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Faridabad News: पार्ट टाइम जॉब का झांसा देकर 8.41 लाख ठगे
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पहले व्हाट्सएप पर संपर्क किया, फिर टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर दिया वारदात को अंजाम
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। पार्ट टाइम जॉब का झांसा देकर सेक्टर-58 में रहने वाले व्यक्ति से लगभग 8 लाख 41 हजार रुपये ठग लिए गए। आरोपियों ने पहले व्हाट्सएप पर संपर्क किया और फिर टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर प्रीपेड टास्क के बहाने निवेश कराने लगे। मुनाफे के तौर पर इनके खाते में 60 हजार रुपये भी ट्रांसफर किए गए। लेकिन बाद में न तो मुनाफा मिला और न रुपये वापस किए गए। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम थाना एनआईटी पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।
पुलिस को ये शिकायत देने वाले मदन लाल का कहना है कि 14 जनवरी को उन्हें व्हाट्सएप पर पार्ट टाइम जॉब का मैसेज आया था। फिर एक वेबसाइट का लिंक देकर उस पर रजिस्ट्रेशन कराया गया। बाद में एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया गया। उन्हें बताया गया कि निवेश करने पर मुनाफे के साथ रुपये वापस मिल जाएंगे। कई दिनों के दौरान इनसे टास्क के बहाने 8 लाख 41 हजार 676 रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। आरोपियों ने 60 हजार रुपये रिफंड भी किए थे। लेकिन बाद में कोई राशि इन्हें रिफंड नहीं दी गई। उल्टे रिफंड के नाम पर भी चार्ज बताकर रुपये ट्रांसफर करा लिए। साइबर क्राइम थाना एनआईटी की टीम अब मामले में कार्रवाई कर रही है।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। पार्ट टाइम जॉब का झांसा देकर सेक्टर-58 में रहने वाले व्यक्ति से लगभग 8 लाख 41 हजार रुपये ठग लिए गए। आरोपियों ने पहले व्हाट्सएप पर संपर्क किया और फिर टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर प्रीपेड टास्क के बहाने निवेश कराने लगे। मुनाफे के तौर पर इनके खाते में 60 हजार रुपये भी ट्रांसफर किए गए। लेकिन बाद में न तो मुनाफा मिला और न रुपये वापस किए गए। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम थाना एनआईटी पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।
पुलिस को ये शिकायत देने वाले मदन लाल का कहना है कि 14 जनवरी को उन्हें व्हाट्सएप पर पार्ट टाइम जॉब का मैसेज आया था। फिर एक वेबसाइट का लिंक देकर उस पर रजिस्ट्रेशन कराया गया। बाद में एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया गया। उन्हें बताया गया कि निवेश करने पर मुनाफे के साथ रुपये वापस मिल जाएंगे। कई दिनों के दौरान इनसे टास्क के बहाने 8 लाख 41 हजार 676 रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। आरोपियों ने 60 हजार रुपये रिफंड भी किए थे। लेकिन बाद में कोई राशि इन्हें रिफंड नहीं दी गई। उल्टे रिफंड के नाम पर भी चार्ज बताकर रुपये ट्रांसफर करा लिए। साइबर क्राइम थाना एनआईटी की टीम अब मामले में कार्रवाई कर रही है।
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