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Faridabad News: 72 वर्षीय महिला का बिना ओपन हार्ट सर्जरी बदला हृदय वाल्व
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। एक निजी अस्पताल में 72 वर्षीय महिला मरीज का ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व रिप्लेसमेंट (टीएवीआर) कर नया हृदय वाल्व सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया गया। डॉक्टरों के अनुसार मरीज गंभीर हार्ट फेल्योर की स्थिति में अस्पताल पहुंची थीं और उनका हृदय केवल 20 प्रतिशत तक काम कर रहा था। जांच में एओर्टिक वाल्व के अत्यधिक संकुचित होने की पुष्टि हुई।
परिजनों ने कई जगह ओपन हार्ट सर्जरी के लिए सलाह ली, लेकिन अधिक जोखिम के कारण सर्जरी से इनकार कर दिया गया। इसके बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने टीएवीआर प्रक्रिया अपनाने का निर्णय लिया। करीब 50 मिनट चली इस जटिल प्रक्रिया में बिना बेहोश किए नया वाल्व प्रत्यारोपित किया गया।
डॉक्टरों ने बताया कि टीएवीआर एक न्यूनतम इनवेसिव तकनीक है, जिसमें कैथेटर के जरिये नया वाल्व हृदय तक पहुंचाया जाता है। उपचार के बाद मरीज की हालत में सुधार हुआ है और हृदय की कार्यक्षमता बढ़कर 55 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
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फरीदाबाद। एक निजी अस्पताल में 72 वर्षीय महिला मरीज का ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व रिप्लेसमेंट (टीएवीआर) कर नया हृदय वाल्व सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया गया। डॉक्टरों के अनुसार मरीज गंभीर हार्ट फेल्योर की स्थिति में अस्पताल पहुंची थीं और उनका हृदय केवल 20 प्रतिशत तक काम कर रहा था। जांच में एओर्टिक वाल्व के अत्यधिक संकुचित होने की पुष्टि हुई।
परिजनों ने कई जगह ओपन हार्ट सर्जरी के लिए सलाह ली, लेकिन अधिक जोखिम के कारण सर्जरी से इनकार कर दिया गया। इसके बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने टीएवीआर प्रक्रिया अपनाने का निर्णय लिया। करीब 50 मिनट चली इस जटिल प्रक्रिया में बिना बेहोश किए नया वाल्व प्रत्यारोपित किया गया।
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डॉक्टरों ने बताया कि टीएवीआर एक न्यूनतम इनवेसिव तकनीक है, जिसमें कैथेटर के जरिये नया वाल्व हृदय तक पहुंचाया जाता है। उपचार के बाद मरीज की हालत में सुधार हुआ है और हृदय की कार्यक्षमता बढ़कर 55 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
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