फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   A woman was duped of Rs 43 lakh on the pretext of providing her a flat.

Faridabad News: फ्लैट दिलाने का झांसा देकर महिला से 43 लाख रुपये की ठगी

Thu, 16 Oct 2025 01:01 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 16 Oct 2025 01:01 AM IST
विज्ञापन
A woman was duped of Rs 43 lakh on the pretext of providing her a flat.
मुंह बोली बहन बनाकर लेता रहे रुपये, एसीपी से शिकायत करने के बाद दर्ज हुआ केस
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद स्थित एक सोसाइटी में कैंसिल यूनिट के फ्लैट दिलाने का झांसा देकर आरोपी ने एक महिला के साथ 43 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपी ने महिला को अपनी मुंह बोली बहन बनाकर पारिवारिक संबंध बनाए और उसके बाद झांसे में लेकर जल्द से जल्द रजिस्ट्री कराने का आश्वासन दिया। महिला ने रजिस्ट्री नहीं होने पर एसीपी से शिकायत की। एसीपी के आदेश पर सेक्टर-31 थाना पुलिस ने डीलर के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर-31 निवासी ऋतु वर्मा ने पुलिस को बताया कि उनके पति अमित वर्मा की नोएडा सेक्टर-104 निवासी अमित चावला से मुलाकात उनके सेक्टर-81 स्थित आफिस में हुई थी। अमित चावला ने खुद को बीपीटीपी का डीलर बताया था। आरोपी डीलर ने कहा कि उनके पास कैंसिल यूनिट के फ्लैट उपलब्ध हैं। जिस पर उनके पति ने साइट विजिट के बाद 278 गज का फ्लैट (पीई ब्लॉक, सेक्टर 77) चुना। डीलर ने उनको बताया कि यह फ्लैट निशिकांत जोशी के नाम पर है और इसकी कीमत 53 लाख 20 हजार रुपये है।
विज्ञापन


आरोपी ने कहने पर उन्होंने 20 प्रतिशत भुगतान (10,64,000) कर दिया। डीलर ने उनको आश्वासन दिया कि यह राशि बिल्डर बायर एग्रीमेंट (बीबीए) के लिए जरूरी है। उस दौरान आरोपी ने बताया कि वह बीपीटीपी के ब्रोकर इंदर कुमार अग्रवाल से जुड़ा हुआ है और सभी दस्तावेज बीपीटीपी में जमा कर दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


महिला ने बताया कि आरोपी अमित चावला उनको मुंह बोली बहन बनाकर भावनात्मक रूप से उनसे और पैसे लेता रहा। कुछ समय पहले उनके पिता आईसीयू में भर्ती थे। तब भी आरोपी ने 4 लाख 75 हजार रुपये उनसे ले लिए। कुल 43 लाख रुपये आरोपी के पास पहुंच गए। बाद में आरोपी ने कहा कि यह फ्लैट उनको अलॉट हो गया है। इस दौरान आरोपी ने उनको अपने परिवार के सदस्यों से मिलवाया और कहा कि वह रजिस्ट्री के दौरान गवाही के तौर पर मौजूद रहेंगे। काफी समय बीत जाने के बाद जब उन्होंने रजिस्ट्री नहीं करवाई तो वह स्वयं बीपीटीपी कार्यालय सेक्टर 76 गई और जांच की तो पता चला कि चावला बीपीटीपी में कार्यरत ही नहीं हैं। वहीं उस फ्लैट का असली आवंटी निरमल सिंह थे। जिन्होंने नवंबर 2024 में ही फ्लैट की रजिस्ट्री करा ली थी। जबकि चावला ने दिसंबर 2024 तक उनसे पैसे लिए। उसके बाद आरोपी ने पैसे वापस देने का वादा किया लेकिन नहीं दिए। जिस पर उन्होंने एसीपी को शिकायत की । एसीपी के आदेश पर थाना सेक्टर 31 पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed