{"_id":"6a74df8a99834855350f755a","slug":"a-special-kabaddi-nursery-will-be-started-for-girls-faridabad-news-c-26-1-fbd1021-76811-2026-08-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: बेटियों के लिए शुरू होगी विशेष कबड्डी नर्सरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: बेटियों के लिए शुरू होगी विशेष कबड्डी नर्सरी
विज्ञापन
फरीदाबाद। खेल के मैदानों पर अक्सर लड़कों के दबदबे के बीच खेल विभाग महिला सशक्तीकरण की नई इबारत लिखने जा रहा है। जिला स्तर पर पहली बार बालिकाओं के लिए सेक्टर-12 स्थित खेल परिसर में विशेष कबड्डी नर्सरी की शुरुआत होने जा रही है।
यह केवल खेल सुविधा मात्र नहीं, बल्कि खेलों में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम है। वर्षों से कोच के पद रिक्त रहने और सुविधाओं के अभाव के कारण महिला एथलीटों को अपनी प्रतिभा साबित करने का उचित अवसर नहीं मिल पा रहा था। हालांकि, ढाई साल पहले नए कोच अंकित चंदीला की नियुक्ति से लड़कों का प्रशिक्षण तो शुरू हो गया था लेकिन बेटियों के लिए यह इंतजार लंबा खिंचता चला गया। राज्य खेल परिसर में समर्पित नर्सरी की शुरुआत इस खाई को पाटने का काम करेगी। यह पहल ग्रामीण और शहरी दोनों पृष्ठभूमि की लड़कियों को एक सुरक्षित, अनुशासित और प्रतिस्पर्धी माहौल प्रदान करेगी। जब बेटियों को फिटनेस, डाइट और तकनीकी कौशल का वैज्ञानिक प्रशिक्षण मिलेगा, तो पारंपरिक सामाजिक रूढ़ियां भी टूटेंगी। खेल विभाग का यह प्रयास जिले को भविष्य की राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय महिला कबड्डी खिलाड़ी देने के लिए तैयार कर रहा है। संवाद
विज्ञापन
यह केवल खेल सुविधा मात्र नहीं, बल्कि खेलों में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम है। वर्षों से कोच के पद रिक्त रहने और सुविधाओं के अभाव के कारण महिला एथलीटों को अपनी प्रतिभा साबित करने का उचित अवसर नहीं मिल पा रहा था। हालांकि, ढाई साल पहले नए कोच अंकित चंदीला की नियुक्ति से लड़कों का प्रशिक्षण तो शुरू हो गया था लेकिन बेटियों के लिए यह इंतजार लंबा खिंचता चला गया। राज्य खेल परिसर में समर्पित नर्सरी की शुरुआत इस खाई को पाटने का काम करेगी। यह पहल ग्रामीण और शहरी दोनों पृष्ठभूमि की लड़कियों को एक सुरक्षित, अनुशासित और प्रतिस्पर्धी माहौल प्रदान करेगी। जब बेटियों को फिटनेस, डाइट और तकनीकी कौशल का वैज्ञानिक प्रशिक्षण मिलेगा, तो पारंपरिक सामाजिक रूढ़ियां भी टूटेंगी। खेल विभाग का यह प्रयास जिले को भविष्य की राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय महिला कबड्डी खिलाड़ी देने के लिए तैयार कर रहा है। संवाद
विज्ञापन