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दो डोज ले चुके 81 वर्षीय कृष्ण लाल का टीकाकरण रद्द
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फरीदाबाद। सेवाओं की बेहतरी व प्रबंधन का दम भरने वाले स्वास्थ्य विभाग से परेशान होकर 81 वर्षीय कृष्ण लाल अपने टीकाकरण का सबूत लेने पहुंचे। बुजुर्ग के अनुसार उन्होंने कोविशील्ड की दोनों डोज ली। अब तीन महीने बाद मैसेज आया कि उनका टीकाकरण रद्द कर दिया गया है। बुजुर्ग बीके अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि उनके टीकाकरण का कोई रिकॉर्ड नहीं है। ऐसे में उनका पंजीकरण रद्द करना पड़ा। शनिवार को बिना वैक्सीन लगाए ही उनके पंजीकृत मोबाइल पर दूसरी डोज लगने का बधाई संदेश दे दिया गया।
सेक्टर-11 निवासी कृष्ण लाल ने बताया कि वह अप्रैल में ही कोविशील्ड की दोनों डोज ले चुके हैं। इसके लिए उन्होंने ऑनलाइन पंजीकरण कराया था। बावजूद इसके उन्हें टीकाकरण के लिए स्लॉट बुकिंग संदेश आते रहे। अब जुलाई में उन्हें संदेश मिला कि उनका टीकाकरण रद्द हो चुका है। ऐसे में चिंतित होकर यह जानने स्वास्थ्य विभाग पहुंचे कि आखिरकार गड़बड़ हुई कहां। मौके पर आकर पता लगा कि जो टीकाकरण वह करा चुके है, उसका कोई रिकॉर्ड ही स्वास्थ्य विभाग मेंटेन नहीं कर सका है। ऐसे में विभाग यह प्रमाणित ही नहीं कर सकता कि उन्होंने दोनों डोज ले ली हैं।
कृष्ण लाल के बेटे रवि ने बताया कि उनके परिवार में आठ लोग हैं। सभी ने निजी अस्पताल में टीकाकरण कराया था। उनके साथ कोई परेशानी नहीं आई। उधर, उनके पिता कृष्ण लाल को सरकार की ओर से बुजुर्गों के टीकाकरण की सुविधा मिलते ही उन्होंने बीके सिविल अस्पताल में टीकाकरण कराया। पिता के टीकाकरण का कोई प्रमाण न होने से परिवार चिंतित तो हुआ ही। साथ ही टीकाकरण रद्द होने के संदेश से चिंता में पड़ गए कि कहीं कोई गड़बड़ तो नहीं।
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वर्जन-
टीकाकरण में कोई परेशानी नहीं है। अपडेट करने में तकनीकी गड़बड़ी रही होगी। इन कारणों पर संज्ञान लिया जाएगा। - डॉ. रणदीप सिंह पुनिया, सीएमओ
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सेक्टर-11 निवासी कृष्ण लाल ने बताया कि वह अप्रैल में ही कोविशील्ड की दोनों डोज ले चुके हैं। इसके लिए उन्होंने ऑनलाइन पंजीकरण कराया था। बावजूद इसके उन्हें टीकाकरण के लिए स्लॉट बुकिंग संदेश आते रहे। अब जुलाई में उन्हें संदेश मिला कि उनका टीकाकरण रद्द हो चुका है। ऐसे में चिंतित होकर यह जानने स्वास्थ्य विभाग पहुंचे कि आखिरकार गड़बड़ हुई कहां। मौके पर आकर पता लगा कि जो टीकाकरण वह करा चुके है, उसका कोई रिकॉर्ड ही स्वास्थ्य विभाग मेंटेन नहीं कर सका है। ऐसे में विभाग यह प्रमाणित ही नहीं कर सकता कि उन्होंने दोनों डोज ले ली हैं।
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कृष्ण लाल के बेटे रवि ने बताया कि उनके परिवार में आठ लोग हैं। सभी ने निजी अस्पताल में टीकाकरण कराया था। उनके साथ कोई परेशानी नहीं आई। उधर, उनके पिता कृष्ण लाल को सरकार की ओर से बुजुर्गों के टीकाकरण की सुविधा मिलते ही उन्होंने बीके सिविल अस्पताल में टीकाकरण कराया। पिता के टीकाकरण का कोई प्रमाण न होने से परिवार चिंतित तो हुआ ही। साथ ही टीकाकरण रद्द होने के संदेश से चिंता में पड़ गए कि कहीं कोई गड़बड़ तो नहीं।
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