{"_id":"69a47cff8b7b6219730cd045","slug":"a-security-cover-will-be-built-along-the-delhi-mumbai-expressway-with-patrolling-teams-also-taking-care-of-it-faridabad-news-c-26-1-fbd1020-64091-2026-03-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के किनारे बनेगा सुरक्षा कवच, पेट्रोलिंग टीम भी रखेगी ध्यान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के किनारे बनेगा सुरक्षा कवच, पेट्रोलिंग टीम भी रखेगी ध्यान
विज्ञापन
एचएसवीपी ने तैयार किया मास्टर प्लान, टो-वॉल और ग्रिल फेंसिंग से रुकेगा अतिक्रमण
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद की सूरत बदलने और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के किनारे हरियाली को सुरक्षित करने की दिशा में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने एक बड़ा कदम उठाया है। एक्सप्रेसवे से सटे सेक्टर-59 (पी-2) क्षेत्र में अब न तो अवैध कब्जे हो पाएंगे और न ही कूड़ा-करकट डाला जा सकेगा। प्राधिकरण ने यहां की ग्रीन बेल्ट को संरक्षित करने के लिए टो-वॉल और ग्रिल फेंसिंग लगाने की योजना को अंतिम रूप दे दिया है। वहीं हरियाली की सुरक्षा के लिए पेंट्रोलिंग टीम को भी तैनात किया गया है।
सेक्टर-59 का यह इलाका लंबे समय से उपेक्षा का शिकार था। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के समानांतर खाली पड़ी इस बेशकीमती जमीन पर अक्सर निर्माण सामग्री डंप करने और धीरे-धीरे झुग्गियां या अस्थायी ढांचे खड़े करने की शिकायतें मिलती रही हैं। खुले क्षेत्र के कारण यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा और अनियंत्रित आवाजाही भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। एचएसवीपी की इस नई परियोजना से ग्रीन बेल्ट को एक स्पष्ट सीमा मिलेगी, जिससे बाहरी दखल पूरी तरह बंद हो जाएगा।
दोहरी सुरक्षा, दीवार के ऊपर लगेगी ग्रिल
विभागीय योजना के मुताबिक एक्सप्रेसवे के साथ-साथ पहले कंक्रीट की मजबूत टो-वॉल बनाई जाएगी। यह दीवार जमीन की घेराबंदी करने के साथ बरसात के दिनों में मिट्टी के कटाव को भी रोकेगी। इस दीवार के ऊपर लोहे की ऊंची ग्रिल फेंसिंग लगाई जाएगी, जिससे यह क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा घेरा तैयार होने के बाद यहां बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा, जो एक्सप्रेसवे से उड़ने वाली धूल और वाहनों के शोर को कम करने में ''''''''बफर जोन'''''''' का काम करेगा।
विज्ञापन
सुरक्षा के लिए 3 साल की गारंटी
इस परियोजना की सबसे खास बात इसकी जवाबदेही है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अगले तीन वर्षों तक रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की होगी। यदि इस दौरान दीवार में दरार आती है या ग्रिल में कोई खराबी आती है तो एजेंसी को अपने खर्च पर इसे दुरुस्त करना होगा। इससे काम की गुणवत्ता बेहतर होने के साथ सरकारी धन की बर्बादी पर भी लगाम लगेगी।
रियल स्टेट बाजार को मिलेगा लाभ
इस विकास कार्य का सीधा असर सेक्टर-59 और आसपास के रिहायशी व औद्योगिक क्षेत्रों पर पड़ेगा। बेहतर घेराबंदी और हरियाली से इलाके का वातावरण स्वच्छ होगा जिसका लाभ लोगों के स्वास्थ्य को मिलेगा। शहरी नियोजन विशेषज्ञों का मानना है कि बुनियादी ढांचे में इस सुधार से क्षेत्र की प्रॉपर्टी वैल्यू में भी इजाफा होगा और यह इलाका निवेश के लिहाज से अधिक आकर्षक बनेगा।
सुरक्षा के साथ रहेगी निगरानी
एचएसवीपी की तरफ से हरियाली की सुरक्षा के लिए दीवार बनाने के साथ पेट्रोलिंग टीम को भी तैनात किया गया है। टीम अपने वाहनों से ग्रीन बेल्ट की निगरानी करेगी। जहां पर भी अतिक्रमण या हरियाली को नुकसान पहुंचाने का काम किया जाएगा टीम वहां पर तुरंत एक्शन लेगी। प्राधिकरण का कहना है कि दोनों स्तरों पर हरियाली की सुरक्षा की जाएगी इसमें किसी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।
लोगों की सुविधा के लिए प्राधिकरण तेजी से काम कर रहा है। जल्द इस परियोजना को भी पूरा कर लिया जाएगा। - संदीप दहिया, अधीक्षण अभियंता एचएसवीपी
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद की सूरत बदलने और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के किनारे हरियाली को सुरक्षित करने की दिशा में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने एक बड़ा कदम उठाया है। एक्सप्रेसवे से सटे सेक्टर-59 (पी-2) क्षेत्र में अब न तो अवैध कब्जे हो पाएंगे और न ही कूड़ा-करकट डाला जा सकेगा। प्राधिकरण ने यहां की ग्रीन बेल्ट को संरक्षित करने के लिए टो-वॉल और ग्रिल फेंसिंग लगाने की योजना को अंतिम रूप दे दिया है। वहीं हरियाली की सुरक्षा के लिए पेंट्रोलिंग टीम को भी तैनात किया गया है।
सेक्टर-59 का यह इलाका लंबे समय से उपेक्षा का शिकार था। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के समानांतर खाली पड़ी इस बेशकीमती जमीन पर अक्सर निर्माण सामग्री डंप करने और धीरे-धीरे झुग्गियां या अस्थायी ढांचे खड़े करने की शिकायतें मिलती रही हैं। खुले क्षेत्र के कारण यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा और अनियंत्रित आवाजाही भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। एचएसवीपी की इस नई परियोजना से ग्रीन बेल्ट को एक स्पष्ट सीमा मिलेगी, जिससे बाहरी दखल पूरी तरह बंद हो जाएगा।
विज्ञापन
दोहरी सुरक्षा, दीवार के ऊपर लगेगी ग्रिल
विभागीय योजना के मुताबिक एक्सप्रेसवे के साथ-साथ पहले कंक्रीट की मजबूत टो-वॉल बनाई जाएगी। यह दीवार जमीन की घेराबंदी करने के साथ बरसात के दिनों में मिट्टी के कटाव को भी रोकेगी। इस दीवार के ऊपर लोहे की ऊंची ग्रिल फेंसिंग लगाई जाएगी, जिससे यह क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा घेरा तैयार होने के बाद यहां बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा, जो एक्सप्रेसवे से उड़ने वाली धूल और वाहनों के शोर को कम करने में ''''''''बफर जोन'''''''' का काम करेगा।
विज्ञापन
सुरक्षा के लिए 3 साल की गारंटी
इस परियोजना की सबसे खास बात इसकी जवाबदेही है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अगले तीन वर्षों तक रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की होगी। यदि इस दौरान दीवार में दरार आती है या ग्रिल में कोई खराबी आती है तो एजेंसी को अपने खर्च पर इसे दुरुस्त करना होगा। इससे काम की गुणवत्ता बेहतर होने के साथ सरकारी धन की बर्बादी पर भी लगाम लगेगी।
रियल स्टेट बाजार को मिलेगा लाभ
इस विकास कार्य का सीधा असर सेक्टर-59 और आसपास के रिहायशी व औद्योगिक क्षेत्रों पर पड़ेगा। बेहतर घेराबंदी और हरियाली से इलाके का वातावरण स्वच्छ होगा जिसका लाभ लोगों के स्वास्थ्य को मिलेगा। शहरी नियोजन विशेषज्ञों का मानना है कि बुनियादी ढांचे में इस सुधार से क्षेत्र की प्रॉपर्टी वैल्यू में भी इजाफा होगा और यह इलाका निवेश के लिहाज से अधिक आकर्षक बनेगा।
सुरक्षा के साथ रहेगी निगरानी
एचएसवीपी की तरफ से हरियाली की सुरक्षा के लिए दीवार बनाने के साथ पेट्रोलिंग टीम को भी तैनात किया गया है। टीम अपने वाहनों से ग्रीन बेल्ट की निगरानी करेगी। जहां पर भी अतिक्रमण या हरियाली को नुकसान पहुंचाने का काम किया जाएगा टीम वहां पर तुरंत एक्शन लेगी। प्राधिकरण का कहना है कि दोनों स्तरों पर हरियाली की सुरक्षा की जाएगी इसमें किसी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।
लोगों की सुविधा के लिए प्राधिकरण तेजी से काम कर रहा है। जल्द इस परियोजना को भी पूरा कर लिया जाएगा। - संदीप दहिया, अधीक्षण अभियंता एचएसवीपी