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Faridabad News: जिले में एच3एन2 इन्फ्लूएंजा का एक मरीज, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप

Tue, 14 Mar 2023 06:55 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 14 Mar 2023 06:55 PM IST
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A patient of H3N2 influenza was found in the district
जिले में एच3एन2 इन्फ्लूएंजा का मरीज मिला
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स्वास्थ्य विभाग ने नहीं की अधिकारिक पुष्टि, डॉक्टरों ने दी लोगों को सतर्कता बरतने की सलाह
कोविड-19 को लेकर बनाए गए सभी विभागों को दुरुस्त करने के लिए भी निर्देश जारी

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिले में एच3एन2 इन्फ्लूएंजा का एक मरीज मिला है। पीड़ित बच्चा ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती है, फिलहाल उसकी हालत में सुधार है। ऐसे में डॉक्टरों ने लोगों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। विभाग का कहना है कि यह हल्के लक्षण वाला मामला है। स्वास्थ्य विभाग ने आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कोविड-19 को लेकर बनाए गए सभी विभागों को दुरुस्त करने के लिए भी निर्देश जारी किए हैं। अस्पतालों में जरूरत के अनुसार इमरजेंसी में बेड बढ़ाने के साथ-साथ जरूरी दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने के लिए कहा गया है।
फरीदाबाद में रोजाना हजारों लोगों का कंपनियों के कामों से विदेश आना-जाना होता है। इससे नए वायरस इन्फ्लूएंजा के फैलने का खतरा बना हुआ है। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की फ्लू ओपीडी में मरीजों की संख्या 20 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इनमें सबसे ज्यादा खांसी, जुकाम, बुखार, गले में खराश व मांसपेशियों में दर्द के मरीज शामिल है। अस्पताल में एच3एन2 इन्फ्लूएंजा वायरस जांच के लिए आरटीपीसीआर जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। रोजाना 10 से 15 मरीजों के सैंपल लिए जा रहे हैं। सूत्रोें के अनुसार, जांच के दौरान हाल ही में एक बच्चे में इन्फ्लूएंजा वायरस का मामला सामने आया है। अधिकारियों का कहना है कि इसकी रिपोर्ट तैयार कर स्वास्थ्य विभाग और उपायुक्त को भेज दी गई है, हालांकि डॉ. राम भगत ने कहा कि मरीज में गंभीर श्रेणी के लक्षण नहीं है।
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एक सप्ताह तक खांसी, जुकाम, मांसपेशियों में दर्द हो तो तत्काल कराएं जांच
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. प्रवीण मलिक ने बताया कि यदि किसी को पांच दिन से लेकर हफ्ते भर तक खांसी, जुकाम या मांसपेशियों में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते है तो तुरंत जांच कराएं। इससे निपटने के लिए अस्पतालों में पर्याप्त इंतजाम हैं। देश में मरीजों की बढ़ रही संख्या को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सभी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अस्पताल में सांस के इलाज के जुड़े उपकरणों की उपलब्धता और आईसीयू में बेड की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है।
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डरने नहीं, सतर्क रहने की जरूरत
यह इंफ्लुएंजा ए के एच1एन1 का म्यूटेट वैरिएंट है, जो कि किसी भी उम्र के व्यक्ति को शिकार बना सकता है। विशेषज्ञों का दावा है कि यह कोई नया संक्रमण नहीं है। पहले भी एच3एन2 संक्रमण की पुष्टि हुई है। इससे डरने नहीं, बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है।
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अस्पतालों को अलर्ट जारी
जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय गुप्ता ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में प्रदेश के कई जिलों में इन्फ्लूएंजा संदिग्ध मामले सामने आए हैं। कोरोना महामारी के बाद फ्लू के बढ़ते मामलों से लोगों में डर है, क्योंकि इससे जूझ रहे मरीजों में कोरोना जैसे ही लक्षण देखने को मिलते हैं। जो लोग 10-15 दिनों से तेज बुखार के साथ खांसी से परेशान हैं। यह कोई खतरनाक फ्लू नहीं है। अस्पताल या भीड़ में जाने से पहले मास्क पहनें और संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखें। हालात को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। सैंपलिंग बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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अस्पतालों में भी बढ़े मरीज

जिले में सिविल अस्पताल बीके, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सहित करीब 15 बड़े निजी अस्पताल हैं। इन अस्पतालों में सर्दी-खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। ओपीडी में करीब 20 फीसदी का इजाफा हुआ है।
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क्या हैं एच3एन2 वायरस के लक्षण

एच3एन2 के लक्षण किसी भी अन्य सीजनल फ्लू की तरह होते हैं। इनमें खांसी, बुखार, ठंड लगना, नाक बहना, भूख न लग जी मिचलाना, शारीरिक दर्द, उल्टी व डायरिया शामिल है।

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कैसे करें बचाव
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल पांडे का कहना है कि यह संक्रमण भी कोरोना की तरह फैलता है। इसलिए कोरोना गाइडलाइन का पालन कर एच3एन2 वायरस से बचाव किया जा सकता है। यह कोरोना जितना खतरनाक नहीं है। इसके अलावा हर साल टीका लगवाएं, बार-बार साबुन से हाथ धोएं, बीमार व्यक्तियों के संपर्क में आने से बचें, छींकने या खांसने के दौरान मुंह और नाक को ढंकें, नियमित व्यायाम और योग करें।
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