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खाली पड़े आवासों में गरीब परिवारों को बसाने की मांग

Tue, 31 Jul 2018 08:56 PM IST
Updated Tue, 31 Jul 2018 08:56 PM IST
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खाली पड़े आवासों में गरीब परिवारों को बसाने की मांग

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खाली पड़े आवासों में गरीब परिवारों को बसाने की मांग
- दस साल पहले बनाई गई थी कॉलोनियां
- उपमहापौर ने निगम आयुक्त को पत्र लिख इनका सदुपयोग करने की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। झुग्गी झोपड़ियों में रहने वालों के पुनर्वास के लिए दस साल पहले तैयार किए गए करीब 2500 आवास दस साल बाद भी खाली रहने पर उपमहापौर मनमोहन गर्ग ने गंभीर रुख अपनाया है। उपमहापौर ने निगम आयुक्त को पत्र लिख कर इन परिवारों को उनके लिए आवंटित आवास में शिफ्ट कराने की मांग की है।

उपमहापौर मनमोहन गर्ग के मुताबिक झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए नगर निगम ने वर्ष 2008-09 के दौरान झाड़सेतली गांव में 700 और डबुआ कॉलोनी के पास 1800 आवास तैयार करवाए थे। फिल्म निर्माता सुभाष घई की सूरजकुंड स्थित जमीन पर बहुत से परिवारों ने झुग्गी झोपड़ी बना ली थीं। कोर्ट ने जमीन को खाली कर इन परिवारों को आवास देने के आदेश राज्य सरकार को दिए थे। कोर्ट के आदेश पर डबुआ कॉलोनी के पास 1800 आवास बनाए गए थे। उनके मुताबिक दस साल बीतने के बाद भी प्रशासन उन झुग्गी वालों को अपने आवास में शिफ्ट नहीं करवा सका है। खाली पड़े मकानों में अराजकत्वों ने कब्जा कर रखा है जो आसपास रहने वाले शरीफ लोगों की परेशानी का सबब हैं। उन्होंने निगम आयुक्त मो. शाईन से मांग की है कि जनहित में विभिन्न स्थानों पर बसी अवैध मलिन बस्तियों के लोगों को यह मकान अलॉट कर सरकारी संपत्ति को नुकसान और अवैध कब्जे से बचाया जाए।
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