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Faridabad News: 15 एकड़ में बनेगा तालाब, जिले के भूजल स्तर में होगा सुधार

Sun, 05 Oct 2025 12:19 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 05 Oct 2025 12:19 AM IST
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A pond will be built on 15 acres, improving the groundwater level in the district.
नंगला माजरा में तेजी से चल रहा है निर्माण कार्य, मानसून का पानी अब होगा संरक्षित
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जल संकट और लगातार गिरते भूजल स्तर से परेशान फरीदाबाद जिले के लिए बड़ी राहत की खबर है। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने नंगला माजरा चांदपुर गांव में तालाब बनाने की परियोजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। इस परियोजना को 15.29 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित किया जा रहा है और अधिकारियों के अनुसार यह कार्य अगले छह माह में पूरा कर लिया जाएगा।

इस तालाब के बन जाने से मानसून में बहकर निकल जाने वाला पानी अब सुरक्षित रहेगा और उसका उपयोग सिंचाई, उद्योगों व भूजल स्तर को सुधारने में किया जा सकेगा। इस प्रयास से जिले में जल संकट काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
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बारिश का पानी अब होगा सुरक्षित
अब तक स्थिति यह रही कि गांव और आसपास के इलाके में बरसात का पानी बहकर निकल जाता था। इससे भूजल स्तर लगातार गिर रहा था और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता था। नई परियोजना के तहत इस बारिश के पानी को बड़ी जल संरचना में एकत्र किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह योजना न केवल पानी को सहेजेगी, बल्कि प्राकृतिक जल भंडारण केंद्र के रूप में भी काम करेगी।
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किसानों और उद्योगों को लाभ
जल संरचना के पूरा होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा। अभी तक किसान नलकूपों और ट्यूबवेल पर निर्भर रहते थे, जिनका जलस्तर लगातार नीचे जा रहा था। दूसरी ओर फरीदाबाद जैसे औद्योगिक क्षेत्र में उद्योगों को भी पानी की जरूरत रहती है। ऐसे में यह जल निकाय उद्योगों के लिए भी वैकल्पिक स्रोत साबित हो सकता है।

बाढ़ नियंत्रण और जलभराव से राहत
जानकारों का कहना है कि इस जल संरचना का निर्माण प्राकृतिक जल प्रवाह को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। इससे बाढ़ जैसी स्थिति आने पर अतिरिक्त पानी आसानी से इस संरचना में समा जाएगा। इसका सीधा लाभ यह होगा कि गांव और शहर की सड़कों पर जलभराव की समस्या कम हो जाएगी। मानसून में अब पानी सड़कों पर जमा होने के बजाय इस संरचना में पहुंच जाएगा।

प्राथमिक काम पूरा होने की दिशा में
एफएमडीए के अधिकारियों के अनुसार, परियोजना की शुरुआत भूमि से अतिरिक्त मिट्टी हटाने से हुई है। इस मिट्टी को अन्य कार्यों में उपयोग किया जाएगा। मिट्टी हटाने के बाद बड़े आकार के गड्ढों को जल संरचना का रूप दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि छह माह की समय सीमा तय की गई है और हर स्तर पर निगरानी की जा रही है ताकि काम निर्धारित समय में पूरा हो सके।

स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का साधन
निर्माण कार्य में बड़ी संख्या में ग्रामीण मजदूरों को रोजगार मिल रहा है। खुदाई, मिट्टी हटाने और अन्य निर्माण गतिविधियों में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। इससे उनकी आजीविका में भी सुधार होगा। ग्रामीणों का कहना है कि यह योजना न केवल पानी बचाने का काम करेगी बल्कि उन्हें रोजगार भी उपलब्ध कराएगी।




परियोजना को प्राथमिकता पर लिया गया है। अगले छह माह में निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इससे न केवल भूजल स्तर सुधरेगा बल्कि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी भी नहीं होने दी जाएगी।- एफएमडीए के कार्यकारी अभियंता अंकित भारद्वाज
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