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हेडर:134ए तहत दाखिले: आरक्षित रिक्त सीटों का ब्यौरा न देने वाले स्कूलों में भी होंगे दाखिले
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134ए तहत दाखिले: आरक्षित रिक्त सीटों का ब्योरा न देने वाले स्कूलों में भी होंगे दाखिले
फरीदाबाद। निजी स्कूलों में 134ए के तहत आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के दाखिले के लिए सीटों का ब्योरा न देने वाले स्कूलों में भी इस वर्ष दाखिले किए जाएंगे। शिक्षा विभाग ने इस तरह के स्कूलों में सीटें रिक्त मानकर विद्यार्थी दाखिले के लिए स्कूल आवंटित करने का फैसला लिया है।
दरअसल, 134ए के तहत सभी निजी स्कूलों को कक्षावार रिक्त सीटों का विवरण 25 मार्च शिक्षा विभाग के साथ साझा करना था। इसमें केवल 134 स्कूलों ने ही विभाग के निर्देशों पर गंभीरता बरती। जिले के कई नामी स्कूलों सहित अन्य ने इस संबंध में विभाग को जानकारी नहीं दी है। ऐसे में शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने निर्णय लिया है कि कक्षावार कुछ सीटें रिक्त मानकर इन स्कूलों में भी दाखिले किए जाएंगे।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी शशि अहलावत का कहना है कि निजी स्कूल शिक्षा विभाग सहित निदेशालय के निर्देशों की अवमानना कर रहे हैं। यह स्थिति गंभीर है। जबकि प्रत्येक निजी स्कूल में नियम अनुसार, 10 फीसदी सीटें आरक्षित हैं। इस नियम के आधार पर ही गरीब परिवार के बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ने का मौका दिया जा रहा है। निजी स्कूल दाखिले को टाल नहीं सकते। इस संबंध में नोटिस जारी कर दिया गया है।
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फरीदाबाद। निजी स्कूलों में 134ए के तहत आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के दाखिले के लिए सीटों का ब्योरा न देने वाले स्कूलों में भी इस वर्ष दाखिले किए जाएंगे। शिक्षा विभाग ने इस तरह के स्कूलों में सीटें रिक्त मानकर विद्यार्थी दाखिले के लिए स्कूल आवंटित करने का फैसला लिया है।
दरअसल, 134ए के तहत सभी निजी स्कूलों को कक्षावार रिक्त सीटों का विवरण 25 मार्च शिक्षा विभाग के साथ साझा करना था। इसमें केवल 134 स्कूलों ने ही विभाग के निर्देशों पर गंभीरता बरती। जिले के कई नामी स्कूलों सहित अन्य ने इस संबंध में विभाग को जानकारी नहीं दी है। ऐसे में शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने निर्णय लिया है कि कक्षावार कुछ सीटें रिक्त मानकर इन स्कूलों में भी दाखिले किए जाएंगे।
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जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी शशि अहलावत का कहना है कि निजी स्कूल शिक्षा विभाग सहित निदेशालय के निर्देशों की अवमानना कर रहे हैं। यह स्थिति गंभीर है। जबकि प्रत्येक निजी स्कूल में नियम अनुसार, 10 फीसदी सीटें आरक्षित हैं। इस नियम के आधार पर ही गरीब परिवार के बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ने का मौका दिया जा रहा है। निजी स्कूल दाखिले को टाल नहीं सकते। इस संबंध में नोटिस जारी कर दिया गया है।
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