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Faridabad News: सूरजकुंड मेला परिसर में बनेगा पाथवे, राह होगी आसान

Sun, 16 Aug 2026 11:47 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 16 Aug 2026 11:47 PM IST
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A pathway will be constructed at the Surajkund Mela complex, making movement easier.
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हरियाणा पर्यटन निगम की ओर से टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई, लाखों पर्यटकों को मिलेगा फायदा
अमर उजाला ब्यूरो

फरीदाबाद। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला परिसर में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बुनियादी ढांचा मजबूत किया जा रहा है। हरियाणा पर्यटन निगम की ओर से मेला ग्राउंड में अवशेष पाथवे के निर्माण कराने की परियोजना तैयार की गई है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। करीब 40 एकड़ में फैले मेला परिसर में लगभग 1010 वर्क हट हैं। इनमें देश के विभिन्न राज्यों के शिल्पकार और बुनकर हस्तशिल्प, हथकरघा, लकड़ी की नक्काशी, मिट्टी-टेराकोटा, पत्थर, आभूषण, बांस-बेंत और सजावटी सामान प्रदर्शित करते हैं। लाखों पर्यटकों की आवाजाही के कारण पाथवे की सुविधा को अहम माना जा रहा है।

13 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे

सूरजकुंड मेले की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। 38वें अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में 13 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे थे। 2025 के आयोजन में 44 से अधिक देशों के 635 विदेशी कलाकारों ने भाग लिया था। वहीं 2026 के आयोजन के लिए 50 से अधिक देशों की भागीदारी और करीब 800 विदेशी प्रतिभागियों की तैयारी की गई थी। इस दौरान 1200 से अधिक स्टॉल लगाने की योजना थी।
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पौने पांच करोड़ से हुए कई काम

2026 के मेले से पहले परिसर में करीब पौने पांच करोड़ रुपये की लागत से रास्तों के चौड़ीकरण, सौंदर्यीकरण, 127 नए हटों के निर्माण, पुराने हटों की मरम्मत और झूला क्षेत्र के विस्तार सहित कई कार्य कराए गए। स्मार्ट पार्किंग, सीसीटीवी, वाई-फाई, सुरक्षा, सफाई और परिवहन सुविधाओं पर भी जोर दिया गया।
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गौरतलब है कि मेले की शुरुआत 1987 में हुई थी और 1989 से थीम स्टेट की परंपरा शुरू हुई। विदेशी भागीदारी को 2009 में मजबूती मिली। अब चौपाल, नाट्यशाला, फूड कोर्ट और सांस्कृतिक कार्यक्रम मेले के प्रमुख आकर्षण हैं। पाथवे निर्माण के बाद बढ़ती भीड़ के अनुरूप परिसर को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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