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Faridabad News: मेट्रो तक पहुंचना महिलाओं के लिए बना चुनौतीपूर्ण सफर
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सार्वजनिक परिवहन की कमी के कारण रोजाना करना पड़ता है परेशानी का सामना
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। तेजी से बढ़ते शहरीकरण और रोजगार के अवसरों के बीच शहर से बड़ी संख्या में महिलाएं रोजाना आईटी, कॉरपोरेट और निजी कंपनियों में नौकरी के लिए दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम का सफर करती हैं। अधिकतर महिलाएं मेट्रो के जरिये अपने कार्यस्थल तक पहुंचती हैं लेकिन ग्रेटर फरीदाबाद, एनआईटी और बल्लभगढ़ समेत कई इलाकों में मेट्रो स्टेशन तक पहुंचने के लिए पर्याप्त सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके कारण कामकाजी महिलाओं को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
महिलाओं का कहना है कि सुबह ऑफिस पहुंचने की जल्दी के दौरान समय पर ऑटो, बस नहीं मिल पाते। सेक्टर-37, पल्ला और सूरजकुंड रोड जैसे क्षेत्रों से मेट्रो स्टेशन तक सीधी कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण उन्हें एक से अधिक साधनों का सहारा लेना पड़ता है। इससे सफर लंबा और थकान भरा हो जाता है। कई बार देर होने के डर से महिलाओं को महंगे निजी वाहनों का इस्तेमाल करना पड़ता है, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ता है।
देर शाम ऑफिस से लौटने के दौरान परेशानी और बढ़ जाती है। महिलाओं का कहना है कि रात के समय सार्वजनिक परिवहन की संख्या कम हो जाती है और कई बस स्टॉप व सड़कें सुनसान रहती हैं। ऐसे में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। कई महिलाओं को लंबे समय तक वाहन का इंतजार करना पड़ता है।
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लोगों का कहना है कि फरीदाबाद तेजी से विकसित हो रहा है लेकिन सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था उस गति से मजबूत नहीं हो पाई है। लोगों ने महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए बाटा चौक, ओल्ड फरीदाबाद और बल्लभगढ़ मेट्रो स्टेशन तक बेहतर बस परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
मेट्रो तक पहुंचने में ही काफी समय लग जाता है। कई बार समय पर साधन नहीं मिलते। - गीतांजली
शाम के समय घर लौटते हुए सबसे ज्यादा परेशानी होती है, क्योंकि सुरक्षित साधन आसानी से नहीं मिलते। - पूजा
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। तेजी से बढ़ते शहरीकरण और रोजगार के अवसरों के बीच शहर से बड़ी संख्या में महिलाएं रोजाना आईटी, कॉरपोरेट और निजी कंपनियों में नौकरी के लिए दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम का सफर करती हैं। अधिकतर महिलाएं मेट्रो के जरिये अपने कार्यस्थल तक पहुंचती हैं लेकिन ग्रेटर फरीदाबाद, एनआईटी और बल्लभगढ़ समेत कई इलाकों में मेट्रो स्टेशन तक पहुंचने के लिए पर्याप्त सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके कारण कामकाजी महिलाओं को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
महिलाओं का कहना है कि सुबह ऑफिस पहुंचने की जल्दी के दौरान समय पर ऑटो, बस नहीं मिल पाते। सेक्टर-37, पल्ला और सूरजकुंड रोड जैसे क्षेत्रों से मेट्रो स्टेशन तक सीधी कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण उन्हें एक से अधिक साधनों का सहारा लेना पड़ता है। इससे सफर लंबा और थकान भरा हो जाता है। कई बार देर होने के डर से महिलाओं को महंगे निजी वाहनों का इस्तेमाल करना पड़ता है, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ता है।
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देर शाम ऑफिस से लौटने के दौरान परेशानी और बढ़ जाती है। महिलाओं का कहना है कि रात के समय सार्वजनिक परिवहन की संख्या कम हो जाती है और कई बस स्टॉप व सड़कें सुनसान रहती हैं। ऐसे में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। कई महिलाओं को लंबे समय तक वाहन का इंतजार करना पड़ता है।
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लोगों का कहना है कि फरीदाबाद तेजी से विकसित हो रहा है लेकिन सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था उस गति से मजबूत नहीं हो पाई है। लोगों ने महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए बाटा चौक, ओल्ड फरीदाबाद और बल्लभगढ़ मेट्रो स्टेशन तक बेहतर बस परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
मेट्रो तक पहुंचने में ही काफी समय लग जाता है। कई बार समय पर साधन नहीं मिलते। - गीतांजली
शाम के समय घर लौटते हुए सबसे ज्यादा परेशानी होती है, क्योंकि सुरक्षित साधन आसानी से नहीं मिलते। - पूजा