइंस लेखन एवं अनुवाद अभ्यास, पत्रकारिता क्लब का गठन और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर चर्चा सत्र आयोजित करने के लिए कहा है।


वर्जन

जितने भी सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं, उन सभी में विद्यार्थी रोजाना समाचार पत्र पढ़ रहे हैं। कुछ प्राथमिक स्कूलों में सख्ती से इनका पालन नहीं किया जा रहा था, पर अब आधिकारिक पत्र आने के बाद सभी विद्यालयों में यह पूर्ण रूप से लागू कर दिया गया है।- अंशु सिंगला, जिला शिक्षा अधिकारी फरीदाबाद

--- गौरव मिश्रा
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