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Faridabad News: नाबालिग की बारात में शामिल होने वालों पर भी होगी कार्रवाई
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बाल विवाह रोकथाम के लिए प्रशासन उठाएगा सख्त कदम
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। बाल विवाह निषेध अधिनियम व घरेलू हिंसा अधिनियम के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त अखिल पिलानी ने अधिकारियों को बाल विवाह रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाल विवाह रोकथाम के लिए शहरी क्षेत्र में डीएमसी तथा ग्रामीण क्षेत्र में डीडीपीओ जन प्रतिनिधियों को जागरूक करें।
इसके साथ ही पुलिस विभाग अपने-अपने क्षेत्र में विशेष निगरानी रखे। उन्होंने धर्मशालाओं और मैरिज पैलेस संचालकों को भी निर्देश दिए कि शादी से पूर्व वर-वधू के जन्म प्रमाण पत्र या दसवीं कक्षा के प्रमाण पत्र अवश्य जांचें। उपायुक्त ने कहा कि देव उठनी ग्यारस के अवसर पर अधिकतर विवाह समारोह आयोजित होते हैं, ऐसे में बाल विवाह पर रोक लगाने के लिए सभी विभाग सक्रिय रहें। उन्होंने संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी मधु जैन को निर्देश दिए कि वे सामूहिक विवाह समारोहों में वर-वधू की आयु संबंधी दस्तावेजों की जांच सुनिश्चित करें। यदि किसी विवाह में वर की आयु 21 वर्ष से कम या वधू की आयु 18 वर्ष से कम पाई जाती है तो विवाह रोकने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं।उपायुक्त ने कहा कि बाल विवाह करने वाले या उसे प्रोत्साहित करने वाले सभी व्यक्तियों जैसे बाराती, विवाह स्थल के संचालक, टेंट हाउस, रसोइए, केटरर तथा मुद्रक के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। बाल विवाह की सूचना समय रहते नजदीक पुलिस थाना, हेल्पलाइन नंबर 112, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, बाल विवाह निषेध अधिकारी को या लघु सचिवालय में स्थिति तीसरी मंजिल पर कमरा नंबर 432 में आकर भी दे सकते हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। बाल विवाह निषेध अधिनियम व घरेलू हिंसा अधिनियम के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त अखिल पिलानी ने अधिकारियों को बाल विवाह रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाल विवाह रोकथाम के लिए शहरी क्षेत्र में डीएमसी तथा ग्रामीण क्षेत्र में डीडीपीओ जन प्रतिनिधियों को जागरूक करें।
इसके साथ ही पुलिस विभाग अपने-अपने क्षेत्र में विशेष निगरानी रखे। उन्होंने धर्मशालाओं और मैरिज पैलेस संचालकों को भी निर्देश दिए कि शादी से पूर्व वर-वधू के जन्म प्रमाण पत्र या दसवीं कक्षा के प्रमाण पत्र अवश्य जांचें। उपायुक्त ने कहा कि देव उठनी ग्यारस के अवसर पर अधिकतर विवाह समारोह आयोजित होते हैं, ऐसे में बाल विवाह पर रोक लगाने के लिए सभी विभाग सक्रिय रहें। उन्होंने संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी मधु जैन को निर्देश दिए कि वे सामूहिक विवाह समारोहों में वर-वधू की आयु संबंधी दस्तावेजों की जांच सुनिश्चित करें। यदि किसी विवाह में वर की आयु 21 वर्ष से कम या वधू की आयु 18 वर्ष से कम पाई जाती है तो विवाह रोकने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं।उपायुक्त ने कहा कि बाल विवाह करने वाले या उसे प्रोत्साहित करने वाले सभी व्यक्तियों जैसे बाराती, विवाह स्थल के संचालक, टेंट हाउस, रसोइए, केटरर तथा मुद्रक के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। बाल विवाह की सूचना समय रहते नजदीक पुलिस थाना, हेल्पलाइन नंबर 112, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, बाल विवाह निषेध अधिकारी को या लघु सचिवालय में स्थिति तीसरी मंजिल पर कमरा नंबर 432 में आकर भी दे सकते हैं।
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