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Faridabad News: दूषित खाने से 15 वर्षीय बच्चे का लिवर फेल
Wed, 06 Dec 2023 11:36 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Wed, 06 Dec 2023 11:36 PM IST
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- हेपेटाइटिस ए वायरस ने किया था अटैक, अस्पताल में उपचार के बाद अब स्थिति में सुधार
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बाहर खाना खाने से 15 वर्षीय निशांत का लिवर फेल हो गया। किशोर लंबे समय तक बुखार, पीलिया, पेट में दर्द और उल्टी से ग्रस्त रहा। हालत खराब होने पर उसे वेंटिलेटर तक रखा गया। एक निजी अस्पताल में उपचार के बाद अब उसकी स्थिति बेहतर है।
सेक्टर-16 स्थित मैरिंगो एशिया अस्पताल में पेट एवं लिवर रोग विभाग के निदेशक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. बीर सिंह सहरावत ने बताया कि बच्चे को बुखार, पीलिया, पेट में दर्द और उल्टी की समस्या से दिमाग में सूजन के कारण वह ठीक से बोल भी नहीं पा रहा था। हालत लगातार बिगड़ती देख उसे आईसीयू में एडमिट किया गया। जांच करने पर पता चला कि बाहर के दूषित भोजन के सेवन से हेपेटाइटिस ए का कीटाणु बच्चे के अंदर गया। हेपेटाइटिस ए वायरस ने बच्चे के लिवर पर हमला किया। इस कारण बच्चे का लिवर एकाएक फेल हो गया था। मरीज की दो बार प्लाज्मा थेरेपी की गई। इसमें खून में नया प्लाज्मा बदला गया। कुछ दिन वेंटीलेटर पर रहने के बाद मरीज की हालत में सुधार हुआ। बच्चे को बिना लिवर ट्रांसप्लांट किए वेंटिलेटर से बाहर निकाल लिया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बाहर खाना खाने से 15 वर्षीय निशांत का लिवर फेल हो गया। किशोर लंबे समय तक बुखार, पीलिया, पेट में दर्द और उल्टी से ग्रस्त रहा। हालत खराब होने पर उसे वेंटिलेटर तक रखा गया। एक निजी अस्पताल में उपचार के बाद अब उसकी स्थिति बेहतर है।
सेक्टर-16 स्थित मैरिंगो एशिया अस्पताल में पेट एवं लिवर रोग विभाग के निदेशक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. बीर सिंह सहरावत ने बताया कि बच्चे को बुखार, पीलिया, पेट में दर्द और उल्टी की समस्या से दिमाग में सूजन के कारण वह ठीक से बोल भी नहीं पा रहा था। हालत लगातार बिगड़ती देख उसे आईसीयू में एडमिट किया गया। जांच करने पर पता चला कि बाहर के दूषित भोजन के सेवन से हेपेटाइटिस ए का कीटाणु बच्चे के अंदर गया। हेपेटाइटिस ए वायरस ने बच्चे के लिवर पर हमला किया। इस कारण बच्चे का लिवर एकाएक फेल हो गया था। मरीज की दो बार प्लाज्मा थेरेपी की गई। इसमें खून में नया प्लाज्मा बदला गया। कुछ दिन वेंटीलेटर पर रहने के बाद मरीज की हालत में सुधार हुआ। बच्चे को बिना लिवर ट्रांसप्लांट किए वेंटिलेटर से बाहर निकाल लिया गया।
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