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Faridabad News: पंखा मेले में खाटू श्याम की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र

Sun, 06 Sep 2026 12:31 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 06 Sep 2026 12:31 AM IST
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A tableau of Khatu Shyam featuring a fan became the center of attraction at the fair.
सात दशक पुरानी परंपरा आज भी कायम, पूरे गांव को लाइटों से सजाया गया
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संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार को शहर के मंदिरों में जहां भगवान श्री राधा-कृष्ण की आकर्षक झांकियां देखने को मिली। वहीं दूसरी ओर गांव फतेहपुर बिल्लौच में जन्माष्टमी के बाद नवमी के अवसर पर शनिवार को पंखा झांकी मेला आयोजित किया गया। करीब छह-सात दशक से चली आ रही यह परंपरा आज भी ग्रामीणों के लिए आस्था के साथ-साथ सामाजिक मेलजोल का बड़ा अवसर है।
पंखा मेला को लेकर गांव को लाइटों से सजाया गया है। शनिवार की शाम को करीब 5 बजे विभिन्न झांकियां पूरे बाजार से होती हुई जवां रोड स्थित दाऊजी मंदिर तक पहुंचीं। जिसमें 50 से अधिक झांकियां मौजूद थी। इन झांकियों में सबसे अधिक खाटू श्याम की झांकी लोगों को पसंद आई। इसके अलावा शिव पार्वती, बाल गोपाल, सुदामा, कृष्णा आदि की झांकियां रहीं। गांव में रहने वाले अलग-अलग वर्गों के लोग मिलकर इसका आयोजन करते हैं। यही वजह है कि यह मेला धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक सौहार्द की मिसाल भी बना हुआ है।
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आज होगा दंगल
नवमी की रात और अगले दिन दशमी की रात लोकनाट्य परंपरा से जुड़ी नौटंकी का आयोजन किया जाता है। इसमें अमर सिंह राठौड़, इंदल हरण और हरिश्चंद्र-तारामती जैसे सांग प्रस्तुत किए जाएंगे। प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियां देखने के लिए हजारों लोग जुटते हैं। दशमी के दिन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के मैदान में दंगल आयोजित होता है, जिसमें युवा पहलवान कुश्ती के दांव-पेच दिखाते हैं। इस दंगल में प्रथम आने वाले खिलाड़ी को एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा।
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लोगों से बात

पंखा झांकी मेला हमारे गांव की कई दशक पुरानी पहचान है। हर साल पूरे उत्साह से इसमें शामिल होते हैं। - कैलाश सैनी

मेले में सभी वर्गों के लोग मिलकर सहयोग करते हैं। धार्मिक झांकियों के साथ सामाजिक और राष्ट्रीय संदेश देना भी आयोजन का उद्देश्य है।- लाला पहलवान

बचपन से पंखा मेला देखते आ रहे हैं। अब बच्चों और युवाओं में भी इसे लेकर उतना ही उत्साह है।- आनंद

मेले के जरिये आज की युवा पीढ़ी को संस्कृति के बारे में जागरूक किया जाता है। - विकास
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