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Faridabad News: अध्यापक, जेई, कोर्ट चौकीदार समेत 45 फर्जी सरकारी कर्मचारियों के नाम से लिया 7.64 करोड़ रुपये का लोन

Mon, 13 Oct 2025 01:03 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 13 Oct 2025 01:03 AM IST
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A loan of Rs 7.64 crore was taken in the names of 45 fake government employees including teachers, JEs and court watchmen.
लोन एजेंट महिला व एमसीए पास युवक को राज्य अपराध शाखा की टीम ने किया गिरफ्तार
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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से पास कराए गए सभी 45 लोन
एमसीए पास पलवल निवासी लखनपाल करता था सरकारी कर्मचारियों के फर्जी दस्तावेज तैयार
पुलिस अन्य आरोपियों का पता लगाने में जुटी

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। एमसीए पास युवक और लोन एजेंट महिला ने मिलकर एसबीआई की सैनिक कॉलोनी ब्रांच में फर्जीवाड़ा कर दिया। दोनों आरोपियों ने अध्यापक, जेई, कोर्ट चौकीदार समेत 45 सरकारी कर्मचारियों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक से 7.64 करोड़ रुपये का लोन जारी करा लिया। बैंक की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए राज्य अपराध शाखा की टीम ने दोनों आरोपियों कमलेश मिश्रा और पलवल निवासी लखनपाल को गिरफ्तार किया है। इन्हें पूछताछ के बाद जेल भेजा गया है। पुलिस टीम अब फर्जीवाड़े में शामिल अन्य आरोपियों का पता लगाने में जुटी है।

राज्य अपराध शाखा के इंस्पेक्टर रतनपाल ने बताया कि कुछ दिन पहले एसबीआई की ओर से शिकायत मिली थी। इसमें कहा गया कि कुछ लोगों ने बैंक से फर्जी तरीके से लोन ले लिया है। अब वे लोन भर नहीं रहे हैं। शिकायत पर टीम ने जांच शुरू की तो महिला कमलेश मिश्रा को गिरफ्तार किया। ये लोन एजेंट के तौर पर काम करती है। महिला से पूछताछ में पता चला कि इसके साथ फर्जीवाड़े में लखनपाल शामिल है। दोनों ने मिलकर साल 2022-23 के दौरान अलग-अलग स्तर व विभागों के सरकारी कर्मचारियों के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक से 45 पर्सनल लोन पास कराए। ये रकम कुल 7.64 करोड़ रुपये बताई गई।
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लखनपाल से पूछताछ में पता चला कि कंप्यूटर में मास्टर्स के चलते वो अलग-अलग एप व सॉफ्टवेयर का प्रयोग करना जानता था। इसके जरिये वो सरकारी कर्मचारियों के फर्जी आई कार्ड, सैलरी स्लिप बनाता था। इन पर फर्जी मुहर बनवाकर लगा देता था। ये काम वो इतनी बारीकी से करता कि फर्जी दस्तावेज बिलकुल असल जैसे लगते। ये लोग इन फर्जी दस्तावेज के आधार पर 25 लाख रुपये तक का लोन अप्लाई करते थे जो बैंक से पास हो जाता था। ऐसे में पुलिस को शक है कि कोई बैंक अधिकारी भी इस फर्जीवाड़े में शामिल हो सकता है जो ये लोन अप्रूव करता होगा।
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