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सूरजकुंड मेला: इस बार तीन वीकएंड, 17 दिन चलेगा मेला
Updated Thu, 05 Oct 2017 11:39 PM IST
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सूूरजकुंड मेला: इस बार तीन वीकएंड, 17 दिन चलेगा मेला
-पर्यटन विभाग के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री ने लगाई सहमति की मोहर
अमित भाटिया
फरीदाबाद।
अगले साल फरवरी में लगने वाले सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में दर्शकों को घूमने के लिए तीन वीकएंड (शनिवार व रविवार) मिलेंगे। इतना ही नहीं मेले की अवधि भी 15 दिन से बढ़कर 17 दिन होगी। पर्यटन विभाग के प्रस्ताव पर प्रदेश सरकार से हरीझंडी मिलने के बाद विभाग ने मेले को लेकर तेजी से तैयारियां शुरू कर दी हैं।
सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला प्रतिवर्ष एक फरवरी से 15 फरवरी तक लगाया जाता है। इन 15 दिनों के दौरान मेले में दो वीकएंड आते हैं, जिसमें दर्शकों की भारी भीड़ रहती है और शिल्पकारों की भी खूब बिक्री होती है। ऐसे में पिछले काफी समय से शिल्पकार मांग कर रहे थे कि मेले की अवधि इस तरह बढ़ाई जाए कि उन्हें तीन वीकएंड मिलें। इस साल फरवरी में लगे मेले में मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि मेला शनिवार को शुरू किया जाएगा और रविवार को समाप्त होगा। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद पर्यटन विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय, केंद्रीय पर्यटन सचिव तथा सूरजकुंड मेला प्राधिकरण के चेयरमैन के पास भेजा। योजना के अनुसार, अगले साल फरवरी में लगने वाले हस्तशिल्प मेले का शुभारंभ 2 फरवरी को होगा और वह जनता के लिए शनिवार 3 फरवरी को खोल दिया जाएगा तथा मेले का समापन रविवार 18 फरवरी 201ं8 कोश होगा। ऐसे में दर्शकों को तीन वीकएंड मिलने के साथ-साथ मेले की अवधि 15 दिन से बढ़कर 17 दिन हो जाएगी। पर्यटन विभाग के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने सहमति की मोहर लगा दी है।
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इस बार साल में दो बार नहीं उठा सकेंगे लुत्फ
इस साल फरवरी में आयोजित हुए सूरजकुंड मेले के दौरान शिल्पकारों व पर्यटन विभाग की मांग पर मेला साल में दो बार आयोजित करने की बात सीएम ने कही थी। हालांकि, फरवरी में मेला दो बार आयोजित नहीं होगा, लेकिन मेले की अवधि बढ़ाकर शिल्पकारों को राहत देने का काम जरूर किया गया है।
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पर्यटन विभाग ने वीकएंड से मेला शुरू करने तथा वीकएंड पर ही समाप्त करने का प्रस्ताव बनाकर सरकार के पास भेजा था, जिस पर सरकार की मंजृूरी मिल चुकी है और उसी के अनुरूप पर्यटन विभाग ने कार्य भी शुरू कर दिया। मेले के थीम स्टेट के लिए उत्तर प्रदेश का नाम फाइनल है, मगर अभी उनकी तरफ से सहमति पत्र नहीं आया है। जल्द ही वह भी आ जाएगा।
- राजेश जून, नोडल अधिकारी, सूरजकुंड मेला प्राधिकरण
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-पर्यटन विभाग के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री ने लगाई सहमति की मोहर
अमित भाटिया
फरीदाबाद।
अगले साल फरवरी में लगने वाले सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में दर्शकों को घूमने के लिए तीन वीकएंड (शनिवार व रविवार) मिलेंगे। इतना ही नहीं मेले की अवधि भी 15 दिन से बढ़कर 17 दिन होगी। पर्यटन विभाग के प्रस्ताव पर प्रदेश सरकार से हरीझंडी मिलने के बाद विभाग ने मेले को लेकर तेजी से तैयारियां शुरू कर दी हैं।
सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला प्रतिवर्ष एक फरवरी से 15 फरवरी तक लगाया जाता है। इन 15 दिनों के दौरान मेले में दो वीकएंड आते हैं, जिसमें दर्शकों की भारी भीड़ रहती है और शिल्पकारों की भी खूब बिक्री होती है। ऐसे में पिछले काफी समय से शिल्पकार मांग कर रहे थे कि मेले की अवधि इस तरह बढ़ाई जाए कि उन्हें तीन वीकएंड मिलें। इस साल फरवरी में लगे मेले में मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि मेला शनिवार को शुरू किया जाएगा और रविवार को समाप्त होगा। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद पर्यटन विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय, केंद्रीय पर्यटन सचिव तथा सूरजकुंड मेला प्राधिकरण के चेयरमैन के पास भेजा। योजना के अनुसार, अगले साल फरवरी में लगने वाले हस्तशिल्प मेले का शुभारंभ 2 फरवरी को होगा और वह जनता के लिए शनिवार 3 फरवरी को खोल दिया जाएगा तथा मेले का समापन रविवार 18 फरवरी 201ं8 कोश होगा। ऐसे में दर्शकों को तीन वीकएंड मिलने के साथ-साथ मेले की अवधि 15 दिन से बढ़कर 17 दिन हो जाएगी। पर्यटन विभाग के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने सहमति की मोहर लगा दी है।
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इस बार साल में दो बार नहीं उठा सकेंगे लुत्फ
इस साल फरवरी में आयोजित हुए सूरजकुंड मेले के दौरान शिल्पकारों व पर्यटन विभाग की मांग पर मेला साल में दो बार आयोजित करने की बात सीएम ने कही थी। हालांकि, फरवरी में मेला दो बार आयोजित नहीं होगा, लेकिन मेले की अवधि बढ़ाकर शिल्पकारों को राहत देने का काम जरूर किया गया है।
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पर्यटन विभाग ने वीकएंड से मेला शुरू करने तथा वीकएंड पर ही समाप्त करने का प्रस्ताव बनाकर सरकार के पास भेजा था, जिस पर सरकार की मंजृूरी मिल चुकी है और उसी के अनुरूप पर्यटन विभाग ने कार्य भी शुरू कर दिया। मेले के थीम स्टेट के लिए उत्तर प्रदेश का नाम फाइनल है, मगर अभी उनकी तरफ से सहमति पत्र नहीं आया है। जल्द ही वह भी आ जाएगा।
- राजेश जून, नोडल अधिकारी, सूरजकुंड मेला प्राधिकरण