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Faridabad News: शिकायत के लिए व्यवस्था मौजूद पर कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं
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पार्षद और कार्यकारी अभियंता के बीच विवाद में मंत्री गुर्जर की नसीहत,
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बल्लभगढ़ नगर निगम कार्यालय में पार्षद और कार्यकारी अभियंता के बीच चल रहा विवाद अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और शिकायत करने का अधिकार है लेकिन किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि समस्या के समाधान के लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के स्तर पर शिकायत की व्यवस्था मौजूद है जिसका इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
दरअसल, विवाद वार्ड-43 में प्रस्तावित मुख्य सीवर लाइन के काम को लेकर शुरू हुआ। वार्ड-42 के निर्दलीय पार्षद दीपक यादव का आरोप है कि सुषमा स्वराज कॉलेज से तिगांव रोड तक सीवर लाइन डालने का काम स्वीकृत होने के बाद भी शुरू नहीं किया गया। उनका कहना है कि कार्य का शुभारंभ होने और प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद मौके पर काम शुरू नहीं होने से स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
इसी मुद्दे को लेकर 28 जुलाई को पार्षद नगर निगम के बल्लभगढ़ जोन कार्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने कार्यकारी अभियंता डालचंद शर्मा के कार्यालय के बाहर जंजीर लगाकर ताला लगा दिया। पार्षद का कहना था कि वह क्षेत्र की जनता की समस्या को लेकर अधिकारियों पर दबाव बना रहे थे ताकि लंबित विकास कार्य जल्द शुरू हो सके।
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कर्मचारियों ने जताया विरोध, कामकाज प्रभावित
कार्यकारी अभियंता कार्यालय में ताला लगाने की घटना के विरोध में नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों ने विरोध शुरू कर दिया। कर्मचारियों का आरोप है कि अधिकारी के साथ गलत व्यवहार किया गया। इसके विरोध में निगम मुख्यालय पर धरना देकर कार्रवाई की मांग की गई। कर्मचारियों का कहना है कि अधिकारियों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। इससे निगम के कामकाज पर भी असर पड़ा और कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन पर बैठे रहे।
मंत्री बोले- जनप्रतिनिधियों के लिए कई मंच उपलब्ध
केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि यदि किसी जनप्रतिनिधि को किसी विभागीय कार्य में परेशानी आ रही है तो वह विधायक, मंत्री, नगर निगम आयुक्त या मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में समस्याओं के समाधान के लिए कई रास्ते हैं लेकिन कार्यालय बंद करना या किसी सरकारी व्यवस्था को बाधित करना सही तरीका नहीं है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
मामले को लेकर कार्यकारी अभियंता डालचंद शर्मा की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई है। बल्लभगढ़ एसीपी अशोक कुमार मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं पार्षद दीपक यादव का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी अधिकारी का अपमान करना नहीं था बल्कि क्षेत्र के लोगों की समस्या को उठाना था। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में देरी के कारण जनता परेशान है और वह आगे भी जनहित के मुद्दों को उठाते रहेंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बल्लभगढ़ नगर निगम कार्यालय में पार्षद और कार्यकारी अभियंता के बीच चल रहा विवाद अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और शिकायत करने का अधिकार है लेकिन किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि समस्या के समाधान के लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के स्तर पर शिकायत की व्यवस्था मौजूद है जिसका इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
दरअसल, विवाद वार्ड-43 में प्रस्तावित मुख्य सीवर लाइन के काम को लेकर शुरू हुआ। वार्ड-42 के निर्दलीय पार्षद दीपक यादव का आरोप है कि सुषमा स्वराज कॉलेज से तिगांव रोड तक सीवर लाइन डालने का काम स्वीकृत होने के बाद भी शुरू नहीं किया गया। उनका कहना है कि कार्य का शुभारंभ होने और प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद मौके पर काम शुरू नहीं होने से स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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इसी मुद्दे को लेकर 28 जुलाई को पार्षद नगर निगम के बल्लभगढ़ जोन कार्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने कार्यकारी अभियंता डालचंद शर्मा के कार्यालय के बाहर जंजीर लगाकर ताला लगा दिया। पार्षद का कहना था कि वह क्षेत्र की जनता की समस्या को लेकर अधिकारियों पर दबाव बना रहे थे ताकि लंबित विकास कार्य जल्द शुरू हो सके।
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कर्मचारियों ने जताया विरोध, कामकाज प्रभावित
कार्यकारी अभियंता कार्यालय में ताला लगाने की घटना के विरोध में नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों ने विरोध शुरू कर दिया। कर्मचारियों का आरोप है कि अधिकारी के साथ गलत व्यवहार किया गया। इसके विरोध में निगम मुख्यालय पर धरना देकर कार्रवाई की मांग की गई। कर्मचारियों का कहना है कि अधिकारियों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। इससे निगम के कामकाज पर भी असर पड़ा और कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन पर बैठे रहे।
मंत्री बोले- जनप्रतिनिधियों के लिए कई मंच उपलब्ध
केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि यदि किसी जनप्रतिनिधि को किसी विभागीय कार्य में परेशानी आ रही है तो वह विधायक, मंत्री, नगर निगम आयुक्त या मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में समस्याओं के समाधान के लिए कई रास्ते हैं लेकिन कार्यालय बंद करना या किसी सरकारी व्यवस्था को बाधित करना सही तरीका नहीं है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
मामले को लेकर कार्यकारी अभियंता डालचंद शर्मा की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई है। बल्लभगढ़ एसीपी अशोक कुमार मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं पार्षद दीपक यादव का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी अधिकारी का अपमान करना नहीं था बल्कि क्षेत्र के लोगों की समस्या को उठाना था। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में देरी के कारण जनता परेशान है और वह आगे भी जनहित के मुद्दों को उठाते रहेंगे।