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Faridabad News: एबीवीपी ने जेसी बोस विश्वविद्यालय प्रशासन पर उठाए सवाल
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आरोप, कई बार ज्ञापन देने के बाद भी नहीं हो रहा समस्याओं का समाधान
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की जेसी बोस विश्वविद्यालय इकाई ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कुलपति के रवैये पर गंभीर सवाल उठाए हैं। एबीवीपी पदाधिकारियों ने छात्रहितों को लेकर विश्वविद्यालय से जवाब मांगा है।
एबीवीपी के फरीदाबाद इकाई के अध्यक्ष नरेन सैनी और सचिव राहुल ने आरोप लगाया कि कुलपति छात्रों से संवाद करने से लगातार बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्र समस्याओं को लेकर कई बार ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला, कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन और सांकेतिक धरने के बाद भी प्रशासन ने समस्याओं पर ध्यान देने की बजाय छात्रों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
एबीवीपी ने प्रशासन से सात अहम सवाल पूछे हैं, जिनमें परीक्षा से कुछ घंटे पहले 200 छात्रों को परीक्षा से वंचित करना, नोटिस न दिए जाने, मूलभूत सुविधाओं की कमी और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की उपस्थिति को मान्यता न देने जैसे मुद्दे शामिल हैं। परिषद का कहना है कि यह रवैया शिक्षा के मूल अधिकार का उल्लंघन है।
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एबीवीपी ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी हाल में छात्रों के साथ अन्याय नहीं होने देगी और प्रशासन से पारदर्शिता की मांग करती है। संगठन ने कहा कि यदि जल्द जवाब नहीं मिला तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की जेसी बोस विश्वविद्यालय इकाई ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कुलपति के रवैये पर गंभीर सवाल उठाए हैं। एबीवीपी पदाधिकारियों ने छात्रहितों को लेकर विश्वविद्यालय से जवाब मांगा है।
एबीवीपी के फरीदाबाद इकाई के अध्यक्ष नरेन सैनी और सचिव राहुल ने आरोप लगाया कि कुलपति छात्रों से संवाद करने से लगातार बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्र समस्याओं को लेकर कई बार ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला, कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन और सांकेतिक धरने के बाद भी प्रशासन ने समस्याओं पर ध्यान देने की बजाय छात्रों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
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एबीवीपी ने प्रशासन से सात अहम सवाल पूछे हैं, जिनमें परीक्षा से कुछ घंटे पहले 200 छात्रों को परीक्षा से वंचित करना, नोटिस न दिए जाने, मूलभूत सुविधाओं की कमी और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की उपस्थिति को मान्यता न देने जैसे मुद्दे शामिल हैं। परिषद का कहना है कि यह रवैया शिक्षा के मूल अधिकार का उल्लंघन है।
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एबीवीपी ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी हाल में छात्रों के साथ अन्याय नहीं होने देगी और प्रशासन से पारदर्शिता की मांग करती है। संगठन ने कहा कि यदि जल्द जवाब नहीं मिला तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।