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Faridabad News: प्रतापगढ़ एसटीपी को जोड़ने वाली 70 किमी लंबी सीवर लाइनों की होगी सफाई
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योजना पर 25 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे, बारिश में नहीं होगा जलभराव
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बारिश में जलभराव से निजात दिलाने के लिए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी है। प्रतापगढ़ स्थित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट को जोड़ने वाली करीब 70 किलोमीटर लंबी सीवर लाइनों की विशेष सफाई कराई जाएगी। इससे सीवर और बारिश की लाइनों का पानी जल्दी एसटीपी तक पहुंच सकेगा। इसके लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। इस योजना पर करीब 25 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
स्मार्ट सिटी में करीब 640 किलोमीटर लंबी सीवरेज लाइनें हैं। इनमें से एक तिहाई करीब 200 किलोमीटर लंबी सीवर लाइनों को एफएमडीए को हस्तांतरित किया गया हैं। वहीं स्मार्ट सिटी में बारिश के दौरान जलभराव की काफी समस्या है। कुछ देर की बारिश में सड़कें पानी से लबालब भर जाती हैं। सेक्टर व कॉलोनियों के साथ मुख्य सड़कों पर घुटनाें तक पानी भर जाता है। इससे जहां सड़कों पर यातायात व्यवस्था ठप हो जाती है वहीं, लोगों को भारी समस्या का सामना करना पड़ता है। अंडरपास में पानी से जान पर खतरा बन जाता है। पिछले दिनों हुई बारिश के दौरान ओल्ड फरीदाबाद अंडरपास में जलभराव होने से गुरुग्राम से ड्यूटी कर लौट रहे कार सवार दो बैंक कर्मियों की डूबने से मौत हो गई थी। इसके अलावा जगह-जगह बारिश के पानी की निकासी के लिए बने नाले गंदगी से जाम पड़े हैं। सीवर लाइनों की बेहतर ढंग से सफाई नहीं होने के कारण ओवरफ्लो होकर गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। सबसे ज्यादा खराब हालत जवाहर कॉलोनी, पर्वतीय कॉलोनी, नंगला सरपंच चौक, संजय कॉलोनी, सेक्टर-55, गौंछी गांव, जीवन नगर आदि इलाकों में बनी हुई है। वहीं, राज्य सरकार ने वर्ष 2023 में शहर में सीवेज सिस्टम के कायाकल्प पर 977 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की थी। अब सीवर व्यवस्था दुरुस्त करने की दिशा कार्य शुरू कर दिया गया है।
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100 एमएलडी है एसटीपी की क्षमता
प्रतापगढ़ एसटीपी की क्षमता करीब 100 एमएलडी हैं। लेकिन, एनआईटी क्षेत्र के अलग-अलग क्षेत्रों से सीवर और बरसाती पानी लाइनों से करीब 20 एमएलडी पानी ही एसटीपी तक पहुंच रहा है। एफएमडीए के अधिकारियों ने बताया कि बारिश के पानी निकासी की लाइनों को कहीं सीवर लाइनों से जोड़ दिया गया है तो कहीं सीवर लाइनों का पानी बारिश की लाइनों में छोड़ा जा रहा है। वहीं लाइनें जगह-जगह जाम पड़ी है। जिससे जलभराव की समस्या हो रही है।
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वर्जन
प्रतापगढ़ एसटीपी को जोड़ने वाली सीवर लाइनों की सफाई का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। सफाई के दौरान वीडियो ग्राफी कराई जाएगी। जिससे सफाई कार्य में पारदर्शिता बरती जा सके। इसके टेंडर कर दिए गए हैं। सीवर लाइनों की सफाई से पूर्ण मात्रा में पानी एसटीपी तक पहुंचेगा। सेक्टर व कॉलोनियों में सीवर ओवरफ्लो की समस्या खत्म होगी। - विशाल बंसल, मुख्य अभियंता, एफएमडीए
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बारिश में जलभराव से निजात दिलाने के लिए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी है। प्रतापगढ़ स्थित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट को जोड़ने वाली करीब 70 किलोमीटर लंबी सीवर लाइनों की विशेष सफाई कराई जाएगी। इससे सीवर और बारिश की लाइनों का पानी जल्दी एसटीपी तक पहुंच सकेगा। इसके लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। इस योजना पर करीब 25 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
स्मार्ट सिटी में करीब 640 किलोमीटर लंबी सीवरेज लाइनें हैं। इनमें से एक तिहाई करीब 200 किलोमीटर लंबी सीवर लाइनों को एफएमडीए को हस्तांतरित किया गया हैं। वहीं स्मार्ट सिटी में बारिश के दौरान जलभराव की काफी समस्या है। कुछ देर की बारिश में सड़कें पानी से लबालब भर जाती हैं। सेक्टर व कॉलोनियों के साथ मुख्य सड़कों पर घुटनाें तक पानी भर जाता है। इससे जहां सड़कों पर यातायात व्यवस्था ठप हो जाती है वहीं, लोगों को भारी समस्या का सामना करना पड़ता है। अंडरपास में पानी से जान पर खतरा बन जाता है। पिछले दिनों हुई बारिश के दौरान ओल्ड फरीदाबाद अंडरपास में जलभराव होने से गुरुग्राम से ड्यूटी कर लौट रहे कार सवार दो बैंक कर्मियों की डूबने से मौत हो गई थी। इसके अलावा जगह-जगह बारिश के पानी की निकासी के लिए बने नाले गंदगी से जाम पड़े हैं। सीवर लाइनों की बेहतर ढंग से सफाई नहीं होने के कारण ओवरफ्लो होकर गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। सबसे ज्यादा खराब हालत जवाहर कॉलोनी, पर्वतीय कॉलोनी, नंगला सरपंच चौक, संजय कॉलोनी, सेक्टर-55, गौंछी गांव, जीवन नगर आदि इलाकों में बनी हुई है। वहीं, राज्य सरकार ने वर्ष 2023 में शहर में सीवेज सिस्टम के कायाकल्प पर 977 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की थी। अब सीवर व्यवस्था दुरुस्त करने की दिशा कार्य शुरू कर दिया गया है।
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100 एमएलडी है एसटीपी की क्षमता
प्रतापगढ़ एसटीपी की क्षमता करीब 100 एमएलडी हैं। लेकिन, एनआईटी क्षेत्र के अलग-अलग क्षेत्रों से सीवर और बरसाती पानी लाइनों से करीब 20 एमएलडी पानी ही एसटीपी तक पहुंच रहा है। एफएमडीए के अधिकारियों ने बताया कि बारिश के पानी निकासी की लाइनों को कहीं सीवर लाइनों से जोड़ दिया गया है तो कहीं सीवर लाइनों का पानी बारिश की लाइनों में छोड़ा जा रहा है। वहीं लाइनें जगह-जगह जाम पड़ी है। जिससे जलभराव की समस्या हो रही है।
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प्रतापगढ़ एसटीपी को जोड़ने वाली सीवर लाइनों की सफाई का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। सफाई के दौरान वीडियो ग्राफी कराई जाएगी। जिससे सफाई कार्य में पारदर्शिता बरती जा सके। इसके टेंडर कर दिए गए हैं। सीवर लाइनों की सफाई से पूर्ण मात्रा में पानी एसटीपी तक पहुंचेगा। सेक्टर व कॉलोनियों में सीवर ओवरफ्लो की समस्या खत्म होगी। - विशाल बंसल, मुख्य अभियंता, एफएमडीए